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UP Board Fraud Alert: 5 हजार में डिग्री देने वालों का राजफाश, स्टूडेंट ऐसे करें नकली बोर्ड वेबसाइट की पहचान

साइबर सेल ने यूपी बोर्ड के नाम पर चल रहे एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह इंटरनेट पर विज्ञापन देकर छात्रों को 5 हजार रुपये में फर्जी डिग्री और मार्कशीट बेचता था।
Editorial
Updated:- 2026-04-01, 14:58 IST

आज के समय में शिक्षा के क्षेत्र में भी जालसाजी के नए मामले सामने आ रहे हैं। हाल ही में यूपी बोर्ड के नाम पर चल रहे एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश साइबर सेल ने किया, जिसने हजारों छात्रों के फ्यूचर को खतरे में डाल दिया है। साइबर पुलिस ने एक ऐसे गिरोह को पकड़ा है जो इंटरनेट मीडिया पर विज्ञापन देकर फेल छात्रों को पास कराने या फर्जी डिग्री देने का झांसा देकर ठगी कर रहा था। अगर आप भी किसी ऐसी वेबसाइट या विज्ञापन के संपर्क में हैं, तो सावधान हो जाएं। यहाँ इस घोटाले के पूरे प्रोसेस और बचाव के तरीके दिए गए हैं। आज का हमारा लेख इसी विषय पर है। आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि स्टूडेंट नकली बोर्ड वेबसाइट की पहचान कैसे करें? जानते हैं इस लेख के माध्यम से...

कैसे हो रही है ठगी?

यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से काम करता था। नवंबर 2025 में दर्ज हुई रिपोर्ट के अनुसार, आरोपियों ने यूपी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट से मिलती-जुलती एक फेक वेबसाइट तैयार की थी।

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  • जालसाज फेसबुक और अन्य प्लेटफॉर्म पर मार्कशीट में नंबर बढ़ाएं या घर बैठे डिग्री पाएं जैसे लुभावने विज्ञापन चलाते थे।
  • जब कोई छात्र या अभिभावक इनसे संपर्क करता, तो ये सॉफ्टवेयर की मदद से फर्जी होलोग्राम, कॉलेज की मुहर और यूनिवर्सिटी का प्रोफार्मा तैयार कर लेते थे।
  • हाईस्कूल से लेकर ग्रेजुएशन तक की फर्जी डिग्रियां मात्र 5-5 हजार रुपये में बेच दी जाती थीं। छात्रों को लगता था कि उन्हें असली मार्कशीट मिल गई है, जबकि असल में वह केवल रद्दी कागज का टुकड़ा होता था।

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 कैसे करें फर्जी वेबसाइट की पहचान?

  • आपको पता होना चाहिए कि यूपी बोर्ड की एकमात्र आधिकारिक वेबसाइट www.upmsp.edu.in है। जालसाजों ने इसके बीच में एक छोटा सा डैश (-) लगाकर www.upmsp-edu.in जैसी नकली साइट बनाई थी। हमेशा स्पेलिंग और डोमेन (जैसे .edu.in या .gov.in) की जांच करें।

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  • आधिकारिक सरकारी वेबसाइटें हमेशा सुरक्षित होती हैं। ब्राउजर के एड्रेस बार में 'पडलॉक' जरूर देखें। अगर ब्राउज़र 'Not Secure' की चेतावनी दे, तो उस साइट से तुरंत हट जाएं।
  • नकली वेबसाइटों पर अक्सर कई लिंक काम नहीं करते या उन पर क्लिक करने पर संदिग्ध विज्ञापन खुलते हैं। साथ ही, आधिकारिक वेबसाइट पर मुख्यमंत्री या शिक्षा मंत्री की फोटो और बोर्ड के पुराने रिकॉर्ड्स की विस्तृत जानकारी होती है, जो फर्जी साइट्स पर ये सब आपको नहीं मिलेगा।

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Images: Freepik/shutterstock

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