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Sripathi Tribal Judge Tamil Nadu:

श्रीपति ने बेटी के जन्म के 2 दिन बाद दी थी परीक्षा, बनी राज्य की पहली आदिवासी महिला सिविल जज

तमिलनाडु में जवादु पहाड़ियों के पास एक दूरदराज के गांव की 23 साल की आदिवासी महिला श्रीपथी ने राज्य की पहली आदिवासी महिला सिविल जज बनकर इतिहास रच दिया था। चलिए जानते हैं सिविल जज बनने के लिए क्या चाहिए योग्यता-
Editorial
Updated:- 2026-01-13, 17:15 IST

Sripathi Tribal Judge Tamil Nadu: जब इरादे मजबूत हो और कुछ कर गुजरने का जुनून हो, तो कठिन से कठिन परिस्थितियां भी आपका कुछ नहीं बिगड़ सकती हैं। इस कहावत को तमिलनाडु की रहने वाली आदिवासी महिला श्रीपथी ने सच साबित कर दिया है। बता दें कि उन्होंने बेटी को जन्म देने के दूसरे दिन सिविल जज की परीक्षा दी और जज बनकर इतिहास रच दिया था। आइए जानते हैं श्रीपथी के बारे में और सिविल जज बनने के लिए क्या होनी चाहिए योग्यता-

श्रीपथी कितनी पढ़ी-लिखी हैं?

श्रीपथी तमिलनाडु के तिरुवन्नामलाई जिले में जवाधु पहाड़ियों के पास पुलियूर गांव की रहने वाली हैं। पहली आदिवासी महिला जज बनने वाली श्रीपथी ने पूरी पढ़ाई तमिल-मीडियम सरकारी स्कूल से की।

कम उम्र में शादी, आर्थिक तंगी और सामाजिक दबाव जैसी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। इन चुनौतियों के बावजूद, उन्होंने लॉ की डिग्री पूरी की और जज की तैयारी की।

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संघर्ष से सफलता का सफर रहा मुश्किल भरा

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श्रीपथी ने सिविल जज की परीक्षा देने के लिए 200 किलोमीटर का सफर तय किया, वह भी जब महज दो दिन पहले ही उन्होंने अपने बच्चे को जन्म दिया था।

प्रसव की पीड़ा, शारीरिक थकान और समाज की रूढ़ियों को छोड़ते हुए वह न केवल परीक्षा में शामिल हुई बल्कि समुदाय की पहली सिविल जज बनकर मिसाल कायम की।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने दी थी बधाई

मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने आदिवासी महिला श्रीपथी की उपलब्धि की सराहना की, जिन्होंने बच्चे को जन्म देने के तुरंत बाद चयन परीक्षा देकर सिविल जज का पद हासिल किया है। इसके आगे उन्होंने लिखा था कि मुझे बेहद खुशी हुई कि एक पहाड़ी गांव में रहने वाली आदिवासी समुदाय की एक युवती, जहां बहुत कम सुविधाएं हैं, ने यह मुकाम हासिल किया है।

सिविल जज बनने के लिए क्या चाहिए योग्यता?

सिविल जज बनने की प्रक्रिया चुनौतीपूर्ण होती है। भारत में जज बनने के लिए मुख्य रूप से निम्नलिखित योग्यताओं की जरूरत होती है। नीचे जानें-

सिविल जज बनने के लिए शैक्षणिक योग्यता (Educational Qualification)

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उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से कानून में स्नातक (LLB) की डिग्री होनी चाहिए।

कई राज्यों में एलएलबी के अंतिम वर्ष या अंतिम सेमेस्टर के छात्र भी परीक्षा में बैठ सकते हैं, बशर्ते मुख्य परीक्षा से पहले उनके पास मार्कशीट उपलब्ध हो।

सिविल जज बनने की आयु सीमा (Age Limit)

आयु सीमा अलग-अलग राज्यों के नियमों के अनुसार थोड़ी भिन्न हो सकती है। उम्मीदवारों को सरकारी नियमानुसार 3 से 5 वर्ष की छूट दी जाती है-

  • न्यूनतम आयु- 21 वर्ष।
  • अधिकतम आयु- सामान्य वर्ग के लिए 35 से 40 वर्ष
  • आयु में छूट- अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और महिला

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