
हर महीने के कृष्ण पक्ष की को तिथि को अमावस्या के रूप में मनाया जाता है। इस दिन पितरों की पूजा-अर्चना और तर्पण समेत आदि काम किए जाते हैं। माघ माह की अमावस्या को मौनी अमावस्या के नाम से जाना जाता है। इस दिन मौन व्रत किया जाता है। धार्मिक मान्यता है कि व्यक्ति को मौन व्रत करने से कई तरह के आध्यात्मिक लाभ मिलते हैं।
इस दिन गंगा स्नान का विशेष महत्व है। मौनी अमावस्या के दिन मौन रहकर स्नान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है और व्यक्ति के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। इस दिन दान-पुण्य का भी विशेष महत्व है। मौनी अमावस्या के दिन पितरों का तर्पण करने से उन्हें शांति मिलती है और उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है।
इस दिन ब्राह्मणों को भोजन कराने से भी पुण्य की प्राप्ति होती है। मौनी अमावस्या एक महत्वपूर्ण धार्मिक त्योहार है। इस दिन मौन व्रत, स्नान, दान और तर्पण करने से व्यक्ति को कई तरह के लाभ मिलते हैं। अब ऐसे में इस दिन मौन व्रत रखने के दौरान किन नियमों का पालन करना चाहिए। इसके बारे में ज्योतिषाचार्य पंडित अरविंद त्रिपाठी से विस्तार से जानते हैं।

इसे जरूर पढ़ें - Mauni Amavasya 2025: मौनी अमावस्या के दिन मनोकामना पूर्ति के लिए क्या करें और क्या करने से बचें?
इसे जरूर पढ़ें - Mauni Amavasya 2025: मौनी अमावस्या के दिन किस पेड़ की पूजा करनी चाहिए?

अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी हो तो इसे फेसबुक पर शेयर और लाइक जरूर करें। इसी तरह के और भी आर्टिकल पढ़ने के लिए जुड़े रहें हर जिंदगी से। अपने विचार हमें आर्टिकल के ऊपर कमेंट बॉक्स में जरूर भेजें।
Image Credit- HerZindagi
यह विडियो भी देखें
Herzindagi video
हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, [email protected] पर हमसे संपर्क करें।