
आज रविवार, 15 मार्च 2026 का दिन बहुत ही पवित्र और खास है। आज साल की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण एकादशियों में से एक पापमोचनी एकादशी मनाई जा रही है। हिंदू पंचांग के अनुसार, आज पवित्र चैत्र महीने के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि सुबह 09:19 बजे तक रहेगी और उसके ठीक बाद द्वादशी तिथि लग जाएगी। आज पूरी रात अगले दिन सुबह 05:57 बजे तक श्रवण नक्षत्र रहेगा। इसके साथ ही, आज सुबह 10:24 बजे तक परिघ योग रहेगा, जिसके बाद सफलता देने वाला शिव योग शुरू हो जाएगा। पापमोचनी एकादशी का व्रत और पूजा हमें सिखाता है कि अपनी पिछली गलतियों को भूलकर जीवन में एक नई और शुद्ध शुरुआत कैसे करनी है। आइए, मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित सौरभ त्रिपाठी से आज के इस खास पंचांग की पूरी जानकारी, शुभ-अशुभ समय और जीवन की हर परेशानी को दूर करने के बेहद आसान और घरेलू उपाय विस्तार से जानते हैं।
आज के दिन का महत्त्व चैत्र कृष्ण एकादशी को पापमोचनी एकादशी कहा जाता है। पापमोचनी का अर्थ है जाने-अनजाने में हुई गलतियों और परेशानियों से मुक्ति दिलाने वाली। आज के दिन भगवान श्री हरि विष्णु जी की पूजा करने और व्रत रखने से मन को अपार शांति मिलती है। रविवार का दिन सूर्य देव का भी होता है, इसलिए आज के दिन भगवान विष्णु और सूर्य देव दोनों की कृपा मिलने से जीवन में आत्मविश्वास, अच्छी सेहत और सुख-शांति आती है।
| तिथि | नक्षत्र | दिन/वार | योग | करण |
| एकादशी (सुबह 09:19 बजे तक) | श्रवण | रविवार | परिघ | बालव |
| प्रहर | समय |
| सूर्योदय | सुबह 06 बजकर 19 मिनट पर होगा |
| सूर्यास्त | शाम 06 बजकर 19 मिनट पर होगा |
| चंद्रोदय | रात 04 बजकर 26 मिनट पर होगा |
| चंद्रास्त | दोपहर 02 बजकर 50 मिनट पर होगा |
| मुहूर्त नाम | मुहूर्त समय |
| ब्रह्म मुहूर्त | (सूर्य पूजन का शुभ समय) सुबह 04 बजकर 39 मिनट से 05 बजकर 27 मिनट तक |
| अभिजीत मुहूर्त | (सूर्य पूजन का शुभ समय) सुबह 11 बजकर 55 मिनट से 12 बजकर 43 मिनट तक |
| विजय मुहूर्त | दोपहर 02 बजकर 28 मिनट से 03 बजकर 16 मिनट तक |
| गोधूलि मुहूर्त | शाम 06 बजकर 35 मिनट से 06 बजकर 59 मिनट तक। |
| मुहूर्त नाम | मुहूर्त समय |
| राहु काल | शाम 05 बजकर 03 मिनट से 06 बजकर 35 मिनट तक |
| यमगंड | दोपहर 12 बजकर 27 मिनट से 01 बजकर 59 मिनट तक |
| गुलिक काल | दोपहर 03 बजकर 31 मिनट से 05 बजकर 03 मिनट तक |
रविवार को राहु काल शाम के समय होता है। इस दौरान किसी भी तरह की नई खरीदारी, जरूरी यात्रा की शुरुआत, या बड़े पैसों के लेन-देन से पूरी तरह बचना चाहिए।
रविवार के दिन श्रवण नक्षत्र और परिघ योग का संयोग मिलकर एक बहुत ही आसान लेकिन फायदेमंद समय बनाता है। सुबह 10:24 बजे तक परिघ योग रहेगा। परिघका मतलब रुकावट या लोहे की कुंडी होता है। यह योग बताता है कि आज आपको अपने रास्ते में आने वाली हर रुकावट को अपनी मेहनत से हटाना है। वहीं, श्रवण नक्षत्र का प्रतीक 'कान' है, जो हमें सिखाता है कि आज दूसरों की अच्छी बातें सुनने और समझने से फायदा होगा। इस शुभ संयोग में भगवान के भजन सुनना और अपने घर के बड़ों के साथ बैठकर उनकी सलाह मानना बहुत ही अच्छा साबित होता है।
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