Sun Apr 12, 2026 | Updated 01:29 AM IST
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घर की सभी समस्याओं का हल है शमी का पौधा, गर्मी के मौसम में सूखने से बचाने के लिए आजमाएं माली के बताए ये 5 गार्डनिंग टिप्स

गर्मी का मौसम पौधों के लिए सबसे मुश्किल समय माना जाता है, खासकर शमी का पौधा इस मौसम में जल्दी सूखने लगता है। शमी का पौधा धार्मिक दृष्टि से भी बेहद शुभ माना जाता है, इसलिए लोग इसे घर में जरूर लगाते हैं। अगर सही देखभाल की जाए, तो तेज गर्मी में भी शमी का पौधा हरा-भरा रखा जा सकता है।
Editorial
Updated:- 2026-04-11, 13:30 IST

गर्मी का मौसम हम सभी के लिए थोड़ा चुनौती भरा होता है, वहीं पौधों के लिए भी यह समय बहुत अच्छा नहीं माना जाता है। कई बार ज्यादा गर्मी और धूप की वजह से पौधे झुलसने लगते हैं और इनकी पत्तियां भी सूख जाती हैं। गर्मी के मौसम में तेज धूप, गर्म हवाएं और तेजी से सूखती मिट्टी के कारण कई पौधे मुरझाने लगते हैं, इन्हों में से एक पौधा ही शमी का पौधा। शमी का पौधा धार्मिक और वास्तु दृष्टि से भी बेहद शुभ माना जाता है, इसलिए लोग इसे अपने घर, बालकनी या आंगन में जरूर लगाते हैं। ऐसा माना जाता है कि शमी का पौधा घर में लगाने से सकारात्मक ऊर्जा आकर्षित होती है, लेकिन पौधे की सही देखभाल न होने की वजह से यह पौधा जल्दी ही सूखने लगता है और इसकी पत्तियां भी टूटकर झड़ जाती हैं। अक्सर लोग यह समझ नहीं पाते हैं कि शमी का पौधा ज्यादा पानी चाहता है या कम, धूप में रखना सही है या छांव में। ऐसे में छोटी-छोटी गलतियां भी पौधे को नुकसान पहुंचा सकती हैं। आइए आपको बताते हैं माली के बताए कुछ ऐसे टिप्स जिनसे आपका शमी का पौधा गर्मी के मौसम में भी हरा भरा दिखाई देता है।

सबसे पहले पौधे की स्टेम चेक करें

shami plant care tips

अगर आपका पौधा किसी भी वजह से सूख रहा है, तो सबसे पहले उसकी स्टेम चेक करें। इसके लिए स्टेम को हल्का सा खुरचकर देखें। अगर पौधा अंदर से हरा है तो यह जल्दी ही फिर से हरा भरा हो सकता है। अगर स्टेम सूख रहा है तो जहां तक यह पौधा सूखा है, वहां तक का हिस्सा काट देना चाहिए। इससे आपका पौधा फिर से हरा-भरा होने लगता है और पौधे में वापस से जान आने लगती है। इस तरह आप पौधे को सूखने से बचा सकती हैं।

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पुराने गमले की मिट्टी का इस्तेमाल न करें

अगर आपका पौधा सूख गया है और आप नया पौधा लगाने जा रही हैं, तो ध्यान रखें कि पुराने गमले की मिट्टी को नए पौधे के लिए इस्तेमाल न करें। इसके लिए पौधे को गमले से बाहर निकाल लें और पुरानी मिट्टी का दोबारा इस्तेमाल न करें। कई बार पुरानी मिट्टी में फंगस भी हो सकता है और उसे अगर आप नए पौधे में इस्तेमाल करती हैं तो नया पौधा भी सूख सकता है। मिट्टी को 4 से 5 दिन धूप में सुखाने के बाद ही दोबारा इस्तेमाल करें।

नई मिट्टी कैसे तैयार करें

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नई मिट्टी तैयार करते समय आप ध्यान रखें कि सिर्फ नॉर्मल गार्डन की मिट्टी लें और इसमें थोड़ी गोबर की खाद मिलाएं। इसके बाद मिट्टी को अच्छी तरह मिला लें। मिट्टी तैयार करने के बाद इसमें एक मुट्ठी मूंगफली डाल सकते हैं। यह पौधे की ग्रोथ में मदद करता है और फंगस की समस्या कम करने में भी मदद करता है।

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सूखे हिस्से और जड़ों की कटिंग करें

पौधे को दोबारा लगाने से पहले सूखी शाखाएं काट दें और जड़ों को थोड़ा हल्का ट्रिम कर दें इससे नई जड़ें और नई ग्रोथ जल्दी आएगी। कटिंग करने के बाद पौधे को नई मिट्टी में लगा दें। इससे आपका नया पौधा हरा-भरा निकलेगा और सूखी पत्तियों से भी राहत मिलेगी। यही नहीं इससे आपका पौधा हमेशा हरा-भरा बना रहेगा।

ओवर वाटरिंग से बचें

आपको शमी के पौधे के लिए इस बात का ध्यान देने की जरूरत है कि इसे आप ओवर वॉटरिंग से बचाएं। पौधे को ज्यादा पानी देने से उसकी जड़ें सड़ने लगती हैं और पौधा जल्दी खराब हो जाता है। यही नहीं आपको इस बात का ध्यान देने की भी जरूरत है कि पौधे में कम पानी भी पड़े नहीं तो यह सूखने लगता है।

अगर आप भी शमी के पौधे के लिए यहां बताई बातों का ध्यान रखती हैं, तो यह पौधा हमेशा हरा-भरा रहेगा और आपके घर का वातावरण भी सकारात्मक बना रहेगा।
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