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skin and hair not symptoms but cause treatment

महंगे ट्रीटमेंट छोड़िए, बालों और त्‍वचा की समस्‍याओं का जड़ से इलाज करें और नेचुरल ग्लो पाएं

बालों का झड़ना और स्किन की समस्याएं केवल प्रदूषण से नहीं होतीं। डॉ. मुकेश बत्रा से जानें कैसे आपकी इम्यूनिटी और पोषण की कमी आपकी खूबसूरती पर बुरा असर डाल रही है और इसका परमानेंट इलाज क्‍या है? 
Editorial
Updated:- 2026-02-18, 21:05 IST

अक्सर हम त्वचा और बालों की समस्याओं को केवल ऊपरी या कॉस्मेटिक प्रॉब्‍लम्‍स मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। हम बालों के झड़ने के लिए प्रदूषण को, मुंहासों के लिए हार्मोनल बदलाव को और एक्जिमा के लिए मौसमी एलर्जी को जिम्मेदार ठहराते हैं। क्‍या आप जानती हैं कि ये बाहरी लक्षण अक्सर शरीर के अंदर होने वाले असंतुलन, विशेष रूप से इम्यूनिटी और पोषण की कमी का संकेत होते हैं। सिर्फ लक्षणों का इलाज करने से कुछ समय के लिए राहत मिल सकती है, लेकिन परमानेंट रिजल्‍ट्स तभी मिलते हैं, जब हम जड़ का इलाज करते हैं। आइए इस बारे में डॉक्‍टर बत्रा हेल्थकेयर के फाउंडर-चेयरमैन एमेरिटस डॉ. मुकेश बत्रा से विस्‍तार में जानते हैं।

आंकड़े क्या कहते हैं?

भारत में हुए डर्मेटोलॉजी सर्वे के अनुसार, 60% से ज्‍यादा एटोपिक डर्मेटाइटिस (स्किन एलर्जी) के मामले बचपन से शुरू होते हैं और इनका संबंध सिर्फ बाहरी धूल-मिट्टी से नहीं, बल्कि अनुवांशिक और इम्यून सिस्टम से होता है। इसी तरह, 2023 की एक रिपोर्ट बताती है कि एक्जिमा, सोरायसिस और बार-बार होने वाले मुंहासे जैसी 60% बीमारियां तनाव, मेटाबॉलिज्म और बिगड़ी हुई इम्यूनिटी से जुड़ी होती हैं।

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बालों के झड़ने का असली सच

भारतीय शोध से पता चला है कि 90% से बाल झड़ने से परेशान मरीजों में हिस्टिडीन और ल्यूसीन जैसे जरूरी अमीनो एसिड की कमी होती है, जबकि 20% मरीजों में आयरन की कमी पाई जाती है। इससे यह साबित होता है कि हेयर फॉल सिर्फ बाहरी कारणों से नहीं, बल्कि शरीर के अंदरूनी समस्‍याओं के कारण होता है। यदि आपकी पाचन शक्ति कमजोर है या पोषण सही नहीं है, तो आपके बाल और त्वचा कभी हेल्‍दी नहीं रह सकते।

होम्योपैथी का नजरिया

होम्योपैथी केवल लक्षणों को दबाने के बजाय शरीर की सेल्फ-हीलिंग और इम्यूनिटी को ठीक करने में फोकस करती है। यहां मरीज की शारीरिक बनावट और प्रकृति के अनुसार दवा दी जाती है।

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समय के साथ, होम्योपैथी से न सिर्फ त्वचा और बाल बेहतर होते हैं, बल्कि व्यक्ति की एनर्जी मिलती है और पाचन और बीमारियों से लड़ने की शक्ति भी बढ़ती है। इसका उद्देश्य आपको बार-बार क्रीम या अस्थाई दवाओं पर निर्भर रहने से बचाना है।

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डॉक्टर की सलाह

याद रखें, त्वचा और बालों की समस्याओं के कई कारण हो सकते हैं। इसलिए कोई भी दवा लेने से पहले अच्‍छे डॉक्‍टर से सलाह जरूर लें ताकि आपकी समस्या की सही पहचान हो सके। असली उपचार तभी संभव है जब हम बाहरी रूप-रंग से आगे बढ़कर शरीर के अंदरूनी संतुलन को ठीक करें। हेल्‍दी त्‍वचा और घने बाल एक मजबूत इम्यून सिस्टम की पहचान हैं।

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Image Credit: Shutterstock & Freepik

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