
Shaheed Diwas Kab-Kab Manaya Jata Hai: शहीद दिवस का दिन उन वीर सपूतों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का दिन है, जिन्होंने देश की मिट्टी के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया। आज यानी 30 जनवरी को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के रूप में भी जाना जाता है। इसी के दिन साल 1948 में गांधी जी की गोली मारकर हत्या की गई थी, लेकिन क्या आपको पता है कि साल एक नहीं बल्कि 3 शहीद दिवस अलग-अलग कारणों से तीन प्रमुख मौकों पर मनाया जाता है। आइए जानते हैं कि कब और क्यों यह पर्व मनाते हैं?
साल में 3 बार 30 जनवरी, 23 मार्च और 21 अक्टूबर को शहीद दिवस मनाया जाता है। 30 जनवरी को महात्मा गांधी की पुण्यतिथि, 23 मार्च को क्रांतिकारी भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के बलिदान के रूप में, 21 अक्टूबर का दिन पुलिस शहीद दिवस मनाया जाता है।
20 जनवरी 1948 को पाहवा द्वारा गांधी की प्रार्थना-सभा में बम-विस्फोट के ठीक 10 दिन बाद यानी 30 तारीख को उसी समूह के सदस्य नाथूराम गोडसे ने गांधी के सीने में 3 गोलियां मारकर हत्या कर दी थी।
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30 जनवरी को मनाया जाने वाला शहीद दिवस सबसे प्रमुख माना जाता है। साल 1948 में इसी दिन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या कर दी गई थी। उनकी याद में और देश की आजादी के लिए जान गंवाने वाले सभी शहीदों के सम्मान में इस दिन को राष्ट्रीय स्तर पर मनाया जाता है।
इस दिन राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्ति राजघाट पर बापू को श्रद्धांजलि देते हैं। पूरे देश में सुबह 11 बजे दो मिनट का मौन रखकर उन वीरों को याद किया जाता है जिन्होंने भारत को स्वतंत्र देखने के लिए अपने प्राण दिए।

23 मार्च को भी शहीद दिवस मनाया जाता है। यह दिन भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को समर्पित है। 1931 में इस दिन ब्रिटिश सरकार ने इन तीनों युवा क्रांतिकारियों को लाहौर जेल में फांसी दी थी। इन वीरों ने हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूम लिया था, जिससे पूरे देश में आजादी की एक नई लहर दौड़ गई थी। आज भी यह दिन देश के युवाओं में देशभक्ति का जोश भर देता है।

शहीद दिवस की श्रृंखला में तीसरा महत्वपूर्ण दिन 21 अक्टूबर है, जिसे पुलिस शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिन उन पुलिसकर्मियों को समर्पित है जो देश की सुरक्षा बनाए रखने के लिए अपनी जान जोखिम में डालते हैं।
साल 1959 में इसी दिन लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में चीनी सैनिकों के साथ मुठभेड़ के दौरान भारत के 10 पुलिस जवान शहीद हुए थे। उनकी बहादुरी को याद करते हुए हर साल पुलिस विभाग और पूरा देश इस दिन वीर जवानों को नमन करता है।
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