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Mauni Amavasya Vrat Niyam 2026: मौनी अमावस्या पर क्यों जरूरी है होता है मौन व्रत? जानें इसके पीछे का धार्मिक महत्व और नियम

Mauni Amavasya Niyam 2026: मौनी अमावस्या का ये दिन 18 जनवरी रविवार को पड़ रहा है। ऐसे में लोग व्रत रखेंगे और पूजा पाठ करें। आप भी जानें की इस दिन मौन व्रत क्यों रखा जाता है और इसके पीछे का धार्मिक महत्व क्या है।
Editorial
Updated:- 2026-01-17, 17:15 IST

हिंदू धर्म में माघ मास की अमावस्या, जिसे मौनी अमावस्या भी कहते हैं वह अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस साल यह दिन 18 जनवरी यानी रविवार के दिन पड़ रहा है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान और दान का जितना महत्व है, उससे कहीं अधिक महत्व मौन व्रत रखने का होता है। इसलि एक कई सारे लोग इस दिन मौन व्रत रखते हैं, ताकि मन को शांत रख सके और पितरों की आत्मा को शांति प्रदान कर पाएं, लेकिन कई सारे लोग ऐसे होते हैं जो इस व्रत के बारे में सही से नहीं जानते हैं। ऐसे में आप वृंदावन के ज्योतिषाचार्य राधाकांत वत्स से जानते हैं कैसे इस व्रत को किया जाता है और इसका धार्मिक महत्व क्या होता है?

मौनी अमावस्या पर क्यों रखा जाता है मौन व्रत?

  • मौनी अमावस्या पर मौन व्रत को रखना काफी अहम होता है। इसे रहकर व्यक्ति अपने मन और चित्त को शुद्ध करता है, जिससे सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। साथ ही आत्मा नियंत्रण होती है।
  • मौनी अमावस्या पर रखा गया यह व्रत मानसिक शक्ति और निर्णय क्षमता को मजबूत करने में सहायक होता है। इसलिए भी इसे रखा जाता है।
  • दान, सेवा और साधना करने से व्यक्ति को आध्यात्मिक सिद्धि और जीवन में खुशहाली को प्राप्त करने के लिए भी ये व्रत रखा जाता है।
  • इस व्रत को रखने से तनाव दूर होता है और मन में शांति आती है।

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मौनी अमावस्या पर मौन व्रत रखने के क्या हैं नियम?

मौनी अमावस्या का व्रत केवल चुप रहने तक सीमित नहीं है, इसके कुछ विशिष्ट नियम हैं, जिसका ध्यान रखना भी बेहद जरूरी होता है। इसलिए आपको इसका भी खास ध्यान रखना चाहिए, ताकि आपके द्वारा रखा गया ये व्रत अच्छे से पूरा हो सके।

  • इसके लिए आपको ब्रह्म मुहूर्त में गंगाजल डालकर स्नाना करन है।
  • फिर आपको स्नान के बाद जल को हाथ में लेकर मौन व्रत रखने का संकल्प लेना है। अगर आप पूरे दिन का मौन व्रत नहीं रख पाएंगी, तो ऐसे में आप कुछ समय के लिए भी इसे कर सकती हैं।
  • व्रत के दौरान मन में किसी के प्रति क्रोध न लाएं। साथ ही अपने विचारों को भी अच्छा रखें। किसी के बारे में बुरा न सोचे।
  • मौन व्रत के दौरान आपन मन ही मन 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' या 'ॐ नमः शिवाय' का जाप कर सकती हैं।

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मौनी अमावस्या का धार्मिक महत्व

मौनी अमावस्या का व्रत सिर्फ मन की शांति प्रदान नहीं करता है, बल्कि इस व्रत को रखने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है। इस दिन चुप रहकर ईश्वर का ध्यान करने पितरों को प्रसन्न कर सकती हैं।

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मौनी अमावस्या पर दान का फल कई गुना बढ़ जाता है। मौन व्रत खोलने के बाद आप तिल, गुड़, गर्म कपड़े, अन्न और जल का दान करना चाहिए।

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Image Credit-Freepik/ herzindagi

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