
आज रविवार, 15 फरवरी 2026 का दिन सनातन धर्म का सबसे बड़ा पर्व है। आज फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी शाम तक है और उसके बाद चतुर्दशी तिथि है। आज महाशिवरात्रि का महापर्व है। शास्त्रों के अनुसार, फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी की महानिशा में ही भगवान शिव का लिंग रूप में प्राकट्य हुआ था और इसी दिन शिव-पार्वती का विवाह संपन्न हुआ था। आज आकाश मंडल में उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। उत्तराषाढ़ा के स्वामी सूर्य हैं और आज रविवार भी है। सूर्य आत्मा और शिव परमात्मा का यह दुर्लभ संयोग मोक्ष और आत्म-साक्षात्कार के लिए सर्वोत्तम है। आज चंद्रमा मकर राशि में संचार करेंगे। आइए जानते हैं मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित सौरभ त्रिपाठी से आज का पंचांग, पूजा मुहूर्त और उपाय।
महाशिवरात्रि आज की रात सिद्धि की रात है। जो भक्त आज दिन भर उपवास रखकर रात के चारों प्रहर में शिवलिंग का अभिषेक करते हैं, उन्हें धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष चारों पुरुषार्थों की प्राप्ति होती है। आज ओम नमः शिवाय का जाप अखंड पुण्य देता है। आज उत्तराषाढ़ा नक्षत्र है उत्तराषाढ़ा का अर्थ है अंतिम जीत ।

यह नक्षत्र दृढ़ता और नेतृत्व का प्रतीक है। चूंकि इसके स्वामी सूर्य हैं और आज रविवार है, इसलिए आज की गई पूजा से सरकारी बाधाएं, पितृ दोष और आत्मविश्वास की कमी दूर होती है। आज 05:07 बजे से चतुर्दशी लगते ही भद्रा भी शुरू हो जाएगी। लेकिन, शिव पूजा में भद्रा का विचार नहीं किया जाता क्योंकि भगवान शिव काल के भी महाकाल हैं। आप निसंकोच पूजा कर सकते हैं।
तिथि |
नक्षत्र | दिन/वार | योग | करण |
| त्रयोदशी (शाम 05:07 बजे तक) | उत्तराषाढ़ा | रविवार | व्यतिपात | वणिज |
| प्रहर | समय |
| सूर्योदय | सुबह 06 बजकर 43 मिनट पर होगा। |
| सूर्यास्त | शाम 06 बजकर 06 मिनट पर होगा। |
| चंद्रोदय | सुबह 05 बजकर 53 मिनट पर होगा। |
| चंद्रास्त | दोपहर 04 बजकर 07 मिनट पर होगा। |
| मुहूर्त नाम | मुहूर्त समय |
| ब्रह्म मुहूर्त | (सूर्य पूजन का शुभ समय) सुबह 05 बजकर 06 मिनट से 05 बजकर 54 मिनट तक |
| अभिजीत मुहूर्त | (सूर्य पूजन का शुभ समय) दोपहर 12 बजकर 02 मिनट से 01 बजकर 47 मिनट तक |
| विजय मुहूर्त | दोपहर 02 बजकर 45 मिनट से 03 बजकर 30 मिनट तक |
| गोधूलि मुहूर्त | शाम 06 बजकर 17 मिनट से 06 बजकर 42 मिनट तक |
| मुहूर्त नाम | मुहूर्त समय |
| राहुकाल | शाम 04 बजकर 50 मिनट से 06 बजकर 17 मिनट तक |
| यमगंड | दोपहर 12 बजकर 30 मिनट से 01 बजकर 57 मिनट तक |
| गुलिक काल | दोपहर 03 बजकर 24 मिनट से 04 बजकर 50 मिनट तक |
रविवार को राहुकाल शाम 04 बजकर 50 मिनट से 06 बजकर 17 मिनट तक। इस समय शिव जी का पूजा कर सकते हैं, लेकिन शुभ कार्य आरंभ न करें।
ज्योतिष शास्त्र में रविवार और उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का मिलन द्विगुणित सूर्य प्रभाव पैदा करता है। आज आपका आत्मविश्वास बहुत ऊंचा रहेगा। आज का यह यह संयोग सरकारी नौकरी की तैयारी करने वालों और नेताओं के लिए बहुत शुभ है। आज के दिन सूर्य का का प्रभाव तेज होने से स्वभाव में थोड़ा क्रोध या अहंकार आ सकता है। आज शिव जी की शीतलता से अपने क्रोध को शांत रखें। आज के दिन अपनी वाणी में सयम रखने का प्रयास करें।

हम आप तक पंचांग और ज्योतिष से जुड़ी जानकारी सरल, संतुलित और भरोसेमंद भाषा में पहुंचाने का प्रयास करते रहेंगे। अगर यह जानकारी उपयोगी लगी हो, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़े रहें हरजिंदगी से।
यह विडियो भी देखें
Herzindagi video
हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, [email protected] पर हमसे संपर्क करें।