
आज शुक्रवार, 23 जनवरी 2026 का दिन ज्ञान, कला और संगीत की देवी मां सरस्वती के प्राकट्य दिवस यानी बसंत पंचमी के रूप में मनाया जा रहा है। आज का दिन अबूझ मुहूर्त माना जाता है, यानी आज के दिन बिना पंचांग देखे भी शुभ कार्य विवाह, मुंडन, विद्या आरंभ किए जा सकते हैं। आज शुक्रवार होने से यह दिन लक्ष्मी-सरस्वती योग बना रहा है, जो धन और ज्ञान दोनों की प्राप्ति के लिए श्रेष्ठ है। आज पूर्व भाद्रपद नक्षत्र का प्रभाव रहेगा, जिसके स्वामी देवगुरु बृहस्पति हैं। यह नक्षत्र आध्यात्मिक ऊर्जा और तपस्या का प्रतीक है। पंचक अभी भी प्रभावी है, इसलिए निर्माण कार्य में सावधानी बरतें। आइए जानते हैं मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित सौरभ त्रिपाठी से आज का पंचांग, बसंत पंचमी का महत्व और आज के अचूक उपाय।
| तिथि | नक्षत्र | दिन/वार | योग | करण |
| पंचमी (रात्रि 01:48 बजे तक) | पूर्व भाद्रपद | शुक्रवार | परिघ | बव |
| प्रहर | समय |
| सूर्योदय | सुबह 06 बजकर 56 मिनट पर होगा। |
| सूर्यास्त | शाम 05 बजकर 57 मिनट पर होगा। |
| चंद्रोदय | सुबह 09 बजकर 49 मिनट पर होगा। |
| चंद्रास्त | रात्रि 09 बजकर 29 मिनट पर होगा। |
| मुहूर्त नाम | मुहूर्त समय |
| ब्रह्म मुहूर्त | सुबह 05 बजकर 20 मिनट से 06 बजकर 08 मिनट तक |
| अभिजीत मुहूर्त | दोपहर 12 बजकर 00 मिनट से 12 बजकर 44 मिनट तक |
| गोधुली मुहूर्त | शाम 05 बजकर 55 मिनट से 06 बजकर 22 मिनट तक |
| विजय मुहूर्त | दोपहर 02 बजकर 27 मिनट से 03 बजकर 10 मिनट तक |
| मुहूर्त नाम | मुहूर्त समय |
| राहु काल | सुबह 11 बजकर 05 मिनट से दोपहर 12 बजकर 27 मिनट तक |
| यमगंड | दोपहर 03 बजकर 12 मिनट से 04 बजकर 35 मिनट तक |
| गुलिक काल | सुबह 08 बजकर 19 मिनट से 09 बजकर 42 मिनट तक |
आज माघ शुक्ल पंचमी है। आज के दिन ऋतुराज बसंत का आगमन होता है। मान्यता है कि आज के दिन मां सरस्वती हाथों में वीणा लेकर प्रकट हुई थीं। आज के दिन छोटे बच्चों को अक्षर ज्ञान कराना और पीले वस्त्र पहनना अत्यंत शुभ होता है। आज शुक्रवार होने से यह संयोग बताता है कि जिसके पास ज्ञान है, उसके पास धन चलकर आता है। आज पूर्व भाद्रपद नक्षत्र है इस नक्षत्र के स्वामी गुरु हैं। यह दो चेहरों वाला नक्षत्र माना जाता है एक सौम्य और दूसरा उग्र। यह नक्षत्र व्यक्ति को अपनी प्रतिज्ञा पर अटल रहना सिखाता है। बसंत पंचमी पर गुरु के नक्षत्र का होना विद्यार्थियों के लिए एकाग्रता और उच्च शिक्षा के योग बनाता है।
ज्योतिष शास्त्र में शुक्रवार और पूर्व भाद्रपद का मिलन कला और अध्यात्म का संगम है। शुक्र भोग विलास और सौंदर्य का कारक है, जबकि पूर्व भाद्रपद तपस्या और वैराग्य का। आज का दिन उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो संगीत, नृत्य, पेंटिंग या लेखन के क्षेत्र में हैं। मां सरस्वती कला की देवी हैं और शुक्रवार कला का दिन है। आज की गई साधना या प्रैक्टिस सीधे सिद्धि में बदल जाती है। पंचक और पूर्व भाद्रपद के कारण आज मन में थोड़ा वैराग्य या उदासी भी आ सकती है, जिसे पूजा-पाठ से सकारात्मक ऊर्जा में बदला जा सकता है।
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