shattila ekadashi 2026 bhog

Shattila Ekadashi Bhog 2026: षटतिला एकादशी पर ये 5 भोग लगाकर भगवान विष्णु को करें प्रसन्न

शास्त्रों के अनुसार, षटतिला एकादशी पर तिल का छह प्रकार से उपयोग करने का विधान है जिससे जाने-अनजाने में हुए पापों का नाश होता है। भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए भक्त इस दिन व्रत रखते हैं और श्रद्धापूर्वक पूजन करते हैं। 
Editorial
Updated:- 2026-01-13, 13:49 IST

हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है और माघ मास के कृष्ण पक्ष में आने वाली षटतिला एकादशी का स्थान बेहद खास माना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की आराधना मुख्य रूप से तिल के माध्यम से की जाती है। शास्त्रों के अनुसार, इस एकादशी पर तिल का छह प्रकार से उपयोग करने का विधान है जिससे जाने-अनजाने में हुए पापों का नाश होता है। भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए भक्त इस दिन व्रत रखते हैं और श्रद्धापूर्वक पूजन करते हैं। मान्यता है कि जो व्यक्ति इस दिन विधि-विधान से पूजन और विशेष भोग अर्पण करता है उसे मोक्ष और वैकुंठ धाम की प्राप्ति होती है। आइये जानते हैं इस बारे में वृंदावन के ज्योतिषाचार्य राधाकांत वत्स से विस्तार में। 

षटतिला एकादशी पर लगाएं तिल के लड्डू का भोग

षटतिला एकादशी के नाम में ही तिल का महत्व छिपा है। इस दिन भगवान विष्णु को तिल के लड्डू का भोग लगाना सबसे उत्तम माना जाता है। सफेद तिल को भूनकर गुड़ या चीनी के साथ बनाए गए ये लड्डू न केवल शुद्ध होते हैं बल्कि भगवान को अत्यंत प्रिय भी हैं। ऐसा माना जाता है कि इस दिन तिल का भोग लगाने से व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक कष्टों से मुक्ति मिलती है और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है।

shattila ekadashi 2026 ka bhog

षटतिला एकादशी पर लगाएं पंचामृत का भोग 

भगवान विष्णु की पूजा पंचामृत के बिना अधूरी मानी जाती है। दूध, दही, घी, शहद और शक्कर के मिश्रण से बना पंचामृत भगवान को अर्पित करने से वे अति शीघ्र प्रसन्न होते हैं। षटतिला एकादशी पर इस पंचामृत में तुलसी का पत्ता डालना अनिवार्य है। ध्यान रहे कि एकादशी के दिन तुलसी नहीं तोड़ी जाती, इसलिए इसे एक दिन पहले ही तोड़कर रख लेना चाहिए। तुलसी युक्त पंचामृत का भोग लगाने से घर के क्लेश दूर होते हैं।

यह भी पढ़ें- Shattila Ekadashi Daan 2026: नए साल की पहली एकादशी के दिन करें इन चीजों का दान, बढ़ेगा सुख-सौभाग्य

षटतिला एकादशी पर लगाएं पंजीरी का भोग 

साधारण पंजीरी के बजाय इस विशेष दिन पर तिल मिश्रित पंजीरी का भोग लगाना बहुत शुभ होता है। धनिये या आटे की पंजीरी में भुने हुए तिल मिलाकर इसे तैयार किया जाता है। यह भोग भगवान विष्णु के साथ-साथ माता लक्ष्मी को भी प्रिय है। इस भोग को अर्पण करने से भक्त की आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं और उसे आरोग्य या अच्छे स्वास्थ्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

shattila ekadashi bhog 2026

षटतिला एकादशी पर लगाएं तिल की खीर का भोग

भगवान विष्णु को पीला रंग बहुत प्रिय है, इसलिए उन्हें पीतांबर भी कहा जाता है। षटतिला एकादशी पर उन्हें केले, आम या पीले रंग की मिठाई जैसे बेसन के लड्डू या केसरिया बर्फी का भोग जरूर लगाएं। पीला रंग ज्ञान और गुरु का प्रतीक है। इस रंग के खाद्य पदार्थ अर्पित करने से कुंडली में गुरु ग्रह की स्थिति मजबूत होती है और मान-सम्मान में वृद्धि होती है।

यह भी पढ़ें- Shattila Ekadashi Date 2026: 13 या 14 जनवरी, कब है षटतिला एकादशी? सही तिथि के साथ जानें पूजा का शुभ मुहूर्त

षटतिला एकादशी पर लगाएं पीले फल और मिठाई का भोग 

दूध और चावल की खीर तो अक्सर बनती है, लेकिन षटतिला एकादशी पर तिल की खीर का विशेष महत्व है। दूध में कुटे हुए तिल और मेवे डालकर बनाई गई खीर का भोग लगाने से पूर्वजों को भी शांति मिलती है। यह भोग लगाने के बाद इसे प्रसाद के रूप में बांटने से घर की नकारात्मक ऊर्जा खत्म होती है और सकारात्मकता का संचार होता है।

अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।

image credit: herzindagi 

Disclaimer

हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, [email protected] पर हमसे संपर्क करें।

;