Sat Feb 14, 2026 | Updated 09:53 AM IST
aaj ka choghadiya

Aaj Ka Choghadiya 14 February 2026: शनिवार के दिन बन रहा है पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र और सिद्धि योग का अद्भुत संयोग, जानें आज का चौघड़िया मुहूर्त

14 फरवरी 2026 को शनिवार, फाल्गुन कृष्ण द्वादशी-त्रयोदशी तिथि है। इस दिन शनि प्रदोष, पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र और सिद्धि योग का अद्भुत संयोग बन रहा है। यह दिन संतान प्राप्ति, शनि दोष निवारण और कार्यों में सफलता के लिए अत्यंत शुभ है। 
Editorial
Updated:- 2026-02-14, 07:10 IST

14 फरवरी 2026 आज शनिवार, फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की द्वादशी उसके बाद त्रयोदशी तिथि है। शनिवार को त्रयोदशी होने के कारण आज शनि प्रदोष का महायोग है। यह व्रत संतान प्राप्ति और शनि दोष निवारण के लिए श्रेष्ठ माना जाता है। आज शाम तक पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। पूर्वाषाढ़ा का अर्थ है अपराजित या जिसे हराया न जा सके। इसके स्वामी शुक्र हैं। आज 14 फरवरी है और नक्षत्र स्वामी भी शुक्र हैं, जो प्रेम और सौंदर्य के कारक हैं। शनिवार और शुक्र का संयोग आज के दिन को रिश्तों में गंभीरता और स्थायित्व लाएगा। साथ ही आज सिद्धि योग बन रहा है, जो कार्यों में सफलता और सिद्धि प्रदान करता है।

आज के दिन का आध्यात्मिक महत्व-

शनि प्रदोष के दिन भगवान शिव और शनिदेव की संयुक्त पूजा करनी चाहिए। पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र जल तत्व का प्रतीक है, इसलिए आज जल में काले तिल मिलाकर शिवलिंग का अभिषेक करना अत्यंत लाभकारी रहेगा। यदि आप शनि की साढ़ेसाती या ढैया से परेशान हैं, तो आज शाम को पीपल के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना और 'दशरथ कृत शनि स्तोत्र' का पाठ करना निश्चित राहत दिलाता है। शुक्र के नक्षत्र में होने के कारण आज सफेद वस्तुओं का दान भी फलदायी है।

दिन का चौघड़िया – 14 फरवरी 2026 (सूर्योदय से सूर्यास्त तक)

  • आज शनिवार है, इसलिए दिन की शुरुआत काल चौघड़िया से हो रही है।
  • काल चौघड़िया सुबह की शुरुआत सतर्कता के साथ करें। यह समय यात्रा या नए कार्य की शुरुआत के लिए अनुकूल नहीं है। हालांकि, शनि प्रदोष के कारण इस समय शनि देव का ध्यान करना शुभ रहेगा।
  • शुभ चौघड़िया यह समय बहुत पॉजिटिव है। पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र और शुभ चौघड़िया का मिलन पूजा-पाठ, खरीदारी या किसी महत्वपूर्ण प्रस्ताव के लिए अच्छा है। द्वादशी का पारण इसी समय करना श्रेष्ठ है।
  • रोग चौघड़िया इस समय राहुकाल का साया रहेगा। शनिवार को सुबह 09:00 बजे से 10:30 बजे तक राहुकाल रहता है। इसलिए 09:35 से 11:00 बजे के बीच कोई भी शुभ कार्य, इन्वेस्ट या यात्रा न करें। यह समय पूर्णतः वर्जित है।
  • उद्वेग चौघड़िया इस समय मन में बेचैनी हो सकती है। त्रयोदशी तिथि का प्रभाव शुरू हो चुका होगा। सरकारी कार्यों में बाधा आ सकती है, इसलिए धैर्य बनाए रखें।
  • चल चौघड़िया स्थिति सामान्य होगी। पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र जल तत्व का है, इसलिए आज जल से जुड़े कार्य या यात्रा सफल रहेगी। मार्केटिंग के लिए भी यह समय ठीक है।
  • लाभ चौघड़िया यह समय आर्थिक और व्यक्तिगत संबंधों के लिए बहुत शुभ है। शुक्र के नक्षत्र में 'लाभ चौघड़िया' का होना उपहार खरीदने, डेट पर जाने या नए व्यापारिक सौदे के लिए उत्तम है। सिद्धि योग का फल यहाँ मिलेगा।
  • अमृत चौघड़िया यह दिन का सर्वश्रेष्ठ समय है। शनिवार को अमृत चौघड़िया दुर्लभ होता है। शनि प्रदोष की पूजा की तैयारी, शिव अभिषेक या किसी बड़े निर्णय के लिए यह समय बहुत अच्छा है।
  • काल चौघड़िया शाम ढलने से पहले सतर्क हो जाएं। वाहन सावधानी से चलाएं और विवादों से दूर रहें।

दिन के चौघड़िया समय

मुहूर्त का नाम                    समय
शुभ                                               06:45 बजे से 08:10 बजे तक
रोग  08:10 बजे से 09:35 बजे तक
उद्वेग  09:35 बजे से 11:00 बजे तक
चल  11:00 बजे से 12:25 बजे तक                                                 
लाभ  12:25 बजे से 01:50 बजे तक
अमृत 01:50 बजे से 03:15 बजे तक
काल  03:15 बजे से 04:40 बजे तक
शुभ  04:40 बजे से 06:05 बजे तक

रात का चौघड़िया – (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक)

  • शनि प्रदोष की रात शिव-शक्ति मिलन और शनि शांति के लिए विशेष होती है।
  • लाभ चौघड़िया सूर्यास्त के ठीक बाद लाभ चौघड़िया और प्रदोष काल का संयोग अद्भुत है। शिवलिंग पर जल और बेलपत्र चढ़ाने का यह सबसे श्रेष्ठ समय है। शनि मंदिर में दीपदान अवश्य करें।
  • उद्वेग चौघड़िया मन थोड़ा विचलित हो सकता है। परिवार के साथ रहें और व्यर्थ की बातों पर ध्यान न दें।
  • शुभ चौघड़िया यह समय बहुत सुखद है। पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र की रात आनंद और भोग प्रदान करती है। अच्छा भोजन और विश्राम के लिए उत्तम समय।
  • अमृत चौघड़िया निशिता काल में ध्यान, मंत्र जाप और आध्यात्मिक उन्नति के लिए यह समय सर्वश्रेष्ठ है। सिद्धि योग इस समय मंत्रों को जाग्रत करता है।
  • चल चौघड़िया यह सामान्य समय है।
  • रोग चौघड़िया स्वास्थ्य का ध्यान रखें और नींद में खलल से बचें।
  • काल चौघड़िया ब्रह्म मुहूर्त से पहले का यह समय तंत्र के लिए है, सामान्य जन के लिए वर्जित है। नकारात्मक विचारों को मन में न आने दें।
  • लाभ चौघड़िया अगले दिन के लिए बहुत शुभ होगी। महाशिवरात्रि की एनर्जी महसूस होगी। सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करना आरोग्य देगा।

दिन के चौघड़िया समय

मुहूर्त का नाम                    समय
लाभ 06:05 बजे से 07:40 बजे तक                                              
उद्वेग 07:40 बजे से 09:15 बजे तक
शुभ 09:15 बजे से 10:50 बजे तक
अमृत 10:50 बजे से 12:25 बजे तक
चल 12:25 बजे से 02:00 बजे तक
रोग 02:00 बजे से 03:35 बजे तक
काल 03:35 बजे से 05:10 बजे तक
लाभ 05:10 बजे से 06:45 बजे तक

 

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Images: Shutterstock.com   

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