
आज शनिवार, 14 फरवरी 2026 का दिन भगवान शिव और शनिदेव की विशेष कृपा पाने का है। पंचांग गणना के अनुसार, आज दोपहर 04:04 बजे तक द्वादशी तिथि रहेगी, जिसके बाद त्रयोदशी तिथि लग जाएगी। आज सूर्यास्त के समय प्रदोष काल में त्रयोदशी तिथि रहेगी, इसलिए आज शनि प्रदोष व्रत' मनाया जाएगा। यह व्रत संतान प्राप्ति और शनि दोष निवारण के लिए अचूक माना जाता है। साथ ही सुबह के समय विजया एकादशी व्रत का पारण किया जाएगा। आज शाम 06:17 बजे तक पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र रहेगा। इसके स्वामी शुक्र हैं और देवता जल हैं। पूर्वाषाढ़ा का अर्थ है अपराजित जिसे हराया न जा सके । शनिवार और पूर्वाषाढ़ा का संयोग मित्रता और प्रेम का प्रतीक है। संयोग से आज वैलेंटाइन डे भी है और नक्षत्र स्वामी शुक्र का प्रभाव प्रबल है, जो रिश्तों में गंभीरता और वफादारी लाता है। आज चंद्रमा धनु राशि में रहेंगे। आइए जानते हैं मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित सौरभ त्रिपाठी से आज का पंचांग और उपाय।

| तिथि | नक्षत्र | दिन/वार | योग | करण |
| द्वादशी (दोपहर 04:04 बजे तक) | पूर्वाषाढ़ा | शनिवार | सिद्धि | तैतिल |
| प्रहर | समय |
| सूर्योदय | सुबह 06 बजकर 43 मिनट पर होगा |
| सूर्यास्त | शाम 06 बजकर 05 मिनट पर होगा |
| चंद्रोदय | रात 05 बजकर 11 मिनट पर होगा |
| चंद्रास्त | सुबह 03 बजकर 09 मिनट पर होगा |
| मुहूर्त नाम | मुहूर्त समय |
| ब्रह्म मुहूर्त | (सूर्य पूजन का शुभ समय) सुबह 05 बजकर 07 मिनट से 05 बजकर 55 मिनट तक |
| अभिजीत मुहूर्त | (सूर्य पूजन का शुभ समय) दोपहर 12 बजकर 02 मिनट से 01 बजकर 47 मिनट तक |
| विजय मुहूर्त | दोपहर 02 बजकर 42 मिनट से 03 बजकर 29 मिनट तक |
| गोधूलि मुहूर्त | शाम 06 बजकर 16 मिनट से 06 बजकर 41 मिनट तक |
| मुहूर्त नाम | मुहूर्त समय |
| राहु काल | सुबह 09 बजकर 36 मिनट से 11 बजकर 03 मिनट तक |
| यमगंड | दोपहर 01 बजकर 57 मिनट से 03 बजकर 23 मिनट तक |
| गुलिक काल | सुबह 06 बजकर 43 मिनट से 08 बजकर 10 मिनट तक |
शनिवार को राहु काल सुबह 9:00 बजे से 10:30 बजे के बीच होता है। इस समय शनि देव की पूजा कर सकते हैं, लेकिन शुभ कार्य आरंभ न करें।
शनि प्रदोष व्रत: आज दोपहर 04:04 के बाद त्रयोदशी लगने से यह प्रदोष व्रत है। शास्त्रों के अनुसार, शनि प्रदोष व्रत करने से पुत्र रत्न की प्राप्ति होती है और खोया हुआ धन वापस मिलता है। आज शाम को शिवलिंग पर जल चढ़ाने से शनि की साढ़ेसाती और ढैया के कष्ट तुरंत कम हो जाते हैं।आज शाम 06:17 तक पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र है। इसका तत्व जल है। यह नक्षत्र व्यक्ति को दृढ़ निश्चय और आत्मविश्वास देता है। आज के दिन जल संरक्षण करना या प्याऊ लगवाना बहुत पुण्यदायी है। शुक्र का नक्षत्र होने के कारण आज कला और अभिनय के क्षेत्र में सफलता मिलती है। जिन्होंने कल एकादशी का व्रत रखा था, वे आज सुबह द्वादशी तिथि में व्रत का पारण करें।
ज्योतिष शास्त्र में शनिवार परिपक्वता और पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र का मिलन लॉन्ग -टर्म कमिटमेंट का दिन है। आज का दिन छिछले प्रेम का नहीं, बल्कि गंभीर रिश्तों का है। यदि आप विवाह का प्रस्ताव रखना चाहते हैं, तो आज का दिन विशेषकर दोपहर के बाद शुभ है क्योंकि शनि स्थायित्व देता है। आज करियर के लिए जल विभाग, नेवी, शिपिंग या लिक्विड चीजों के व्यापार के लिए आज का दिन बहुत लाभकारी है। पूर्वाषाढ़ा एक उग्र नक्षत्र भी है। आज बहस में अपनी बात को जबरदस्ती मनवाने की कोशिश न करें, नहीं तो शनि दंड दे सकते हैं।

आज शाम को सूर्यास्त के समय शिवालय जाएं। शिवलिंग पर काले तिल और गन्ने का रस चढ़ाएं।
आज विशेष रूप से ॐ नमः शिवाय और ॐ शं शनैश्चराय नमः का जाप करें।
आज अपने जीवनसाथी को इत्र या सफेद वस्त्र उपहार में दें।
आज के दिन भगवान शिव-पार्वती को गुलाब की माला अर्पित करें।
शनिवार को प्रदोष काल में पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का चौमुखी दीपक जलाएं और हनुमान चालीसा पढ़ें।
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