
कई बीमारियां ऐसी होती हैं जो शुरुआत में बिना किसी खास लक्षण के धीरे-धीरे शरीर को नुकसान पहुंचाती रहती हैं। किडनी की बीमारी और ग्लूकोमा भी ऐसी ही दो समस्याएं हैं। अगर इनका समय पर पता न चले तो ये किडनी फेल होने या आंखों की रोशनी जाने जैसी कंडीशन पैदा कर सकती हैं। इसलिए इन बीमारियों को रोकने में जल्दी चेकअप महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। वर्ल्ड किडनी डे के मौके पर इस विषय पर जानकारी डॉ. शालिनी सिंह दे रही हैं, जो Ampath में डायरेक्टर, लैब ऑपरेशंस हैं।
किडनी की बीमारी को अक्सर साइलेंट डिजीज कहा जाता है, क्योंकि इसके लक्षण तब दिखाई देते हैं जब बीमारी काफी बढ़ चुकी होती है। दुनिया भर में लाखों लोग ऐसे हैं जिन्हें पता ही नहीं होता कि उनकी किडनी धीरे-धीरे कमजोर हो रही है।

कुछ कारण जो किडनी की बीमारी का खतरा बढ़ाते हैं-
किडनी की चेकअप के लिए डॉक्टर कुछ आसान टेस्ट करवाने की सलाह देते हैं, जैसे-
अगर बीमारी शुरुआती स्टेज में पकड़ में आ जाए तो दवाइयों और लाइफस्टाइल बदलाव से इसे कंट्रोल किया जा सकता है।
ग्लूकोमा एक ऐसी आंखों की बीमारी है जो धीरे-धीरे ऑप्टिक नर्व को नुकसान पहुंचाती है। यह नर्व आंखों से दिमाग तक देखने की जानकारी पहुंचाती है।
इस बीमारी में अक्सर आंखों के अंदर प्रेशर बढ़ जाता है, जिससे धीरे-धीरे दृष्टि कमजोर होने लगती है। समस्या यह है कि शुरुआती स्टेज में इसके कोई खास लक्षण नहीं होते, इसलिए कई लोगों को इसका पता तब चलता है जब नजर कमजोर हो चुकी होती है।

आजकल मेडिकल टेक्नोलॉजी की मदद से डॉक्टर बीमारी के शुरुआती संकेत बहुत पहले पहचान सकते हैं। लैब टेस्ट, स्कैन और नियमित हेल्थ स्क्रीनिंग से शरीर में होने वाले छोटे बदलावों को भी समय रहते पकड़ा जा सकता है।
भारत में डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर जैसे लाइफस्टाइल रोग तेजी से बढ़ रहे हैं। इसी वजह से किडनी रोग और ग्लूकोमा का खतरा भी बढ़ रहा है। जिन लोगों को ये समस्याएं हैं या परिवार में इन बीमारियों का इतिहास है, उन्हें नियमित हेल्थ चेक-अप और डायग्नोस्टिक टेस्ट जरूर करवाने चाहिए।

आज के समय में डायग्नोस्टिक लैब और हेल्थकेयर सेंटर लोगों को सही और समय पर चेकअप की सुविधा दे रहे हैं। साथ ही वर्ल्ड किडनी डे और वर्ल्ड ग्लूकोमा डे जैसे मौके लोगों को हेल्थ चेकअप के लिए जागरूक करने में मदद करते हैं।
यह भी पढ़ें- हाई बीपी को न समझें मामूली, चुपचाप किडनी को कर सकता है खराब
समय पर चेकअप सिर्फ बीमारी पकड़ने के लिए नहीं होती, बल्कि यह लोगों को अपनी सेहत के प्रति जागरूक और मजबूत बनाती है। किडनी की बीमारी और ग्लूकोमा जैसी समस्याओं में जल्दी चेकअप से किडनी की कार्यक्षमता बचाई जा सकती है और आंखों की रोशनी सुरक्षित रखी जा सकती है। इसलिए याद रखें कि रेगुलर हेल्थ चेक-अप ही हेल्दी और सुरक्षित भविष्य की पहली सीढ़ी है।
यह भी पढ़ें- पेशाब नहीं, किडनी खराब होने के संकेत हैं शरीर के ये 5 मामूली बदलाव, आज ही चेक करें
हरजिंदगी के वेलनेस सेक्शन में हम इसी तरह अपने आर्टिकल्स के जरिए स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के बारे में आप तक सही जानकारी पहुंचाने की कोशिश करते रहेंगे। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
Image Credit: Shutterstock
यह विडियो भी देखें
Herzindagi video
हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, [email protected] पर हमसे संपर्क करें।