Fri Mar 20, 2026 | Updated 01:47 AM IST
chaitra navratri if akhand jyoti

Chaitra Navratri Akhand Jyoti Niyam: चैत्र नवरात्रि के दौरान अगर गलती से अखंड ज्योत बुझ जाए तो क्या करें? पंडित जी से जानें सही जवाब

चैत्र नवरात्रि में अखंड ज्योति जलाना मां दुर्गा की भक्ति और आस्था का प्रतीक माना जाता है। यह ज्योत घर में सकारात्मक ऊर्जा और माता के आशीर्वाद का प्रतीक मानी जाती है। अगर किसी कारणवश यह ज्योत अचानक बुझ जाए, तो लोगों के मन में डर और संशय की स्थिति बनने लगती है। आइए यहां जानें कि यदि अखंड ज्योति बुझ जाए तो आपको क्या करना चाहिए?
Editorial
Updated:- 2026-03-19, 05:07 IST

चैत्र नवरात्रि का पर्व माता दुर्गा की भक्ति और साधना के लिए समर्पित होता है। इस दौरान लोग माता की उपासना करते हैं और व्रत-उपवास करते हैं। इस दौरान अखंड ज्योति प्रज्वलित करने के विधान है। इन नौ दिनों में भक्त अपने घरों में कलश स्थापना करते हैं और अखंड ज्योत जलाकर देवी मां का आह्वान करते हैं। ऐसी मान्यता है कि अखंड ज्योति केवल एक दीपक नहीं होता है बल्कि देवी मां की दिव्य उपस्थिति का प्रतीक भी होता है, इसलिए इसे पूरे नियम और श्रद्धा के साथ जलाया जाता है। कई बार जाने अनजाने में या किसी कारणवश यह ज्योत बुझ जाती है, जिससे लोगों के मन में डर बना रहता है और जीवन के लिए कुछ अशुभ संकेत मिलते हैं। अखंड ज्योति को माता का आशीर्वाद समझा जाता है और घर की खुशहाली के लिए शुभ माना जाता है। आइए जानें ज्योतिर्विद पंडित रमेश भोजराज द्विवेदी से जानें चैत्र नवरात्रि के दौरान अखंड ज्योति के अचानक बुझने का संकेत और इसका मतलब क्या है?

चैत्र नवरात्रि में क्यों जलाई जाती है अखंड ज्योति

akhand jyoti significance

अखंड ज्योति अंधकार पर प्रकाश का प्रतीक मानी जाती है और इसकी अग्नि का प्रकाश ज्ञान का प्रतीक माना जाता है। लोग चैत्र नवरात्रि में कलश के साथ अखंड ज्योति इसलिए जगाते हैं क्योंकि इसे माता के आगमन का प्रतीक माना जाता है। अखंड का मतलब होता है जो कभी खंडित न हो। ऐसे में जब हम नवरात्रि में अखंड ज्योति जलाते हैं तो ये जीवन की निरंतरता का प्रतीक होती है।

यह भी पढ़ें- Vastu Tips for Akhand Jyoti: नवरात्रि में किस दिशा में रखें अखंड ज्योति? जानें वास्तु के ये जरूरी नियम और लाभ

अखंड ज्योति अचानक बुझ जाए तो क्या करें

यदि आपकी जलाई हुई अखंड ज्योति अचानक से बुझ जाती है तो आपको सबसे पहले माता दुर्गा का स्मरण करना चाहिए। अखंड ज्योति किसी भी कारण से बुझ सकती है जैसे हवा चलना, ज्योति की बत्ती का छोटा होना, ज्योति को सही तरीके से ढककर न रखना, अखंड ज्योति में गलत बत्ती का इस्तेमाल करना। ज्योति यदि अचानक बुझ जाती है तो इसे किसी अनहोनी से जुड़ा हुआ नहीं समझना चाहिए। आपको कभी भी ऐसा होने पर डरना नहीं चाहिए। माता कभी अपने भक्तों को डराती नहीं हैं और उन्हें शक्ति प्रदान करती हैं। अखंड ज्योति बुझने पर माता से क्षमा प्रार्थना करते हुए यह बोलना चाहिए कि आपकी गलती की वजह से ये ज्योत ठीक से प्रज्वलित नहीं हो पाई है, माता आप ज्योत में पुनः विराजमान हो जाएं। ऐसा कहते हुए एक बार फिर से अखंड ज्योत जला देनी चाहिए।

यह भी पढ़ें- Chaitra Navratri Date 2026: 19 मार्च से शुरू हो रही है चैत्र नवरात्रि, यहां जानें प्रतिपदा से लेकर नवमी तिथि तक का पूरा कैलेंडर

अखंड ज्योति जलाते समय किन बातों का रखें ध्यान

akhand jyot ke niyam

आपको हमेशा कोशिश करनी चाहिए कि आप जब भी अखंड ज्योति जगा रही हैं तब शुद्ध तन और मन से ही जगाएं। हमेशा इस बात का ध्यान रखना चाहिए कई आपको दीपक में सही बत्ती का इस्तेमाल करना चाहिए। आप ज्योत जगाते समय रुई की जगह कलावा की बत्ती का इस्तेमाल करें। कलावा की बत्ती ज्यादा समय तक चलती है और इसमें तेल भी कम सोखता है। यही नहीं आपको नौ दिनों में बत्ती बदलने की आवश्यकता भी नहीं होती है।

अगर आप भी घर में कलश स्थापना के साथ अखंड ज्योति जलाती हैं तो यहां बताई बातों का ध्यान जरूर रखें। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।

Images: Shutterstock.com

यह विडियो भी देखें

Herzindagi video

Disclaimer

हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, [email protected] पर हमसे संपर्क करें।

;