
Republic Day 2026 Parade And Time: प्रत्येक वर्ष 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जाता है। 1950 को 2 साल 11 महीने और 18 दिन लगा कर बनाया गया संविधान लागू किया गया था और हमारे देश भारत को पूर्ण गणतंत्र घोषित किया गया। इस दिन दिल्ली के कर्तव्य पथ पर देश की सैन्य शक्ति और सांस्कृतिक विविधता का भव्य प्रदर्शन होता है। हर साल गणतंत्र दिवस की परेड और थीम अलग-अलग होती है, जिसके अनुसार इस दिन को सेलिब्रेट किया जाता है। अब ऐसे में मन में सवाल आता है कि थीम और परेड में क्या-क्या गतिविधियां होगी, कौन तय करता है? अगर आपके दिमाग में भी यह प्रश्न आ रहा है, तो इस लेख में जानिए इसका उत्तर-

गणतंत्र दिवस, 2026 को 77वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है। इस बार की थीम 'वंदे मातरम के 150 वर्ष' रखी गई है, जो राष्ट्रगीत के सम्मान और देशभक्ति की भावना को समर्पित है।
इस साल यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हो रहे हैं, जिनका चयन विदेश मंत्रालय की सलाह पर रक्षा मंत्रालय द्वारा ही किया गया है।
गणतंत्र दिवस के मौके पर होने वाले कार्यक्रम की पूरी जिम्मेदारी रक्षा मंत्रालय के पास होती है। परेड की थीम का चयन और झांकियों को मंजूरी देने का लास्ट डिसीजन भी इसी मंत्रालय द्वारा तय किया जाता है। रक्षा मंत्रालय तय करता है कि परेड का स्वरूप क्या होगा और किस देश के मुख्य अतिथि को आमंत्रित किया जाएगा।

हर साल परेड में झांकियां आकर्षण का केंद्र बनती है। अब ऐसे में सवाल आता है कि उनका चयन कैसे होता है?
परेड में दिखने वाली रंग-बिरंगी झांकियों का चयन एक लंबी और सख्त प्रक्रिया के जरिए होता है।
इसके लिए रक्षा मंत्रालय एक विशेषज्ञ समिति बनाता है, जिसमें कला, संस्कृति, पेंटिंग, संगीत, वास्तुकला और मूर्तिकला के दिग्गज शामिल होते हैं।
राज्य और विभिन्न मंत्रालय अपनी झांकियों के प्रस्ताव इस समिति को भेजते हैं। इसके बाद समिति इन प्रस्तावों की जांच करती है कि वे थीम के अनुरूप हैं या नहीं और क्या उन्हें देश की संस्कृति का सही चित्रण हो रहा है।
रक्षा मंत्रालय और विशेषज्ञ समिति से जब एक बार झांकी के डिजाइन पर मुहर लगा देते हैं, तो राज्यों के पास इसे तैयार करने के लिए बहुत कम समय होता है।
झांकियों को एक निश्चित आकार और माप में ही बनाना होता है। इसके साथ ही, परेड में शामिल होने वाले दस्तों की रिहर्सल महीने से ही शुरू हो जाती है।

गणतंत्र दिवस के अवसर पर देश के संवैधानिक प्रमुख होने के नाते भारत के राष्ट्रपति नई दिल्ली में कर्तव्य पथ पर तिरंगा फहराते हैं। इस दिन राष्ट्रपति द्वारा फहराया जाता है।
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Image Credit-Freepik
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