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Aeroplane Crash: पायलट की चूक या खराब मौसम, प्‍लेन क्रैश होने के क्‍या हो सकते हैं कारण?

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार के प्लेन क्रैश की खबर के बाद एक बार फिर विमान हादसों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। आखिर प्लेन क्रैश क्यों होते हैं। पायलट की चूक, तकनीकी खराबी या खराब मौसम? इस आर्टिकल में अहमदाबाद एयर इंडिया ड्रीमलाइनर क्रैश, मंगलुरु हादसा और चरखी दादरी मिड-एयर कोलिजन जैसे बड़े विमान हादसों के कारणों को आसान भाषा में समझाया गया है।  
Editorial
Updated:- 2026-01-28, 15:22 IST

महाराष्‍ट्र के डिप्‍टी सीएम अजित पवार के प्‍लेन क्रैस की खबर के बाद साल 2025 में हुए अहमदाबाद एयर इंडिया ड्रीम लाइनर प्‍लेन क्रैश की धुंधली यादें ताजा हो गई हैं। कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर हम रोज ही कोई ऐसी खबर पढ़ लेते हैं, जो प्‍लेन की किसी तकनीकी खराबी से इमर्जेंसी लैंडिंग से जुड़ी होती है या फिर प्‍लेन के क्रैश होते-होते बच जाने की होती है।

अजित पवार के प्‍लेन क्रैस मामले के सामने आने के बाद लोग एक बार फिर से दहशत में हैं और प्‍लेन से ट्रैवल करने में उन्‍हें लग रहा है। देखा जाए तो यह लाजमी भी है क्‍योंकि प्‍लेन में बैठे आम आदमी को प्‍लेन के क्रैश होने से जुड़ी कोई जानकारी ही नहीं होती है, मगर इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताएंगे कि प्‍लेन क्रैश होने के क्‍या-क्‍या कारण हो सकते हैं।

अहमदाबाद एयर इंडिया 787 क्रैश (12 जून 2025)

बीते वर्ष अहमदाबाद से लंदन जा रहा एयर इंडिया का बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर टेकऑफ के कुछ ही मिनट बाद क्रैश हो गया । इस क्रैश का कारण प्‍लेन के इंजन तक ईंधन का पहुंच पाना बताया गया। आपको बता दें कि प्‍लेन में 2 इंजन होते हैं और एक ही इंजन पर प्‍लेन फ्लाई करता है। जब एक इंजन फेल होता है, तो पायलट प्‍लेन को दूसरे इंजन पर चलाता है। हालांकि, इस प्‍लेन क्रैश में दोनों ही इंजनों ने साथ में काम करना बंद कर दिया था।

एयर इंडिया एक्सप्रेस फ्लाइट 812 (22 मई 2010)

इस प्‍लेन हादसे में 158 लोगों की मौत हो गई थी। फ्लाइट मुंबई से दुबई के लिए थी और मैंगलौर में उसका स्‍टॉप भी था। लैंडिाग के दौरान ही प्‍लेन क्रैश हो गया था। इस प्‍लेन क्रैश में रनवे की खराब दशा और क्रू की गलत एप्रोच को जिम्‍मेदार ठहराया गया। पूर्व पायलट और यूट्यूबर गौरव तनेजा अपने एक ब्‍लॉग में बताया था कि एयरलाइंस अपना फ्यूल बचाने के लिए पायलटों पर दबाव बनाती हैं कि वह फ्लैप-3, जिसमें कम फ्यूल लगता है, उसका इस्‍तेमाल करके लैंडिंग कराएं। कई हवाई अड्डों पर इस तरह की प्‍लेन लैंडिंग असुरक्षित होती है। कई बार खराब मौसम और छोटे रनवे पर फुल फ्लैप मैथर्ड से प्‍लेन की लैंडिंग कराना ही सुरक्षित होता है।

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एलाइंस एयर फ्लाइट 7412 (17 जुलाई 2000)

इस प्‍लेन हादसे का जिम्‍मेदार पायलट का ठहराया गया था। रिपोर्ट के अनुसार गलत टेकऑफ की प्रक्रिया के कारण प्‍लेन ने उड़ान भरने के बाद नियंत्रण खो दिया। जी हां, केवल लैंडिंग ही नहीं गलत तरह से टेकऑफ करने के कारण भी ऐसा होता है। खासतौर पर जब प्‍लेन में जरूरत से ज्‍यादा लगेज होता है, तो ओवरलोडिंग के कारण प्‍लेन को ज्‍यादा दूरे से रनवे पर भागना होता है और फिर वह उड़ान भर सकता है। मगर छोटे रनवे के कारण गलत तरह से किया गया टेकऑफ भी खतरनाक साबित हो सकता है। इतना ही नहीं ओवर लोडेड प्‍लेन के इंजन पर भी अतिरिक्‍त दवाब होता है, जो कभी-कभी इंजन फेल होने का कारण बन सकता है।

चरखी दादरी मिड-एयर कोलाइड (12 नवंबर 1996)

दुनिया भर के प्‍लेन क्रैशेज में यह घटना सबसे ज्‍यादा भीषण थी। इसमें दो बड़े यात्री प्‍लेन हवा में एक दूसरे से टकरा गए। यह हादसा एयर ट्रैफिक कम्‍युनिकेशन गड़बड़ी और प्‍लेन की तय ऊंचाई से नीचे उतर जाने के कारण हुआ था। इसे ह्यूमन मिस्‍टेक भी कहा जा सकता है। इस हादसे में 349 लोगों की मौत हो गई थी।

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अजित पवार के प्‍लेन क्रैश का कारण भी तकनीकी खराबी ही बताया जा रहा है। प्‍लेन के क्रैश होने से जुड़ी यह जानकारी बहुत कम ही लोगों को पता होती है। यदि आपको यह लेख ज्ञानवर्धक लगा हो, तो इसे शेयर और लाइक जरूर करें। इसी तरह और भी आर्टिकल पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।

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