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कौन है पाकिस्तान की माहिरा मैडम? जो भारत में पहचान छिपाकर कर रही थी सरकारी पद पर काम, जानें कैसे मिल गई नौकरी?

पाकिस्तान की माहिरा उत्तर प्रदेश के रामपुर में बनी फरजाना। जैसे ही यह खबर सामने आई है, हर कोई महिला के बारे में सर्च कर रहा है। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि वह सरकारी नौकरी के पद पर तैनात थी और इतने सालों में किसी को पता भी नहीं चला।
Editorial
Updated:- 2026-01-08, 17:44 IST

पाकिस्तान की महिला पिछले कई सालों से भारत में अपनी पहचान छिपाकर स्कूल में टीचिंग कर रही थी। हालांकि, इससे भी ज्यादा हैरानी वाली बात यह है कि वह सरकारी स्कूल में टीचर के पद पर तैनात थी। खुलासा जब हुआ तो हर कोई हैरान रह गया, क्योंकि उसने खुद को भारतीय नागरिक बताकर यह नौकरी पाई थी। पहले भी ऐसे कई पाकिस्तानी नागरिक पकड़े गए हैं, जो पहचान छिपाकर भारत में रह रहे थे। हालांकि, सरकारी नौकरी के पद पर तैनात होना सबसे ज्यादा हैरानी वाली बात है। ऐसा इसलिए, क्योंकि सरकारी नौकरी लोगों को इतनी आसानी से नहीं मिलती है। ऐसे में इतने सालों से इस पद पर तैनात रहना और किसी को पता नहीं चलना, हैरानी वाली बात है। आज के इस आर्टिकल में हम आपको माहिरा के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे।

कौन है पाकिस्तान की माहिरा?

पाकिस्तानी नागरिकता होने के बावजूद भारतीय सरकारी नौकरी के पद पर कार्य करने को लेकर उनके खिलाफ अब आपराधिक कार्रवाई शुरू हो गई है। जांच में पता चला है कि उनका पूरा नाम माहिरा अख्तर है। वह भारत में फरजाना के नाम पर रह रही थी। उनकी शादी 1979 में पाकिस्तानी नागरिक से हुई थी और वहीं की नागरिकता ले ली थी।
हालांकि उनकी शादी चल नहीं पाई और तलाक के बाद वह फरजाना नाम लेकर पाकिस्तानी पासपोर्ट पर भारत आ गईं। तब से वह भारत में ही है। साल 1985 में उन्होंने यहां आकर फिर से शादी की। उनकी दूसरी शादी रामपुर में हुई।

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कैसे मिल गई सरकारी नौकरी?

दरअसल, महिला पहले भारत की ही रहने वाली थी। हालांकि, जब उन्हों पाकिस्तानी नागरिक से शादी की और पाकिस्तानी नागरिक बन गई। तलाक होने के बाद जब वह वापस आई और भारतीय युवक से शादी की, तो खुद को पुरानी भारतीय नागरिकता का दावा कर बेसिक शिक्षा विभाग में सरकारी नौकरी के पद पर कार्य करने लगी।

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उनकी पढ़ाई रामपुर में ही हुई थी और 1991 में रामपुर जिला अधिकारी ने उसे निवास प्रमाण पत्र जारी किया थी, इसलिए उन्होंने इसका फायदा उठाते हुए सरकारी पद पर नौकरी ले ली। इन दस्तावेजों के आधार पर उन्होंने सालों तक रामपुर में सरकारी नौकरी के पद पर काम किया।

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