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 early symptoms of dementia by expert

क्या बार-बार चाबी रखकर भूल जाती हैं? ये मामूली नहीं, इस बड़ी बीमारी का हो सकता है संकेत

डिमेंशिया के शुरुआती लक्षण अक्सर बुढ़ापे का असर मानकर नजरअंदाज कर दिए जाते हैं। साइकोलॉजिस्ट स्निग्धा सूद के अनुसार, बार-बार भूलना, रोजमर्रा के काम में दिक्कत, मूड में बदलाव और दिशा भ्रम इसके संकेत हो सकते हैं। समय पर इन लक्षणों को पहचानना जरूरी है, ताकि सही ट्रीटमेंट और केयर मिल सके, जिससे मरीज लंबे समय तक आत्मनिर्भर रह सके।
Editorial
Updated:- 2026-01-19, 11:16 IST

डिमेंशिया, जिसे कुछ लोग भूलने की बीमारी के नाम से भी जानते हैं। इसकी शुरुआत अक्सर हल्‍के बदलावों से होती है, जिन्‍हें लोग बुढ़ापे का असर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। अगर इन शुरुआती संकेतों को समय पर पहचान लिया जाए, तो सही ट्रीटमेंट, केयर और सपोर्ट जल्दी मिल सकता है। इनके संकेतों के बारे में हमें एवरब्लूम हेल्थकेयर की काउंसलिंग साइकोलॉजिस्ट व एक्सप्रेसिव आर्ट्स थेरेपिस्ट स्निग्धा सूद बता रही हैं। उन्‍होंने बनारस यूनिवसिर्टी से साइकोलॉजी में एम.ए. किया है क्या डिमेंशिया के शुरुआती लक्षण सिर्फ बुढ़ापा है या कुछ और? आइए इसके लक्षणों के बारे में आर्टिकल के माध्‍यम से विस्‍तार से जानते हैं।  

भूलने की समस्या बढ़ना

हाल की बातें जल्दी भूल जाना, बार-बार चीजें कहीं रखकर भूल जाना, जरूरी मीटिंग या अपॉइंटमेंट मिस करना, एक ही सवाल बार-बार पूछना और याद न रहना कि उन्‍होंने पहले भी यह पूछा था। कभी-कभार भूलना उम्र के साथ नॉर्मल है, लेकिन जब यह रोजमर्रा की जिंदगी में दखल देने लगे, तब यह चिंता का संकेत हो सकता है।

early symptoms of dementia

रोजमर्रा के काम मुश्किल लगना

जो काम पहले आसानी से हो जाते थे, अचानक उलझन भरे या मुश्किल लगने लगते हैं, जैसे घर का हिसाब-किताब रखने या बिल भरने में उलझन होना, अपनी फेवरेट डिश की रेसिपी भूल जाना, दिन-भर के कामों को मैनेज न कर पाना आदि।

मूड और व्यवहार में बदलाव

डिमेंशिया सिर्फ याददाश्त नहीं, बल्कि इंसान के स्वभाव को भी बदल देता है। अचानक चिड़चिड़ापन, घबराहट या बेवजह उदासी महसूस होना। उन शौक या कामों से मन भर जाना, जिन्हें वे पहले बहुत पसंद करते थे। इसके अलावा लोगों से मिलना-जुलना बंद कर देना भी इस बीमारी के शुरुआती संकेत हो सकते हैं।

दिशा और रास्तों की पहचान खोना

जाने-पहचाने रास्तों पर भी भटक जाना, दूरी का सही अंदाजा न लगा पाना, घर के अंदर ही दिशाओं में भ्रम होना। कुछ लोगों को सीढ़ियां चढ़ने-उतरने या पार्किंग जैसी जगहों में परेशानी होने लगती है।

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सही निर्णय न ले पाना

अक्सर व्यक्ति की निर्णय लेने की क्षमता कमजोर हो जाती है। पैसों के लेन-देन में गलतियां करना। ऑनलाइन फ्रॉड या स्कैम का आसानी से शिकार हो जाना। रोजमर्रा के खतरे का सही अंदाजा न लगा पाना।

early sign of dementia

एक्सपर्ट की राय (Expert Advice)

स्निग्धा सूद के अनुसार, इन लक्षणों के दिखने का मतलब यह नहीं है कि आपको डिमेंशिया ही है, लेकिन यह इस बात का संकेत है कि अब आपको किसी डॉक्‍टर से सलाह लेनी चाहिए। समय पर पहचान से लक्षणों को बेहतर तरीके से मैनेज किया जा सकता है और मरीज को लंबे समय तक आत्मनिर्भर रहने में मदद मिल सकती है।

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आप भी इन लक्षणों के दिखने पर तुरंत डॉक्‍टर के पास जाएं। हरजिंदगी के वेलनेस सेक्शन में हम इसी तरह अपने आर्टिकल्स के जरिए स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के बारे में आप तक सही जानकारी पहुंचाने की कोशिश करते रहेंगे। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।

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