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aaj ka choghadiya 18 januaray

Aaj Ka Choghadia 18 January: आज रविवार के दिन बन रहा है मौनी अमावस्या और पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र का महासंयोग, स्नान-दान के लिए देखें आज का शुभ मुहूर्त

आज 18 जनवरी 2026, रविवार को मौनी अमावस्या और पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र का महासंयोग बन रहा है जो आपके जीवन के लिए कई तरह के सकारात्मक संकेत दे रहा है। इस शुभ दिन स्नान और दान का विशेष महत्व है, जो पितृ तर्पण और आध्यात्मिक प्रगति के लिए फलदायक है। जानिए आज के दिन का संपूर्ण चौघड़िया शुभ मुहूर्त।
Editorial
Updated:- 2026-01-18, 07:31 IST

18 जनवरी 2026 आज रविवार, माघ मास की कृष्ण पक्ष की अमावस्या है, जिसे मौनी अमावस्या  कहा जाता है। यह साल की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण अमावस्या मानी जाती है। आज के दिन पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। पूर्वाषाढ़ा का स्वामी शुक्र है और इसका तत्व जल है। मौनी अमावस्या पर पवित्र नदियों में स्नान का महत्व होता है और जल तत्व वाले नक्षत्र का होना इस स्नान को अमृत समान बना देता है। आज हर्षण योग भी बन रहा है, जो पितरों की तृप्ति और मन की प्रसन्नता के लिए शुभ है। रविवार और अमावस्या का संयोग सूर्य और चंद्रमा के मिलन का प्रतीक है, जो पितृ दोष निवारण और राजकीय लाभ के लिए अत्यंत दुर्लभ माना जाता है।

आज के दिन का आध्यात्मिक महत्व

मौनी अमावस्या का अर्थ है मौन धारण करना। मान्यता है कि आज के दिन वाणी पर नियंत्रण रखने से मुनियों जैसा पुण्य मिलता है। आज पवित्र संगम या गंगा में स्नान करने से हजार अश्वमेध यज्ञों के बराबर फल मिलता है। पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र आज जल पूजन और वरुण देव की आराधना के लिए प्रेरित कर रहा है। आज के दिन पितरों के निमित्त तर्पण, पिंडदान और कच्चा अन्न दान करना चाहिए। आज ॐ नमो भगवते वासुदेवाय का मानसिक जाप और सूर्य को अर्घ्य देना जीवन के अंधकार को मिटा देता है।

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दिन का चौघड़िया-18 जनवरी 2026 (सूर्योदय से सूर्यास्त तक)

आज रविवार है, इसलिए दिन का शुभारम्भ उद्वेग चौघड़िया से हो रहा है। उद्वेग चौघड़िया से  रविवार की शुरुआत सूर्य के प्रभाव वाले उद्वेग से होगी। अमावस्या के कारण मन थोड़ा भारी रह सकता है।

इस समय स्नान-ध्यान करें, लेकिन किसी से विवाद न करें। इसके बाद चल, लाभ और अमृत चौघड़िया का अद्भुत संयोग बनेगा। यह मौनी अमावस्या का पुण्य काल है।

  • चल चौघड़िया नदी तट पर जाने, यात्रा करने और दान-पुण्य के लिए यह समय अच्छा है।
  • लाभ चौघड़िया पितृ तर्पण और ब्राह्मण भोजन के लिए यह समय श्रेष्ठ है। इससे पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होगा और वंश वृद्धि होगी।
  • अमृत चौघड़िया यह दिन का सबसे पवित्र समय है। मौन व्रत रखकर साधना करने, दान देने और सूर्य पूजा के लिए यह समय सर्वोत्तम है।
  • दोपहर में काल चौघड़िया आएगा।
  • काल चौघड़िया इस समय सतर्क रहें। अमावस्या की दोपहर में नकारात्मक शक्तियां प्रभावी हो सकती हैं। कोई भी नया काम शुरू न करें और न ही किसी सुनसान जगह पर जाएं। दोपहर बाद शुभ चौघड़िया स्थिति को सकारात्मक बनाएगा।
  • शुभ चौघड़िया यह समय धार्मिक चर्चा, सत्संग और दान विशेषकर गर्म कपड़े या तिल के लिए उत्तम है।
  • दिन के अंत में रोग और उद्वेग चौघड़िया रहेंगे।
  • रोग चौघड़िया व्रत और नियमों के पालन से शरीर में थकान हो सकती है।
  • उद्वेग चौघड़िया शाम के समय मन विचलित हो सकता है।

दिन का चौघड़िया समय 

मुहूर्त का नाम                   समय
उद्वेग  06:53 बजे से 08:14 बजे तक
चल  08:14 बजे से 09:35 बजे तक
लाभ  09:35 बजे से 10:56 बजे तक
अमृत  10:56 बजे से 12:17 बजे तक
काल  12:17 बजे से 01:38 बजे तक
शुभ  01:38 बजे से 02:59 बजे तक
रोग  02:59 बजे से 04:20 बजे तक
उद्वेग  04:20 बजे से 05:41 बजे तक

रात का चौघड़िया – (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक)

  • अमावस्या की रात दिवाली जैसी ही मानी जाती है, यह तांत्रिक और आध्यात्मिक साधना के लिए विशेष होती है।
  • शाम की शुरुआत शुभ चौघड़िया से होगी।
  • शुभ चौघड़िया में अमावस्या की शाम को पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाना और पितरों को विदा करना इस समय बहुत फलदायी होता है। इसके बाद अमृत चौघड़िया आएगा।
  • अमृत चौघड़िया रात्रि भोजन और परिवार के साथ शांतिपूर्ण समय बिताने के लिए यह समय उत्तम है। मानसिक जाप के लिए भी यह श्रेष्ठ है। मध्य रात्रि से पहले चल चौघड़िया रहेगा।
  • चल चौघड़िया  सामान्य कार्यों के लिए ठीक है। इस समय अध्यन किया जा सकता है।  देर रात रोग और काल चौघड़िया आएंगे। अमावस्या की काली रात  में यह समय सबसे संवेदनशील होता है।
  • रोग चौघड़िया में अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए।
  • काल चौघड़िया  इस समय नकारात्मक ऊर्जा चरम पर होती है। श्मशान या निर्जन स्थानों के पास न जाएं। घर में रहकर ईश्वर का ध्यान करें या सो जाएं।
  • ब्रह्म मुहूर्त की ओर बढ़ते हुए लाभ चौघड़िया आएगा।
  • लाभ चौघड़िया जो साधक हैं, उनके लिए यह महानिशा का समय है। गुप्त सिद्धियों के लिए यह समय उपयुक्त है।
  • अंत में उद्वेग और शुभ चौघड़िया के साथ नई सुबह का आगमन होगा।
  • शुभ चौघड़िया सोमवार पूजन सभी शुभ काम के लिए शुभ होगा।

रात का चौघड़िया समय

मुहूर्त का नाम          समय
शुभ  05:41 बजे से 07:20 बजे तक
अमृत  07:20 बजे से 08:59 बजे तक
चल  08:59 बजे से 10:38 बजे तक
रोग  10:38 बजे से 12:17 बजे तक
काल  12:17 बजे से 01:56 बजे तक
लाभ  01:56 बजे से 03:35 बजे तक
उद्वेग  03:35 बजे से 05:14 बजे तक
शुभ  05:14 बजे से 06:53 बजे तक

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