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आज के समय में भारत में एजुकेशन और करियर को लेकर जबरदस्त कंपटीशन है। लोगों की बढ़ती संख्या और सीमित संसाधनों के कारण कुछ परीक्षाएं इतनी ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो गई हैं कि उन्हें पास करना लोहे के चने चबाने जैसा माना जाता है। इन परीक्षाओं की तैयारी के लिए छात्र अपने जीवन के कई साल एक कमरे में बंद होकर गुजार देते हैं। ऐसे में ये जानना तो बनता है कि कौन-सी ऐसी परीक्षाएं हैं जो सबसे ज्यादा कठिन हैं। इस लेख के माध्यम से भारत की उन 5 सबसे कठिन परीक्षाओं के बारे में बताएंगे, जो किसी भी छात्र के धैर्य और बुद्धिमानी की असली परीक्षा लेती है। जानते हैं इस लेख के माध्यम से...
भारतीय सिविल सेवा परीक्षा को देश की सबसे कठिन परीक्षा माना जाता है। इसके जरिए आईएएस (IAS) और आईपीएस (IPS) जैसे पद मिलते हैं। इसकी कठिनाई का मेन कारण तीन चरणों में होने वाली इसकी चयन प्रक्रिया है।—प्रारंभिक, मुख्य और इंटरव्यू। इसका सिलेबस इतना बड़ा है कि अभ्यर्थी को इतिहास से लेकर अंतरिक्ष विज्ञान तक सब कुछ पढ़ना पड़ता है।
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इंजीनियरिंग की दुनिया में प्रवेश के लिए होने वाली यह परीक्षा अपने हटकर सवालों के लिए जानी जाती है। इसमें गणित, फिजिक्स और केमिस्ट्री साइंस के ऐसे प्रश्न पूछे जाते हैं, जिन्हें हल करने के लिए हटकर सोचना होता है। हर साल करीब 12-15 लाख छात्र बैठते हैं, लेकिन टॉप आईआईटी संस्थानों में सीटें बहुत कम होती हैं।
इंजीनियरिंग में पोस्ट-ग्रेजुएशन (M.Tech) और सरकारी कंपनियों (PSU) में नौकरी के लिए होने वाली यह परीक्षा टेक्नोलॉजी नॉलेज की गहराई को बताती है। इसमें सवाल सीधे नहीं होते, बल्कि कॉन्सेप्ट्स को घुमाकर पूछा जाता है। इंजीनियरिंग के छात्रों के लिए यह सबसे मुश्किल पड़ाव माना जाता है।
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डॉक्टर बनने का सपना देखने वाले छात्रों के लिए यह एकमात्र रास्ता है। भारत में मेडिकल की सीटें सीमित हैं और उम्मीदवारों की संख्या 20 लाख के पार पहुंच चुकी है। जीव विज्ञान (Biology) के साथ-साथ भौतिक (Physics) के कठिन सवालों को बहुत कम समय में हल करना होता है। यहां मुकाबला इतना मुश्किल है कि एक गलत उत्तर आपको हजारों रैंक पीछे ले जा सकता है।

भारत के टॉप मैनेजमेंट संस्थानों (IIMs) में एडमिशन के लिए यह परीक्षा आयोजित की जाती है। यहां केवल सवालों का सही होना जरूरीनहीं होता, बल्कि समय भी जरूरी है। डेटा इंटरप्रिटेशन और लॉजिकल रीजनिंग के खंड इतने ज्यादा मुश्किल होते हैं कि छात्र अक्सर दबाव में बिखर जाते हैं।
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