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Som Pradosh Vrat Date 2026: 15 या 16 मार्च, कब है सोम प्रदोष व्रत? जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त और महत्व

Som Pradosh Vrat Kab Hai 2026: सोम प्रदोष का व्रत बेहद खास होता है। इस दिन भगवान शिव की पूजा होती है। ऐसे में आप भी जानें इस दिन की सही तिथि, शुभ मुहूर्त और महत्व।
Editorial
Updated:- 2026-03-14, 11:04 IST

Kab Hai Som Pradosh Vrat 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार, हर तिथि का एक अलग महत्व होता है। इसलिए पूजा और शुभ मुहूर्त भी हर बार बदलते हैं, ताकि आपके जीवन में सकारात्मकता बनी रहे। ऐसे में इस बार प्रदोष व्रत पड़ रहा है, जिसमें भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा होती है। इस व्रत को अच्छे भविष्य और बच्चों के बेहतर जीवन के लिए रखा जाता है, ताकि उनके जीवन में किसी तरह की कोई परेशानी न आए। ऐसे में जरूरी है कि आप इसकी सही तिथि, शुभ मुहूर्त और महत्व के बारे में जानें, ताकि आप भी इस व्रत को धारण करके अपने जीवन का लक्ष्य प्राप्त कर सके। आइए पंडित जन्मेश द्विवेदी से पूरी जानकारी प्राप्त करते हैं।

कब है सोम प्रदोष व्रत (Som Pradosh Vrat Kab Hai 2026)

चैत्र माह के कृष्ण पत्र की त्रयोदशी तिथि की शुरूआत 16 मार्च को सुबह 9 बजकर 40 मिनट पर होगी और समाप्ति 17 मार्च सुबह 9 बजकर 23 मिनट से होगी। इस व्रत में प्रदोष काल मुहूर्त त्रयोदशी तिथि के संयोग में बन रहा है, तो ऐसे में प्रदोष व्रत 16 मार्च यानी सोमवार के दिन रखा जाएगा। आप भी इसी दिन अपनी पूजा पाठ अन्य चीजों से जुड़े कार्यों को पूरा कर लें, ताकि आप सही तरीके से व्रत रख सकें।

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सोम प्रदोष व्रत के शुभ मुहूर्त (Som Pradosh Puja Muhurat 2026)

मुहूर्त समय
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 10 मिनट से 5 बजकर 58 मिनट तक
पूजा का समय  सुबह 5 बजकर 34 मिनट से 6 बजकर 46 मिनट तक
प्रदोष काल पूजा का समय  शाम 6 बजकर 37 मिनट से 8 बजकर 44 मिनट तक

सोम प्रदोष को रखने का महत्व

सोमवार के दिन पड़ने वाले प्रदोष व्रत को 'सोम प्रदोष' कहा जाता है, जिसका हिंदू धर्म में अत्यंत विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन व्रत रखने और भगवान शिव की पूजा करने से व्यक्ति के सभी मानसिक और शारीरिक कष्टों का निवारण होता है। सोम प्रदोष मुख्य रूप से चंद्रमा से संबंधित दोषों को दूर करने और मन की शांति प्राप्त करने के लिए फलदायी माना जाता है। कहते हैं कि जो भक्त इस दिन प्रदोष काल में शिव आराधना करते हैं, उनकी अधूरी इच्छाएं पूरी होती हैं और उन्हें आरोग्य व दीर्घायु का वरदान प्राप्त होता है। इसके साथ ही, सोम प्रदोष का व्रत रखने से कुंडली में चंद्रमा की स्थिति मजबूत होती है, जिससे जीवन में सुख-समृद्धि और मानसिक स्थिरता का आगमन होता है।

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आप भी सही तिथि और शुभ मुहूर्त की जानकारी प्राप्त करके सोम प्रदोष का व्रत रख सकती हैं, जिससे आपके जीवन की कई सारी समस्याएं हल हो जाएंगी।

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