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Baby Ariha Shah कौन है, जिसके लिए पीएम मोदी ने जर्मन चांसलर से की सीधी बात? जानिए पूरा विवाद

प्रधानमंत्री मोदी ने जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के सामने बेबी अरिहा शाह का जिक्र किया है। ऐसे में बेबी अरिहा से जुडे पूरे मामले के बारे में पता होना जरूरी है। 
Editorial
Updated:- 2026-01-13, 13:47 IST

इन दिनों जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज भारत के दौरे पर हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के अहमदाबाद में न केवल  उनका भव्य स्वागत किया बल्कि अच्छे से मेहमान नवाजी भी की है। ऐसे में दोनों की मुलाकात से 19 समझौतों पर मुहर लग चुकी है। इसी बीच नरेंद्र मोदी ने मर्ज से बेबी अरिहा शाह के मुद्दे पर भी बात की है। यह जानकारी विदेश सचिव विक्रम मिस्री द्वारा दी गई है। ऐसे में जब से ये नाम सामने आया है, लोगों के मन में ये सवाल उठ रहा है कि आखिर कौन है बेबी अरिहा शाह और इससे जुड़ा मुद्दा क्या है। पढ़ते हैं आगे... 

क्या है अरिहा शाह का पूरा मामला?

बता दें कि बीते 40 महीने से अरिहा अपने माता-पिता से दूर है। वह जर्मनी सरकार की देखरेख में है। इसे फोस्टर केयर कहते हैं। इस मामले को लेकर विदेश सचिव ने कहा है कि यह एक बेहद सेंसिटिव टॉपिक है। ऐसे में काफी समय से जर्मन सरकार के साथ-साथ जर्मनी के अधिकारियों से और इससे जुड़ी एजेंसियों से बातचीत चल रही है। यह एक समय पर एक कानूनी मामला था लेकिन हमारा मानना है कि भावनाओं को ध्यान में रखकर ही इसका फैसला होना चाहिए।

क्या होता है फोस्टर केयर?

बता दें कि बच्चे को जब उसके माता-पिता या परिवार से दूर रखकर किसी दूसरे परिवार में अन्य व्यक्तियों के साथ अस्थाई रूप से रहने के लिए दे दिया जाता है तो इसे फोस्टर केयर कहते हैं।

ऐसा तब होता है जब बच्चे का परिवार उस बच्चे को रखने में असमर्थ होता है। ऐसा उसकी सुरक्षा और भलाई के लिए होता है। फोस्टर केयर में बच्चों को न केवल नया माहौल मिलता है बल्कि उसकी देखभाल होती है, लेकिन ये अस्थाई होता है। ऐसे में उम्मीद होती है कि वे अपने परिवार के पास कभी ना कभी जाएगा ही।

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कौन है अरिहा शाह?

अरिहा इंजीनियर भावेश शाह और उनकी पत्नी धारा शाह की बेटी है। यह दोनों साल 2018 में बर्लिन रहने के लिए चले गए थे। ऐसे में अरिहा का जन्म 2021 में वहीं हुआ था। अरिहा 7 महीने की थी तो उसे एक प्राइवेट पार्ट पर चोट लगी, जब उसे अस्पताल ले जाएगा तो वहां के अधिकारियों ने इसे यौन हमले का मामला समझ लिया।

इसके बाद इस बच्ची को जर्मनी के युवा कल्याण कार्यालय की निगरानी में रखा गया, जहां उसके माता-पिता को हर हफ्ते केवल दो बार मिलने की अनुमति दी गई। भारत सरकार ने लगातार अधिकारियों के सामने कई बार इस मु्द्दे का जिक्र किया। यौन हमले के आरोप जर्मन अधिकारियों द्वारा हटा दिए गए, लेकिन लापरवाही के चलते पेरेंटस् को जिम्मेदार ठहराया गया। फिर साल 2022 में सभी आरोप हटा दिए गए। हालांकि, अरिहा को अभी भी उसके माता-पिता से दूर रखा जा रहा है।

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Images: x/Avnishjain0109

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