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Personal Finance: चेक बाउंस क्यों होता है? किन परिस्थितियों में कोर्ट तक पहुंच जाता है मामला, जानिए सबकुछ

चेक बाउंस एक गंभीर मामला है, जो आर्थिक नुकसान के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई का भी कारण बन सकता है, लेकिन यह कब और किन कारणों से होता है, आइए हम आपको इस आर्टिकल में विस्तार से बताते हैं।
Editorial
Updated:- 2025-03-21, 15:14 IST

चेक बाउंस को भारत में अपराध की श्रेणी में रखा गया है। इस स्थिति में बैंक कस्टमर से पेनल्‍टी वसूलता है। जानकारी के लिए बता दें कि अलग-अलग बैंकों में चेक बाउंस की पेनल्‍टी अलग-अलग होती है। इतना ही नहीं, कुछ परिस्थितियों में तो चेक बाउंस के मामले में आप पर मुकदमा भी चलाया जा सकता है।

आज के समय में चेक भुगतान का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन गया है, लेकिन कई बार यह बाउंस हो जाता है। चेक बाउंस का मतलब होता है कि बैंक ने चेक का भुगतान करने से इनकार कर दिया। यह न सिर्फ आर्थिक लेन-देन में बाधा उत्पन्न करता है, बल्कि कानूनी दिक्कतें भी खड़ी कर सकता है। इसी क्रम में आइए समझते हैं कि चेक बाउंस किन कारणों से होता है, किस स्थिति में कानूनी मामला बन सकता है और इससे कैसे बचा जा सकता है।

चेक बाउंस होने के मुख्य कारण

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  • बैंक अकाउंट में पर्याप्त पैसे न होना
  • बैंक के रिकॉर्ड से अलग या गलत हस्ताक्षर होना
  • ओवरराइटिंग या गलत जानकारी
  • पोस्ट डेटेड या एक्सपायर्ड चेक
  • अकाउंट होल्डर द्वारा बैंक को पेमेंट करने से रोकने का निर्देश देने पर
  • चेक में तकनीकी गड़बड़ी
  • बैंक अकाउंट बंद हो चुका हो
  • चेक पर कंपनी की मुहर न होना आदि
  • अकाउंट नंबर में गलती

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चेक बाउंस में कब कोर्ट तक पहुंच सकता है मामला?

चेक बाउंस एक अपराध है, जो नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881 की धारा 138 के तहत आता है। चेक बाउंस होने के बाद बैंक की तरफ से पहले लेनदार को एक नोटिस भेजा जाता है और उसके बाद 15 से 30 दिनों के अंदर देनदार उसपर कोई जवाब नहीं देता है, तो उसपर शिकायत दर्ज की जाती है। इसके बाद भी भुगतान नहीं किया जाता है तो चेक प्राप्तकर्ता या बैंक अकाउंट होल्डर पर कानूनी कार्रवाई की जाती है। कोर्ट मामले की सुनवाई करता है और अगर चेक जारी करने वाला दोषी पाया जाता है, तो दो साल तक की सजा या दोगुनी रकम तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। कोर्ट में केस लंबा भी चल सकता है, लेकिन अगर आरोपी दोषी साबित होता है, तो उसे कड़ी सजा मिल सकती है।

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चेक बाउंस से बचने के लिए उपाय

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  • चेक जारी करने से पहले सुनिश्चित करें कि अकाउंट में पर्याप्त राशि हो।
  • बैंक में दर्ज हस्ताक्षर और चेक पर किए गए हस्ताक्षर में अंतर नहीं होना चाहिए।
  • ओवरराइटिंग, गलत तारीख या गलत राशि लिखने से बचें।
  • अगर चेक भविष्य की तारीख का है, तो इसे सही समय पर जारी करें।
  • पुरानी चेकबुक के चेक इस्तेमाल करने से पहले उनकी वैधता की जांच करें।
  • अगर किसी चेक को रोकने की जरूरत है, तो संबंधित व्यक्ति को सूचित करें और उसे उचित कारण बताएं।

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