
22 मार्च 2026 आज रविवार का दिन है। चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि है। आज चैत्र नवरात्रि का चौथा दिन है और आज के दिन माँ दुर्गा के चौथे स्वरूप माँ कूष्मांडा की पूजा-आराधना की जाती है। इसके साथ ही आज भगवान गणेश को समर्पित 'विनायकी चतुर्थी' का बहुत ही पावन व्रत भी है। आज का दिन रविवार की छुट्टी के साथ-साथ भगवान गणेश की कृपा से सारे विघ्न दूर करने और माता रानी की भक्ति से घर-परिवार में खुशियां लाने के लिए बहुत ही उत्तम है।
नवरात्रि का चौथा दिन माँ कूष्मांडा को और चतुर्थी तिथि विघ्नहर्ता भगवान गणेश जी को समर्पित होती है। ऐसा माना जाता है कि माँ कूष्मांडा ने अपनी हल्की सी मुस्कान से ही इस पूरी सृष्टि को रचा था। भगवान सूर्य गणेश जी और माता रानी का एक साथ आशीर्वाद पाने का यह बहुत ही दुर्लभ और शुभ संयोग है। आज का बहुत ही आसान और घरेलू उपाय यह है कि सुबह नहाने के बाद तांबे के लोटे में साफ जल और थोड़ा सा गुड़ डालकर सूर्य देव को जल जरूर चढ़ाएं। इसके बाद माता रानी और भगवान गणेश के सामने शुद्ध घी का दीपक जलाएं। गणेश जी को थोड़ी सी दूर्वा और गुड़ अर्पित करें। माँ कूष्मांडा को मालपुआ या घर पर बनी किसी भी मीठी चीज का भोग लगाएं। पूजा के बाद यह प्रसाद परिवार के सभी सदस्यों में बांटें। यह बहुत ही सरल उपाय है, जिससे आपके हर काम में आ रही रुकावटें दूर होंगी, बुद्धि और विवेक में वृद्धि होगी और परिवार में हमेशा सुख-शांति व स्वास्थ्य बना रहेगा।

| मुहूर्त का नाम | समय |
| उद्वेग | 06:16 बजे से 07:46 बजे तक |
| चल | 07:46 बजे से 09:16 बजे तक |
| लाभ | 09:16 बजे से 10:46 बजे तक |
| अमृत | 10:46 बजे से 12:16 बजे तक |
| काल | 12:16 बजे से 01:46 बजे तक |
| शुभ | 01:46 बजे से 03:16 बजे तक |
| रोग | 03:16 बजे से 04:46 बजे तक |
| उद्वेग | 04:46 बजे से 06:16 बजे तक |
| मुहूर्त का नाम | समय |
| शुभ | 06:16 बजे से 07:46 बजे तक |
| अमृत | 07:46 बजे से 09:16 बजे तक |
| चल | 09:16 बजे से 10:46 बजे तक |
| रोग | 10:46 बजे से 12:16 बजे तक |
| लाभ | 01:46 बजे से 03:16 बजे तक |
| उद्वेग | 03:16 बजे से 04:46 बजे तक |
| शुभ | 04:46 बजे से 06:15 बजे तक |
शुभ चौघड़िया में शाम के समय घर के मंदिर में दीपक जलाएं और माता व गणेश जी की आरती करें। यह समय बहुत अच्छा है और घर में सकारात्मकता लाता है।
अमृत चौघड़िया में रात के फलाहार और परिवार के साथ खुशी-खुशी समय बिताने के लिए यह सबसे अच्छा समय है। मन बहुत शांत और प्रसन्न रहेगा।
चल चौघड़िया में यह समय एकदम सामान्य है। अगले दिन की तैयारी करें और मन में कोई उलझन न पालें। आराम से समय बिताएं।
रोग चौघड़िया में अपनी सेहत का खास ध्यान रखें। व्रत के कारण थोड़ी थकान लग सकती है, इसलिए रात में भारी काम न करें।
काल चौघड़िया में रात के इस समय व्यर्थ की चिंता या पुरानी बातों को याद करके परेशान न हों। मन को एकदम शांत रखें और सो जाएं।
लाभ चौघड़िया में जो बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं या जो लोग रात में जगकर माता का जागरण या मंत्र जाप करते हैं, उनके लिए यह समय बहुत अच्छा है।
उद्वेग चौघड़िया में मन शांत रखें। किसी भी बात की उलझन मन में न रखें और अच्छी व गहरी नींद लें।
शुभ चौघड़िया में सुबह उठकर यह समय नहाने-धोने और नवरात्रि के पांचवें दिन की पूजा की तैयारी के लिए बहुत शुभ है।
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