
आज सोमवार, 19 जनवरी 2026 का दिन नई शुरुआत और स्थिरता का दिन है। आज माघ मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि है, जिसके साथ ही आज से गुप्त नवरात्रि का पवित्र पर्व भी शुरू हो रहा है। आज के दिन उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। उत्तराषाढ़ा एक स्थिर नक्षत्र है, जिसके स्वामी सूर्य देव हैं। सोमवार चंद्रमा और उत्तराषाढ़ा सूर्य का यह संयोग मन और आत्मा के संतुलन के लिए श्रेष्ठ है। यह नक्षत्र अजेय होने का वरदान देता है, इस नक्षत्र में शुरू किए गए कार्यों में देर-सवेर जीत निश्चित होती है। आज सोमवार है, इसलिए भगवान शिव की पूजा के साथ-साथ आज शक्ति की गुप्त साधना करना मनोकामनाओं को शीघ्र पूर्ण करने वाला है। आइए जानते हैं मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित सौरभ त्रिपाठी से आज का पंचांग, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का महत्व और सोमवार के विशेष उपाय।
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| तिथि | नक्षत्र | दिन/वार | योग |
| प्रतिपदा (रात्रि 02:16 बजे तक) | उत्तराषाढ़ा | सोमवार | वज्र |
| प्रहर | समय |
| सूर्योदय | सुबह 06 बजकर 53 मिनट पर होगा। |
| सूर्यास्त | शाम 05 बजकर 48 मिनट पर होगा। |
| चंद्रोदय | सुबह 07 बजकर 16 मिनट पर होगा |
| चंद्रास्त | शाम 06 बजकर 18 मिनट पर होगा |
| मुहूर्त नाम | मुहूर्त समय |
| ब्रह्म मुहूर्त | (सूर्य पूजन का शुभ समय) सुबह 05 बजकर 20 मिनट से 06 बजकर 09 मिनट तक |
| अभिजीत मुहूर्त | (सूर्य पूजन का शुभ समय) सुबह 11 बजकर 58 मिनट से 12 बजकर 41 मिनट तक |
| विजय मुहूर्त | दोपहर 02 बजकर 24 मिनट से 03 बजकर 06 मिनट तक |
| गोधूलि मुहूर्त | शाम 05 बजकर 52 मिनट से 06 बजकर 19 मिनट तक |
| मुहूर्त नाम | मुहूर्त समय |
| राहु काल | सुबह 08 बजकर 18 मिनट से 09 बजकर 40 मिनट तक |
| यमगंड | सुबह 11 बजकर 03 मिनट से दोपहर 12 बजकर 25 मिनट तक |
| गुलिक काल | दोपहर 01 बजकर 48 मिनट से 03 बजकर 10 मिनट |
सोमवार को राहु काल सुबह के समय होता है। इसलिए सुबह 8 बजे से 10 बजे के बीच कोई भी नया निवेश, यात्रा या महत्वपूर्ण कार्य करने से बचें।
आज से गुप्त नवरात्रि का आरंभ हो रहा है। माघ मास की नवरात्रि को गुप्त नवरात्रि कहा जाता है, जिसमें दस महाविद्याओं की साधना की जाती है। यह समय तांत्रिक और आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त करने के लिए सर्वश्रेष्ठ है। साथ ही, आज उत्तराषाढ़ा नक्षत्र है। इस नक्षत्र का स्वामी सूर्य है और यह विश्वदेव द्वारा शासित है। यह नक्षत्र लीडरशिप और सामाजिक प्रतिष्ठा को बढ़ाता है। आज सोमवार होने से चंद्रमा का प्रभाव भी है। उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में शुरू किया गया कोई भी कार्य बीच में नहीं रुकता, वह पूरा होकर ही रहता है। यह दिन नींव रखने, शपथ लेने और नई नौकरी ज्वाइन करने के लिए अत्यंत शुभ है।

उत्तराषाढ़ा यह नक्षत्र थोड़ा विलम्ब से सफलता प्रदान करता है यह नक्षत्र संघर्ष के बाद स्थायी सफलता देता है। जब यह सोमवार को पड़ता है, तो यह व्यक्ति को मानसिक दृढ़ता देता है। आज के दिन व्यक्ति का मन सात्विक और स्थिर रहता है। आज उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में भगवान शिव का जलाभिषेक करने से सरकारी कार्यों में आ रही बाधाएं दूर होती हैं और समाज में मान-सम्मान बढ़ता है। जिन लोगों को क्रोध अधिक आता है या जिनका मन बेचैन रहता है, उनके लिए आज का यह संयोग शीतलता प्रदान करने वाला है।
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