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महाशिवरात्रि के दिन नवविवाहित जोड़े क्या कर सकते हैं सत्यनारायण कथा? जानें शुभ फल

Maha Shivratri 2026: महाशिवरात्रि इस साल फरवरी के महीने में पड़ रही है। ऐसे में आप भी अगर सत्यनारायण की कथा करवाने के बारे में सोच रही हैं, तो पंडित जी से जान लें की क्या ये दिन शुभ है।
Editorial
Updated:- 2026-02-04, 18:31 IST

Maha Shivratri 2026: हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि का पर्व सबसे अहम माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती का मिलन हुआ था। ऐसे में ये दिन गृहस्थ जीवन में प्रवेश करने के लिए नविवाहित जोड़े के लिए सबसे शुभ होता है। इसलिए कई सारे लोग नविवाहित जोड़े के लिए कथा भी रखवाते हैं,ताकि उनके जीवन में भगवान का आशीर्वाद बना रहे। अगर आप भी कथा करवाने के बारे में सोच रही हैं तो पंडित जन्मेश द्विवेदी से जानें कि क्या इस दिन कथा करना शुभ है?

क्या महाशिवरात्रि पर सत्यनारायण कथा करना शुभ है?

  • पंडित जी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, भगवान शिव और भगवान विष्णु एक-दूसरे के पूरक और अनन्य भक्त हैं। महाशिवरात्रि एक महापर्व है और इस दिन पूजा पाठ का काफी महत्व होता है, जिसकी वजह से कथा जैसा शुभ कार्य भी इस दिन कराया जा सकता है, जिससे आपके जीवन में खुशहाली बनी रहे।
  • अगर आपकी नई-नई शादी हुई है और आप अपने वैवाहिक जीवन की सुख-शांति के लिए सत्यनारायण भगवान की कथा और व्रत करना चाहते हैं, तो महाशिवरात्रि का दिन इसके लिए अत्यंत शुभ है।

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सत्यनारायण कथा करने के क्या होते हैं शुभ फल?

  • नवविवाहित जोड़े यदि इस दिन कथा सुनते हैं, तो उन्हें शिव-शक्ति और लक्ष्मी-नारायण दोनों का आशीर्वाद मिलता है, जिससे दांपत्य जीवन में मधुरता बनी रहती है।
  • सत्यनारायण कथा सत्य और ईमानदारी का मार्ग दिखाती है। इसे सुनने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और आपसी तालमेल बेहतर होता है।
  • जो जोड़े संतान प्राप्ति या सुख-समृद्धि की कामना रखते हैं, उनके लिए महाशिवरात्रि पर यह कथा सुनना मनोकामना पूर्ति का साधन बनती है।

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पूजा के समय इन बातों का रखें ध्यान

  • सत्यनारायण कथा आमतौर पर शाम के समय (प्रदोष काल) या पूर्णिमा तिथि पर की जाती है। महाशिवरात्रि पर आप इसे सुबह या दोपहर में संपन्न कर सकते हैं ताकि शाम को शिव मंदिर जाकर जलाभिषेक किया जा सके।
  • कथा से पहले या बाद में भगवान शिव का रुद्राभिषेक या जलाभिषेक जरूर करें।
  • कथा के दिन पति-पत्नी दोनों को सात्विक आहार लेना चाहिए और पूर्ण श्रद्धा के साथ व्रत का पालन करना चाहिए।

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महाशिवरात्रि पर सत्यनारायण कथा का आयोजन न केवल आध्यात्मिक शांति प्रदान करता है, बल्कि नवविवाहित जोड़ों के जीवन में स्थिरता और सौभाग्य भी लाता है। इसलिए आप आशीर्वाद प्राप्त कर सकती हैं।

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