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when cheque bounce can lead you to jail

चेक बाउंस कब आपको जेल पहुंचा सकता है? एडवोकेट से समझिए पूरी बात

बॉलीवुड एक्टर राजपाल यादव चेक बाउंस मामले में 5 फरवरी से तिहाड़ जेल में बंद थे। हालांकि, आज उन्हें जमानत मिल चुकी है। ऐसे में कई लोगों के मन में ये सवाल आ रहा था कि क्या वाकई चेक बाउंस आपको जेल पहुंचा सकता है, ऐसा किन हालातों में होता है, इस बारे में दिल्ली हाईकोर्ट के वकील से पूरी जानकारी लेते हैं।
Editorial
Updated:- 2026-02-16, 18:16 IST

बॉलीवुड एक्टर राजपाल यादव पिछले लंबे समय से कानूनी पचड़े में फंसे हैं। राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा यादव के खिलाफ साल 2018 में चेक बाउंस का केस फाइल किया गया था। एक्टर ने 5 करोड़ रुपये की रकम समय पर वापस नहीं की थी और ब्याज के बाद लगभग 9 करोड़ तक पहुंच गई। इस चेक बाउंस मामले में एक्टर 5 फरवरी से तिहाड़ जेल में बंद थे। हालांकि, आज उन्हें जमानत मिल चुकी है। ऐसे में कई लोगों के मन में ये सवाल आ रहा था कि क्या वाकई चेक बाउंस आपको जेल पहुंचा सकता है, क्या गलती से भी अगर आपका चेक बाउंस हो जाए तो आप सलाखों के पीछे पहुंच सकते हैं, ऐसा किन हालातों में होता है, इस बारे में दिल्ली हाईकोर्ट के एडवोकेट प्रवीण झा से हुई बातचीत के आधार पर हम जानकारी शेयर कर रहे हैं।

क्या चेक बाउंस किसी व्यक्ति को जेल पहुंचा सकता है?

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ये सवाल जब हमने दिल्ली हाईकोर्ट के वकील प्रवीण झा से पूछा, तो उन्होंने जवाब में कहा- "चेक बाउंस का केस निश्चित तौर पर आपको जेल पहुंचा सकता है। चेक बाउंस का केस नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881 की धारा 138 के तहत आता है और इसमें क्रिमिनल पेनाल्टी लगती हैं। जब कोई व्यक्ति किसी दूसरे व्यक्ति को चेक देता है, जिसके जरिए एक राशि का भुगतान होना तय होता है, लेकिन खाते में पर्याप्त बैलेंस न होने या अन्य किसी भी कारण से अगर चेक रिजेक्ट हो जाता है, तो इसे चेक बाउंस कहा जाता है। चेक बाउंस होने पर सबसे पहले आपका बैंक वो चेक रिटर्न कर देगा और फिर जिसने चेक लगाया है यानी जिस व्यक्ति को वो चेक दिया गया था, वो चेक इश्यू करने वाले व्यक्ति को एक डिमांडिग नोटिस भेजता है। ये नोटिस चेक बाउंस होने के 30 दिनों के अंदर भेजा जाना जरूरी होता है। नोटिस मिलने के बाद व्यक्ति को 15 दिनों का समय मिलता है और फिर और 15 दिन पेमेंट करने के लिए दिए जाते हैं अगर उसके अंदर भी अगर वो व्यक्ति पेमेंट नहीं करता है, तो इसमें क्रिमिनल कंप्लेंट फाइल की जा सकती है। केस फाइल होने के बाद इस मामले में 2 साल तक की जेल और फाइन का प्रावधान है। इस केस में दोनों पार्टीज आउट ऑफ कोर्ट भी सैटेलमेंट कर सकती हैं और फिर कोर्ट के आगे आकर अपनी बात रख सकती हैं। अगर अकाउंट बंद होने या पेमेंट स्टॉप करवाने पर भी पेमेंट नहीं हो पाई है, तो इसे भी चेक बाउंस माना जाएगा।"

यह है एक्सपर्ट की राय

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चेक बाउंस से बचने के लिए क्या करें?

  • सबसे पहले तो आप जब भी किसी व्यक्ति या पार्टी को चेक दें, तो आपके अकाउंट में पर्याप्त बैलेंस होना चाहिए।
  • चेक पर तारीख, नाम, साइन और अमाउंट सभी सही तरीके से और साफ हैंडराइटिंग में लिखा होना चाहिए।
  • चेक पर आपके साइन और बैंक में दर्ज साइन में कोई अंतर नहीं होना चाहिए।
  • अगर आपके अकाउंट में बैलेंस नहीं है, किसी कारण से आपको चेक रोकना पड़ रहा है या अन्य कोई वजह है, जिसके चलते आपको लग रहा है कि चेक पास नहीं होगा, तो जिसे आपने चेक दिया है, उसे सूचित करें।


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