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Aaj Ka Choghadiya 19 January 2026: सोमवार को गुप्त नवरात्रि, सर्वार्थ सिद्धि योग और उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का दुर्लभ संयोग, कौन-सा समय रहेगा सबसे शुभ? जानें पूजा और कार्यों का सही मुहूर्त

19 जनवरी 2026 सोमवार को गुप्त नवरात्रि का शुभ आरंभ, सर्वार्थ सिद्धि योग और उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का दुर्लभ संयोग बन रहा है। आज का चौघड़िया पूजा, घट स्थापना, तंत्र साधना, व्यापार और नए कार्यों की शुरुआत के लिए अत्यंत शुभ है। जानें दिन और रात के अमृत, लाभ, शुभ, काल, रोग व उद्वेग चौघड़िया का सही समय और आज के विशेष आध्यात्मिक उपाय।
Editorial
Updated:- 2026-01-19, 07:30 IST

19 जनवरी 2026 आज सोमवार, माघ मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि है। आज से गुप्त नवरात्रि का पावन पर्व प्रारम्भ हो रहा है। यह नवरात्रि प्रकट नवरात्रियों से भिन्न होती है, क्योंकि इसमें दस महाविद्याओं की गुप्त साधना की जाती है। सोमवार का दिन भगवान शिव का है और नवरात्रि शक्ति की उपासना का पर्व है। अतः आज शिव और शक्ति के मिलन का अद्भुत संयोग है। आज उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। उत्तराषाढ़ा का अर्थ है बाद की जीत या स्थायी विजय। यह नक्षत्र जिस भी कार्य की शुरुआत कराता है, उसमें निश्चित सफलता और स्थिरता मिलती है। सबसे विशेष बात यह है कि आज सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है। यह योग सभी कार्यों को सिद्ध करने वाला माना जाता है।

आज के दिन का आध्यात्मिक महत्व-

गुप्त नवरात्रि तंत्र साधना और विशेष कामना पूर्ति के लिए जानी जाती है। आज उत्तराषाढ़ा नक्षत्र होने से विश्वदेव जो की नक्षत्र देवता हैं आज उनका आशीर्वाद मिलता है, जिससे व्यक्ति के मान-सम्मान में वृद्धि होती है। सर्वार्थ सिद्धि योग के कारण आज मुहूर्त देखने की विशेष आवश्यकता नहीं होती, आज किया गया कोई भी शुभ कार्य विशेषकर पूजा-पाठ, खरीदारी, नया व्यापार सफल होता है। आज के दिन देवी दुर्गा के साथ भगवान शिव का अभिषेक करना दांपत्य जीवन की कलह को समाप्त करता है।

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दिन का चौघड़िया – 19 जनवरी 2026 (सूर्योदय से सूर्यास्त तक)

आज सोमवार है, इसलिए दिन की शुरुआत अमृत चौघड़िया से हो रही है। यह गुप्त नवरात्रि की शुरुआत के लिए सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त है।

  • अमृत चौघड़िया में सूर्योदय के साथ ही अमृत योग का होना अत्यंत शुभ है। गुप्त नवरात्रि की घट स्थापना , संकल्प लेने और देवी पूजन के लिए यह समय सबसे उत्तम है। सर्वार्थ सिद्धि योग भी इसी समय प्रभावी रहेगा। इसके बाद काल चौघड़िया आएगा।
  • काल चौघड़िया सोमवार को सुबह राहुकाल का भी प्रभाव रहता है और यहाँ काल चौघड़िया भी है। इसलिए इस डेढ़ घंटे के दौरान घट स्थापना या कोई नया कार्य शुरू करने से बचें। केवल मानसिक जाप करें। मध्य सुबह में शुभ चौघड़िया स्थिति को सुधारेगा।
  • शुभ चौघड़िया यदि आप सुबह जल्दी पूजा नहीं कर पाए, तो घट स्थापना या पूजा के लिए यह दूसरा सबसे अच्छा मुहूर्त है। यह समय घर को सजाने और सात्विक कार्य करने के लिए उत्तम है , दोपहर में रोग और उद्वेग चौघड़िया रहेंगे।
  • रोग चौघड़िया शरीर में आलस्य या पूजा-पाठ की थकान महसूस हो सकती है।
  • उद्वेग चौघड़िया मन थोड़ा अशांत रह सकता है। इस समय किसी से वाद-विवाद न करें। दोपहर बाद चल चौघड़िया आएगा।
  • चल चौघड़िया यह समय सामान्य है। यात्रा या बाजार के कार्यों के लिए इसका उपयोग किया जा सकता है।
  • दिन के अंत में लाभ और अमृत चौघड़िया का अति शुभ समय फिर से आएगा।
  • लाभ चौघड़िया संध्या पूजन की तैयारी और व्यापारिक लाभ के लिए यह समय श्रेष्ठ है।
  • अमृत चौघड़िया दिन का समापन अमृत चौघड़िया से होगा। गुप्त नवरात्रि की पहली शाम की आरती और दीप प्रज्वलन के लिए यह समय बहुत पवित्र है।

 

दिन के चौघड़िया समय

मुहूर्त का नाम     समय
अमृत 06:53 बजे से 08:14 बजे तक 
काल 08:14 बजे से 09:35 बजे तक 
शुभ 09:35 बजे से 10:56 बजे तक 
रोग 10:56 बजे से 12:17 बजे तक 
उद्वेग 12:17 बजे से 01:38 बजे तक 
चल 01:38 बजे से 02:59 बजे तक
लाभ 02:59 बजे से 04:20 बजे तक 
अमृत 04:20 बजे से 05:41 बजे तक 

रात का चौघड़िया – (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक)

choghadiya today

गुप्त नवरात्रि में रात की पूजा का सबसे अधिक महत्व होता है।

  • शाम की शुरुआत चल चौघड़िया से होगी।
  • चल चौघड़िया यह समय मंदिर दर्शन और सामान्य कार्यों के लिए ठीक है। इसके बाद रोग और काल चौघड़िया आएंगे।
  • रोग चौघड़िया स्वास्थ्य का ध्यान रखें। गरिष्ठ भोजन से बचें।
  • काल चौघड़िया यह समय नकारात्मक ऊर्जा का हो सकता है। यदि आप कोई विशेष तंत्र साधना नहीं कर रहे हैं, तो इस समय शांत रहें।
  • रात्रि के मध्य में लाभ चौघड़िया आएगा। यह गुप्त नवरात्रि की साधना का मुख्य समय है।
  • लाभ चौघड़िया निशिता काल के करीब का यह समय 10 महाविद्याओं के मंत्र जाप और गुप्त अनुष्ठान के लिए है। उत्तराषाढ़ा नक्षत्र की स्थिरता इस समय की गई पूजा को सफल बनाती है। देर रात उद्वेग चौघड़िया रहेगा।
  • उद्वेग चौघड़िया मन में भय या बुरे स्वप्न आ सकते हैं। शिव मंत्र का जाप करते हुए सोएं। ब्रह्म मुहूर्त में शुभ और अमृत चौघड़िया का दिव्य संयोग बनेगा।
  • शुभ चौघड़िया ध्यान और योग के लिए उत्तम समय।
  • अमृत चौघड़िया ब्रह्म मुहूर्त की साधना और अगले दिन की सकारात्मक शुरुआत के लिए यह समय सर्वश्रेष्ठ है।
  • सुबह चल चौघड़िया के साथ नए दिन का शुभारम्भ होगा।

रात के चौघड़िया समय

मुहूर्त का नाम   समय
चल 05:41 बजे से 07:20 बजे तक
रोग 07:20 बजे से 08:59 बजे तक
काल 08:59 बजे से 10:38 बजे तक
लाभ 10:38 बजे से 12:17 बजे तक
उद्वेग 12:17 बजे से 01:56 बजे तक
शुभ 01:56 बजे से 03:35 बजे तक
अमृत 05:14 बजे से 06:53 बजे तक

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