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Mahashivratri Nishita Kaal

Mahashivratri Date 2026: 15 या 16 फरवरी? जानें सही तिथि, निशिता काल और चारों प्रहर की पूजा का शुभ मुहूर्त

Mahashivratri Kab Hai 2026:  महाशिवरात्रि की तिथि जानने के साथ-साथ चतुर्दशी तिथि का प्रारंभ और समाप्ति का समय भी जानें। लेख में पंडित जी बता रहे हैं किस प्रहर में पूजा करने से मिलता है क्‍या फल, पढ़ें पूरी जानकारी और व्रत पारण का सही समय। 
Editorial
Updated:- 2026-02-11, 17:09 IST

Mahashivratri 2026 Date:महाशिवरात्रि का दिन शिव भक्‍तों के लिए बहुत ही खास होता है। हर वर्ष हिंदू कैलेंडर के हिसाब से फाल्‍गुन मास की कृष्‍ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। इस वर्ष यह पावन दिन कब पड़ रहा है, इसे लेकर लोगों की जिज्ञासा बढ़ती जा रही है। कुछ लोगों का मानना है कि इस वर्ष 15 फरवरी को यह पर्व मनाया जाएगा, तो कुछ लोगों का मनना है कि यह त्‍योहार 16 फरवरी को मनाया जाएगा। इस विषय पर जब हमारी चर्चा मध्‍यप्रदोश छिंदवाड़ा के पंडित एंव ज्‍योतिषाचार्य सौरभ त्रिपाठी से बात हुई। वह कहते हैं, "चतुर्दशी तिथि 15 फरवरी की शाम को शुरू होगी और दूसरे दिन 16 फरवरी को समाप्‍त होगी, इसलिए लोगों में शंका है उदया तिथि कब पड़ रही है। मगर महाशिवरात्रि का पर्व रात्रि में ही मनाया जाता है। इसमें चारा प्रहर की जो पूजा होती है, उसमें सबसे ज्‍यादा महत्‍व निशिता काल में की गई पूजा का होता है।"

महाशिवरात्रि कब है? (Mahashivratri Kab Hai 2026?)

इस वर्ष चूंकि चतुर्दशी तिथि 15 फरवरी की शाम 5 बजकर 4 बजे से लग रही है, तो महाशिवरात्रि का व्रत भी 15 को ही रखा जाएगा । 16 फरवरी को व्रत का पारण किया जाएगा क्‍योंकि इस दिन शाम 5 बजकर 34 मिनट पर चतुर्दशी तिथि समाप्‍त हो रही है। इसलिए दो प्रहर की पूजा 15 फरवरी को और दो प्रहर की पूजा 16 फरवरी को होगी।

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Mahashivratri vrat kab rakhen

महाशिवरात्रि पूजा का शुभ मुहूर्त (Mahashivratri Puja Muhurat 2026)

विवरण तिथि  समय
चतुर्दशी तिथि प्रारंभ 15 फरवरी 2026 शाम 05:04 बजे
चतुर्दशी तिथि समाप्त 16 फरवरी 2026 शाम 05:34 बजे
रात्रि प्रथम प्रहर पूजा समय 15 फरवरी 06:11 PM से 09:23 PM
रात्रि द्वितीय प्रहर पूजा समय 15 फरवरी 09:23 PM से 12:35 AM
रात्रि तृतीय प्रहर पूजा समय 16 फरवरी 12:35 AM से 03:47 AM
रात्रि चतुर्थ प्रहर पूजा समय 16 फरवरी 03:47 AM से 06:59 AM
निशिता काल पूजा समय 16 फरवरी 12:09 AM से 01:01 AM
शिवरात्रि पारण समय 16 फरवरी  06:59 AM से 03:24 PM

महाशिवरात्रि में किस समय पूजा करने पर क्‍या फल मिलता है?

महाशिवरात्रि पर वैसे तो सबसे ज्‍यादा निशिता काल की पूजा को महत्‍व दिया जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस समय की जाने वाली पूजा से मनचाहा फल प्राप्‍त होता है। मगर इस महाशिवारात्रि पर 4 प्रहर की पूजा का अलग ही महत्‍व है। पंडित सौरभ बताते हैं, "प्रथम प्रहर की पूजा बहुत ही शुभ होती है और यह पूजा खास उनके लिए होती है, जिन्‍हें कोई रोग होता है। इस समय में पूजा करने पर सूख और समृद्धि प्राप्‍त होती है। वहीं द्वितीय प्रहर की पूजा में शिलिंग का दही से अभिषेक करना चाहिए। इससे आर्थिक समस्‍याओं से मुक्ति मिलती और धन कामाने के नए अवसर प्राप्‍त होते हैं। अगर आप तृतीय प्रहर की पूजा करती हैं तो गाय के घी से आपको शिवलिंग का अभिषेक करना चाहिए। इससे किसी भी काम में आ रही बाधाएं दूर होती हैं। चौथे प्रहर की पूजा भी विशेष होती है। इस समय पूजा करने से आपके शत्रुओं का नाश होता है, इतना ही नहीं मान सम्‍मान भी बढ़ता है।"

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