
हिंदू मान्यता के अनुसार चंद्र ग्रहण को एक अशुभ घटना माना जाता है। इस साल का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च 2026 को लगने वाला है। यह चंद्र ग्रहण फाल्गुन पूर्णिमा के दिन लग रहा है और भारत में भी मान्य होने की वजह से इसका सूतक भी 09 घंटे पहले से लग जाएगा। हिंदू मान्यता के अनुसार में कोई भी ग्रहण लगने के बाद घर और मंदिर का शुद्धिकरण जरूरी होता है जिससे किसी भी प्रकार का दोष घर में न लगे। चंद्र ग्रहण आज यानी 03 मार्च को दोपहर 3:20 से शुरू होकर शाम 6:47 बजे तक रहेगा, लेकिन भारत में यह सिर्फ चंद्र उदय के समय से शाम 6:47 तक दिखाई देगा। इसका सूतक आज सुबह 6:20 पर ही लग गया है और मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए हैं। ग्रहण के बाद घर और मंदिर की शुद्धि बहुत जरूरी मानी जाती है। सूतक से लेकर ग्रहण की अवधि तक किसी भी पूजा-पाठ की मनाही होती है और ग्रहण सम्पत होने के तुरंत बाद कुछ नियमों का पालन जरूरी होता है। आइए ज्योतिर्विद पंडित रमेश भोजराज द्विवेदी से जानें कि चंद्र ग्रहण समाप्त होने के बाद आपको क्या करना चाहिए?
आज शाम 6:47 पर जैसे ही चंद्र ग्रहण समाप्त हो जाए आपको सबसे पहले पूरे घर में गंगाजल छिड़कना है। मंदिर के कपाट खोलें और घर के मंदिर में भी गंगाजल छिड़कें। घर के सभी सदस्यों को ग्रहण के समापन के बाद स्नान करना चाहिए। स्नान करने से शरीर की शुद्धि हो जाती है और मन भी प्रसन्न होता है। इससे आपको शांति मिलती है और चंद्रग्रहण के किसी भी दुष्प्रभाव को कम किया जाता है।

घर के शुद्धिकरण के लिए सबसे पहला चरण यह होता है कि आपको पूरे घर में गंगाजल छिड़कना है। उसके बाद आप घर में नमक के पानी से पोछा लगाएं। मुख्य रूप से घर के ईशान कोण को अच्छी तरह से साफ करना जरूरी माना जाता है। घर में धूप जलाएं या लौंग कपूर से धुआं करके पूरे घर में घुमाएं। इससे घर की शुध्दि होती है।
चंद्र ग्रहण समाप्त होते ही आप स्नान आदि से निवृत्त होने के बाद मंदिर को अच्छी तरह से साफ करें। घर के मंदिर की पूर्ण सफाई करने के लिए आप सभी मूर्तियों और तस्वीरों को मंदिर से बाहर निकालें। सभी भगवानों को स्नान कराएं और तस्वीरों को भी अच्छी तरह से साफ करें। सभी मूर्तियों को वस्त्र पहनाएं और तस्वीरों में चंदन या सिंदूर लगाएं। घर के मंदिर के हर एक कोने को अच्छी तरह से साफ कर दें जिससे मंदिर का शुद्दिकरण हो जाए। मंदिर के शुद्धिकरण के बाद आप पूजन करें और आरती करें।

चंद्र ग्रहण समाप्त होने के बाद आपको गैस चूल्हे से लेकर बर्तनों तक की सफाई करनी चाहिए। चूंकि इस दिन पूर्णिमा तिथि भी है, इसलिए आपको सात्विक भोजन ही तैयार करना चाहिए। पूरे किचन को अच्छी तरह से साफ करें और जिस भोजन में तुलसी दल रखा हो उसे ही ग्रहण करें। ध्यान रखें कि आपको ग्रहण समाप्त होने के बाद ऐसी किसी भी भोजन को ग्रहण नहीं करना चाहिए जिसमें तुलसी की पत्ती न डाली गई हो। ऐसे भोजन को अशुद्ध माना जाता है।
चंद्र ग्रहण के बाद पूरे घर का शुद्धिकरण करने से ग्रहण की सभी नकारात्मकता दूर होती है. इसके लिए नियम अनुसार घर को शुद्ध जरूर कर लें. सबसे पहले पूरे घर को चुटकी भर नमक मिलाकर पानी से धोएं और फिर गंगाजल छिड़कें, गौमूत्र का छिड़काव करें और हवन या धूप-दीप जलाकर पूरे वातावरण को शुद्ध करें.
यदि संभव हो तो आप चंद्र ग्रहण समाप्त होने के तुरंत बाद किसी जरूरतमंद को अन्न या वस्त्रों का दान करें। यदि ऐसा संभव न हो तो आप मंदिर में अनाज का दान करें। दान करने से ग्रहण के किसी भी नकारात्मक प्रभाव को कम किया जा सकता है।
यदि आप भी चंद्र ग्रहण समाप्त होने के बाद इन नियमों का पालन करते हुए घर का शुद्धिकरण करेंगी तो ग्रहण के किसी भी नकारात्मक प्रभाव को कम किया जा सकता है। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसे ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
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