
वैदिक ज्योतिष में शत्रु का नाश किसी व्यक्ति को नुकसान पहुंचाने का कर्म नहीं है। इसका आशय है, ईर्ष्या, षड्यंत्र, बाधा, नकारात्मक प्रभाव और शत्रु-भाव का शांत होना। भगवान शिव इस प्रक्रिया में संहारक नहीं, शुद्धिकर्ता हैं। शिवलिंग पर चढ़ाई जाने वाली वस्तुएं हमारी ऊर्जा को स्थिर, सुरक्षित और विजयी बनाती हैं।
महाशिवरात्रि 2026 विशेष है, क्योंकि इस समय कुंभ (Aquarius) में ग्रहों का स्टेलियम बन रहा है। कुंभ सामूहिक चेतना, अदृश्य शत्रु, सोशल और मानसिक स्तर के संघर्षों का संकेत देता है। ऐसे समय में शिव उपासना भीतरी और बाहरी, दोनों स्तरों पर रक्षा देती है। आज हम आपको कुछ ऐसी चीजों के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें शिवलिंग पर चढ़ाने से शत्रु आपसे दूर होने लगते हैं। इन चीजों के बारे में हमें फेमस एस्ट्रोलॉजर सिद्धार्थ एस कुमार बता रहे हैं।

पीली सरसों शिवलिंग पर चढ़ाने से बुद्धि, धर्मबल और निर्णय-शक्ति मजबूत होती है। यह उपाय व्यक्ति को खुले विरोधियों से ऊपर उठाता है और प्रतिस्पर्धा में साफ बढ़त देता है। कुंभ स्टेलियम के दौरान जब विचारों और अफवाहों के जरिए टकराव बढ़ते हैं, तब पीली सरसों मन को स्थिर रखती है और शत्रु की रणनीति को निष्प्रभावी करती है। जल के साथ अर्पित की गई पीली सरसों आपकी ऊर्जा को शांत, लेकिन सशक्त बनाती है।

काली सरसों शिवलिंग पर चढ़ाने से छुपे शत्रु, नजर और रहस्यमय बाधाएं शांत होती हैं। इसमें शनि और अग्नि तत्त्व का संयोजन होता है, जो नकारात्मक प्रभाव को जड़ से काटने का कार्य करता है। महाशिवरात्रि 2026 के कुंभ स्टेलियम में जब गुप्त विरोध, ऑनलाइन या परोक्ष हमले सक्रिय हो सकते हैं, तब काली सरसों सुरक्षा-कवच की तरह काम करती है। यह उपाय धीरे-धीरे शत्रु के प्रभाव को कमजोर करता है और आपके कर्म-पथ को साफ करता है।

शिवलिंग पर शहद अर्पित करना वाणी, संबंध और मान-सम्मान की रक्षा करता है। यह उपाय टकराव को गलाकर समाधान की ओर ले जाता है। कुंभ ऊर्जा में जब गलतफहमियां और शब्दों के जरिए संघर्ष बढ़ते हैं, तब शहद कटुता को मधुरता में बदलने का कार्य करता है। शहद के साथ किया गया अभिषेक कानूनी विवाद, मान हानि और झूठे आरोपों में मानसिक संतुलन और विजय देता है।

धतूरा भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है और यह तीव्र, विषैली और आक्रामक नकारात्मक शक्तियों को शांत करता है। जब शत्रु-भाव बहुत गहरा हो, भय या ऊर्जा-ह्रास लगातार बना रहे, तब धतूरा शिवलिंग पर अर्पित करने से आंतरिक शक्ति का पुनर्जागरण होता है। महाशिवरात्रि 2026 में कुंभ स्टेलियम के कारण सामूहिक और मानसिक दबाव बढ़ सकता है। धतूरा इस दबाव को शिव कृपा से भस्म करता है और साधक को निर्भय बनाता है।
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कुंभ का स्टेलियम बताता है कि इस वर्ष शत्रु सामने कम, पीछे से अधिक सक्रिय हो सकते हैं, विचारों, नेटवर्क और मानसिक स्तर पर। शिवलिंग पर सही वस्तु अर्पित करना केवल पूजा नहीं, बल्कि ऊर्जा-संरेखण है। जब आपकी ऊर्जा स्थिर होती है, तब शत्रु कमजोर हो जाता है।
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अगर आप भी शत्रुओं से परेशान हैं, तो इन उपायों को जरूर आजमाएं। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
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