
आज सोमवार, 02 फरवरी 2026 से हिंदू पंचांग के अंतिम महीने फाल्गुन का आरंभ हो रहा है उत्तर भारतीय पंचांग अनुसार आज फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि है। होली के हुड़दंग और वसंत के पूर्ण आगमन का यह महीना आनंद का प्रतीक है। आज आकाश मंडल में अश्लेषा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। अश्लेषा नक्षत्र के देवता नाग हैं और स्वामी बुध हैं। यह नक्षत्र गंडमूल श्रेणी का सबसे तीक्ष्ण नक्षत्र माना जाता है। आज सोमवार शिव जी का दिन है और नक्षत्र नाग शिव जी का आभूषण का है, इसलिए आज का दिन कालसर्प दोष और पितृ दोष की शांति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। आज चंद्रमा कर्क राशि से निकलकर सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। आइए जानते हैं मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित सौरभ त्रिपाठी से आज का पंचांग और उपाय।

| तिथि | नक्षत्र | दिन/वार | योग | करण |
| प्रतिपदा (रात 01:54 बजे तक) | अश्लेषा | सोमवार | सौभाग्य | कौलव |
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| प्रहर | समय |
| सूर्योदय | सुबह 06 बजकर 50 मिनट पर होगा। |
| सूर्यास्त | शाम 05 बजकर 58 मिनट पर होगा। |
| चंद्रोदय | शाम 06 बजकर 30 मिनट पर होगा। |
| चंद्रास्त | सुबह 07बजकर 04 मिनट पर होगा। |
| मुहूर्त नाम | मुहूर्त समय |
| ब्रह्म मुहूर्त | (सूर्य पूजन का शुभ समय) सुबह 05 बजकर 17 मिनट से 06 बजकर 05 मिनट तक |
| अभिजीत मुहूर्त | (सूर्य पूजन का शुभ समय) दोपहर 12 बजकर 01 मिनट से 12 बजकर 46 मिनट तक |
| विजय मुहूर्त | दोपहर 02 बजकर 34 मिनट से 03 बजकर 19 मिनट तक |
| गोधूलि मुहूर्त | शाम 06 बजकर 04 मिनट से 06 बजकर 32 मिनट तक |
| मुहूर्त नाम | मुहूर्त समय |
| राहु काल | सुबह 08 बजकर 21 मिनट से 09 बजकर 44 मिनट तक |
| यमगंड | सुबह 11 बजकर 07 मिनट से दोपहर 12 बजकर 30 मिनट तक |
| गुलिक काल | दोपहर 01 बजकर 55 मिनट से 03 बजकर 19 मिनट तक |
सोमवार को राहु काल सुबह 8:15 बजे से 9:45 बजे के बीच होता है। आज पूरा दिन गंडमूल भी है, इसलिए नए और मांगलिक कार्यों गृह प्रवेश, शादी की बात से बचें।
आज से फाल्गुन का महीना शुरू हो गया है। यह महीना भगवान कृष्ण और शिव दोनों को प्रिय है। इस महीने में शीतल जल से स्नान करना और भगवान को रंग/गुलाल अर्पित करना शुरू कर देना चाहिए। आज अश्लेषा नक्षत्र है और ये कुंडलिनी शक्ति और जहर दोनों का प्रतीक है। आज के दिन किसी पर भरोसा करना भारी पड़ सकता है क्योंकि अश्लेषा धोखे का भी कारक है। जो लोग गुप्त विद्या या साइकोलॉजी के क्षेत्र में हैं, उनके लिए आज का दिन सिद्धिदायक है। सोमवार और अश्लेषा ये भगवान शिव अपने गले में नाग धारण करते हैं। आज सोमवार को नागों के नक्षत्र का होना शिव जी की विशेष पूजा का संकेत है। जिन लोगों की कुंडली में कालसर्प दोष या राहु की महादशा चल रही है, वे आज के दिन विशेष लाभ उठा सकते हैं।
ज्योतिष शास्त्र में सोमवार और अश्लेषा नक्षत्र का संयोग बहुत गहरा और रहस्यमयी होता है सोमवारका दिन मन का है और अश्लेषा नक्षत्र पेचीदा है। आज मन में शक, वहम और जलन की भावनाएं आ सकती हैं। आज के दिन के प्रभाव से इंट्यूशन आज आपकी सिक्स्थ सेंस बहुत तेज काम करेगी। आपको पहले ही आभास हो जाएगा कि क्या सही है और क्या गलत। आज के दिन किसी को उधार पैसा न दें और न ही किसी की गारंटी लें, क्योंकि अश्लेषा नक्षत्र में दिया गया धन वापस नहीं आता और लम्बे समय के लिए फंस जाता है ।
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