Sun Feb 15, 2026 | Updated 08:26 AM IST
aaj ka choghadiya 15 febrauary 2026

Aaj Ka Choghadiya 15 February 2026: आज रविवार महाशिवरात्रि के दिन बन रहा है ग्रह-नक्षत्रों का शुभ संयोग, भगवान शिव की उपासना से बनेंगे बिगड़े काम; जानें आज का चौघड़िया मुहूर्त

आज 15 फरवरी 2026 रविवा को महाशिवरात्रि , उत्तराषाढ़ा नक्षत्र और व्यतिपात योग का दिव्य संयोग बन रहा है। आज फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि है। चलिए पंडित जी से दिन और रात का चौघड़िया मुहूर्त जान लीजिए।  
Editorial
Updated:- 2026-02-15, 07:30 IST

15 फरवरी 2026 आज रविवार, फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि है। आज सनातन धर्म का सबसे बड़ा पर्व  महाशिवरात्रि  है। यह भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह की रात्रि मानी जाती है। आज पूरा दिन और रात शिव आराधना के लिए समर्पित है। आज उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। इसके स्वामी सूर्य हैं और देवता विश्वदेव हैं। उत्तराषाढ़ा एक ध्रुव नक्षत्र है, जो संकल्प को पूरा करने और अंतिम विजय दिलाने वाला माना जाता है। साथ ही आज व्यतिपात योग बन रहा है। ज्योतिष में व्यतिपात योग को महापात  माना जाता है। भौतिक कार्यों शुभ विवाह, मुंडन आदि के लिए यह वर्जित है, लेकिन मंत्र सिद्धि, ध्यान और पूजा-पाठ के लिए यह योग 100 गुना अधिक फलदायी होता है। महाशिवरात्रि पर व्यतिपात योग का होना साधकों के लिए वरदान है। पंडित सौरभ त्रिपाठी ने चौघड़िया के मुहूर्त शेयर किए हैं।

आज के दिन का आध्यात्मिक महत्व-

aaj ka choghadiya 13 feb

महाशिवरात्रि पर चार प्रहर  की पूजा का विधान है। आज शिवलिंग पर बेलपत्र, धतूरा, दूध और गंगाजल चढ़ाने से जन्म-जन्मांतर के पाप धुल जाते हैं। उत्तराषाढ़ा नक्षत्र और रविवार का संयोग आज आत्म-बल  को बढ़ाएगा। व्यतिपात योग में किया गया ओम नमः शिवाय का जाप और रुद्राभिषेक वंश वृद्धि और आरोग्य प्रदान करता है। आज रात्रि जागरण का विशेष महत्व है।


दिन का चौघड़िया – 15 फरवरी 2026 (सूर्योदय से सूर्यास्त तक)

  • आज रविवार है, इसलिए दिन की शुरुआत उद्वेग चौघड़िया से हो रही है।
  • उद्वेग चौघड़िया रविवार की शुरुआत सूर्य के प्रभाव वाले उद्वेग से होती है। महाशिवरात्रि पर सूर्योदय के समय सूर्य को जल दें और शिव मंदिर जाकर दिन का संकल्प लें। यह समय पूजा के लिए एनर्जेटिक है।
  • चल चौघड़िया उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में 'चल चौघड़िया' गति और स्थिरता का संतुलन बनाता है। मंदिर जाने, यात्रा करने के लिए यह समय उत्तम है।
  • लाभ चौघड़िया यह समय बहुत शुभ है। रविवार को लाभ चौघड़िया में किया गया दान और पूजन विशेष फल देता है। उत्तराषाढ़ा नक्षत्र की ऊर्जा इस समय आपको समाज में मान-सम्मान दिलाएगी।
  • अमृत चौघड़िया यह दिन का सर्वश्रेष्ठ समय है। शिव पूजा, रुद्राभिषेक और महामृत्युंजय मंत्र के जाप के लिए यह समय शुभ समय है। व्यतिपात योग का आध्यात्मिक लाभ इस समय चरम पर होगा।
  • काल चौघड़िया दोपहर का यह समय सतर्कता का है। इस समय कोई भी नया सांसारिक कार्य न करें। केवल शिव ध्यान में रहें।
  • शुभ चौघड़िया यह समय शांतिपूर्ण और मंगलकारी है। दोपहर की पूजा और कथा श्रवण के लिए यह समय चुनें। उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का स्थिर प्रभाव मन को एकाग्र करेगा।
  • रोग चौघड़िया शाम के समय आलस्य आ सकता है या थकान महसूस हो सकती है। फलाहार लेते समय सावधानी बरतें।
  • उद्वेग चौघड़िया रविवार को शाम 04:30 बजे से 06:00 बजे तक राहुकाल रहता है। महाशिवरात्रि की पूजा राहुकाल में वर्जित नहीं होती क्योंकि शिव काल के भी महाकाल हैं , लेकिन कोई भी सांसारिक शुभ कार्य या यात्रा इस समय न करें।

दिन के चौघड़िया समय

मुहूर्त का नाम       समय
उद्वेग 06:45 बजे से 08:10 बजे तक
चल 08:10 बजे से 09:35 बजे तक
लाभ 09:35 बजे से 11:00 बजे तक
अमृत 1:00 बजे से 12:25 बजे तक
काल 12:25 बजे से 01:50 बजे तक
शुभ 01:50 बजे से 03:15 बजे तक
रोग  03:15 बजे से 04:40 बजे तक
उद्वेग 04:40 बजे से 06:05 बजे तक 

रात का चौघड़िया – (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक)

  • आज की पूरी रात चार प्रहर की पूजा के लिए है। चौघड़िया का महत्व गुना हो जाता है, फिर भी मुहूर्त अनुसार लाभ लें।
  • शुभ चौघड़िया सूर्यास्त के बाद प्रथम प्रहर की पूजा के लिए यह समय सर्वश्रेष्ठ है। शिवलिंग का दुग्धाभिषेक करें। घर में सुख-शांति के लिए यह समय उत्तम है।
  • अमृत चौघड़िया यह द्वितीय प्रहर की पूजा का समय है। शिवलिंग का दधि अभिषेक करें। यह समय धन और समृद्धि के लिए अचूक है। उत्तराषाढ़ा नक्षत्र की रात में यह समय सिद्धि देता है।
  • चल चौघड़िया यह समय जागरण और भजन-कीर्तन के लिए है। शिव उत्सव का आनंद लें।
  • रोग चौघड़िया जो लोग व्रत नहीं हैं, वे विश्राम करें। व्रत करने वाले लोग इस समय मंत्र जाप करें।
  • काल चौघड़िया तृतीय प्रहर की पूजा यह समय तांत्रिक सिद्धि और विशेष कामना पूर्ति के लिए है। शिवलिंग का घृत अभिषेक करें। यह समय सबसे शक्तिशाली माना जाता है।
  • लाभ चौघड़िया चतुर्थ प्रहर की पूजा ब्रह्म मुहूर्त की ओर बढ़ते हुए यह समय मोक्ष दायक है। शिवलिंग का मधु अभिषेक करें।
  • उद्वेग चौघड़िया मन में थोड़ी थकान हो सकती है, लेकिन भक्ति में लीन रहें।
  • शुभ चौघड़िया महाशिवरात्रि का पारण अगले दिन की सुबह अत्यंत पवित्र होगी। शिवरात्रि व्रत का पारण और स्नान-दान के लिए यह समय मंगलमय है।

रात के चौघड़िया समय

मुहूर्त का नाम          समय
शुभ 06:05 बजे से 07:40 बजे तक
अमृत  07:40 बजे से 09:15 बजे तक
चल 09:15 बजे से 10:50 बजे तक
रोग 10:50 बजे से 12:25 बजे तक
काल 12:25 बजे से 02:00 बजे तक
लाभ 02:00 बजे से 03:35 बजे तक
उद्वेग 03:35 बजे से 05:10 बजे तक
शुभ 05:10 बजे से 06:45 बजे तक

 

 

अगर आपको यह जानकारी उपयोगी लगी हो, तो इसे जरूर साझा करें। ऐसी ही दैनिक चौघड़िया और ज्योतिष से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी के लिए जुड़े रहें HeiZindagi से।

 

यह विडियो भी देखें

Herzindagi video

Disclaimer

हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, [email protected] पर हमसे संपर्क करें।

;