
आपने देखा होगा कि अगर किसी स्कूल या पार्क में जाएं, तो छोटे-छोटे बच्चे भी बड़े ब्रांड्स के जूते, कपड़े और गैजेट्स की बातें करते हैं। अब वो दौर नहीं है, जब बच्चों के लिए कपड़े सिर्फ सुंदर होने चाहिए थे। आज उनके लिए ब्रांड ज्यादा मायने रखता है। आखिर ऐसा क्या बदला कि मासूम बचपन अब लग्जरी ब्रांड्स का दीवाना हो गया है? ऐसे में माता-पिता के लिए यह समझना जरूरी है कि यह केवल एक जिद नहीं, बल्कि एक बड़ा बदलाव है। यहां 5 मेन कारण दिए गए हैं जो बच्चों की इस पसंद के पीछे छिपे हैं। ऐसे में इन कारणों के बारे में पता होना जरूरी है। आज का हमारा लेख इसी विषय पर है। आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि बच्चों को क्यों महंगे ब्रांड पसंद हैं। इसके लिए हमने कोच और हीलर, लाइफ अल्केमिस्ट, साइकोथेरेपिस्ट डॉ. चांदनी तुगनैत (Dr. Chandni Tugnait) से भी बात की है। पढ़ते हैं आगे...
आज के समय में बच्चे अपना ज्यादातर समय इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर बिताते हैं। वहां वे अपने पसंदीदा यूट्यूबर या सेलिब्रिटी को महंगे ब्रांड्स प्रमोट करते देखते हैं। जब कोई बच्चा अपने पसंदीद को खास ब्रांड के जूते पहने देखता है, तो उसे लगता है कि ब्रांड पहनकर कूल बन जाएंगे।

स्कूल या फ्रेंड सर्कल में दिखावा एक बड़ी चुनौती बन गई है। अगर ग्रुप के चार बच्चों के पास ब्रांडेड सामान है, तो पांचवां बच्चा खुद को अलग-थलग या कमतर महसूस करने लगता है। ऐसे में दोस्तों के बीच अपनी जगह बनाए रखने और उनके जैसा दिखने के लिए बच्चे अक्सर महंगे ब्रांड्स मांगना शुरू कर देते हैं। इसे 'फियर ऑफ मिसिंग आउट' (FOMO) भी कहते हैं।
इसे भी पढ़ें - क्या आपके घर में भी सिखाई गईं ये 4 बातें? अगर हां, तो आपको मिली है सबसे शानदार परवरिश
आज के बच्चे ब्रांडेड चीजों को अपनी पहचान से जोड़कर देखते हैं। उन्हें लगता है कि एक महंगा बैग या फोन उनके सेल्फ कॉन्फिडेंस को बढ़ाएगा। वे यह सोचने लगते हैं कि समाज में उनकी अहमियत उनके पास मौजूद सामान की कीमत से तय होती है। यह सोच बच्चों के मानसिक विकास के लिए सोचने पर मजबूर कर देने वाली बात हो सकती है।

कंपनियां अपनी सेल बढ़ाने के लिए अब सीधे बच्चों को टारगेट करती हैं। खिलौनों से लेकर जूतों तक एडवरटाइजमेंट को इस तरह डिजाइन किया जाता है कि वे बच्चों के मन में क्रेविंग पैदा करें। ऐसे एडवरटाइजमेंट बच्चों को यह विश्वास दिलाते हैं कि बिना उस खास ब्रांड के उनका जीवन अधूरा है।
कई बार कामकाजी माता-पिता समय न दे पाने के कारण बच्चों को महंगे तोहफे दिलाकर अपना प्यार जताते हैं। धीरे-धीरे बच्चों को इसकी आदत हो जाती है और वे साधारण चीजों को ना पसंद करना शुरू कर देते हैं।
इसे भी पढ़ें - Parenting Tips: मेरे बेटे को हमारे साथ नहीं दोस्तों के साथ रहना पसंद है... जानें कब पेरेंट्स से बचने लगते हैं बच्चे?
अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
Images: Freepik/shutterstock
हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, [email protected] पर हमसे संपर्क करें।