
आज बुधवार, 14 जनवरी 2026 का दिन पंचांग के अनुसार एक दुर्लभ और अत्यंत पवित्र दिन है। आज मकर संक्रांति और षटतिला एकादशी एक ही दिन पड़ रहे हैं। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, ऐसा संयोग कई वर्षों बाद बनता है। सामान्यतः मकर संक्रांति पर खिचड़ी खाने की परंपरा है, लेकिन एकादशी होने के कारण आज चावल का सेवन वर्जित माना जाता है। यह दिन संयम और दान का दिन है। आज सूर्य देव अपने पुत्र शनि की राशि मकर में प्रवेश करेंगे जिससे उत्तरायण का आरंभ होगा और खरमास समाप्त होगा। अनुराधा नक्षत्र का होना इस दिन को मित्रता, भक्ति और सामाजिक प्रतिष्ठा के लिए शुभ बनाता है। आज के दिन तिल का महत्व कई गुना बढ़ जाता है क्योंकि एकादशी और संक्रांति दोनों में तिल का प्रयोग पाप नाशक माना गया है। आइए जानते हैं मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित सौरभ त्रिपाठी से आज का पंचांग आज व्रत का नियम और उपाय।
| तिथि | नक्षत्र | दिन/वार | योग | करण |
| पौष शुक्ल एकादशी (शाम 05:52 बजे तक) | अनुराधा | बुधवार | गण्ड | बव |

| प्रहर | समय |
| सूर्योदय | सुबह 06 बजकर 53 मिनट पर होगा। |
| सूर्यास्त | शाम 05 बजकर 44 मिनट पर होगा। |
| चंद्रोदय | रात्रि 03 बजकर 59 मिनट पर होगा। |
| चंद्रास्त | सुबह 01 बजकर 50 मिनट पर होगा। |
| मुहूर्त नाम | मुहूर्त समय |
| ब्रह्म मुहूर्त | सुबह 05 बजकर 20 मिनट से 06 बजकर 08 मिनट तक |
| अभिजीत मुहूर्त | नहीं है |
| गोधुली मुहूर्त | शाम 05 बजकर 50 मिनट से 06 बजकर 17 मिनट तक |
| विजय मुहूर्त | दोपहर 02 बजकर 21 मिनट से 03 बजकर 04 मिनट तक |
| मुहूर्त नाम | मुहूर्त समय |
| राहु काल | दोपहर 12 बजकर 24 मिनट से 01 बजकर 46 मिनट तक |
| यमगंड | सुबह 08 बजकर 18 मिनट से 09 बजकर 40 मिनट तक |
| गुलिक काल | सुबह 11 बजकर 02 मिनट से 12 बजकर 24 मिनट तक |

आज सबसे बड़ी दुविधा यह है कि मकर संक्रांति पर खिचड़ी खाई जाती है, लेकिन एकादशी पर चावल खाना पाप माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, जब एकादशी और संक्रांति एक साथ हों, तो व्रत का पालन करना श्रेष्ठ है। इसलिए आज के दिन खिचड़ी का सेवन न करें, बल्कि खिचड़ी की कच्ची सामग्री चावल, दाल, नमक, घी का दान करें। आज के दिन तिल का 6 प्रकार से उपयोग स्नान, उबटन, हवन, तर्पण, भोजन और दान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। अनुराधा नक्षत्र आज के दिन को और भी शुभ बनाता है क्योंकि यह नक्षत्र शनि देव जो की मकर राशि के स्वामी का मित्र नक्षत्र है।
बुधवार के दिन मकर संक्रांति और एकादशी का मिलना बुधादित्य जैसा फल देने वाला है, भले ही सूर्य-बुध की युति न हो रही हो। यह संयोग व्यापार, लेखन और वाणी के लिए अत्यंत शुभ है। सूर्य का मकर राशि में जाना पिता-पुत्र के मिलन का प्रतीक है। एकादशी भगवान विष्णु को प्रिय है और संक्रांति सूर्य देव को। अतः आज विष्णु और सूर्य दोनों की कृपा प्राप्त करने का दिन है। जो लोग आज के दिन तिल और गुड़ का दान करते हैं उनके पितर तृप्त होते हैं गण्ड योग होने से आज के दिन तिल का दान से धन-धान्य की वृद्धि होती है।
आज दोपहर 3:13 बजे के बाद जल में काला तिल, लाल फूल और थोड़ा सा गुड़ डालकर सूर्य को अर्घ्य दें। आज चावल खाने से बचें, लेकिन चावल और दाल का दान जरूर करें। साथ ही काले कंबल का दान शनि दोष को दूर करता है। आज शाम को तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाएं और ॐ नमो भगवते वासुदेवाय का जाप करें। आज गाय को हरा चारा और तिल-गुड़ का लड्डू खिलाना अत्यंत लाभकारी रहेगा।
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