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फैटी लिवर को करना है कम, तो इस तरीके से करें हल्दी, काली मिर्च और नींबू का इस्तेमाल

लिवर के फैटी होने की शुरुआत यानी ग्रेड 1 फैटी लिवर के साथ ही इसके लक्षणों को रिवर्स करने के लिए कोशिश करना बहुत जरूरी है। हल्दी, काली मिर्च और नींबू काफी हद तक इसके लक्षणों को कम करने में मदद कर सकते हैं।  
Editorial
Updated:- 2026-02-06, 23:18 IST

फैटी लिवर आजकल काफी आम दिक्कत बन गई है। क्या आपको पता है कि शरीर में इंफ्लेमेशन अगर लंबे समय तक बढ़ा हुआ रहता है, तो इसका असर इंसुलिन सेंसिटिविटी, मेटाबॉलिज्म और लिवर हेल्थ पर होता है।  इसकी वजह से कमजोरी, फैटी लिवर, मोटापा और हार्मोनल इंबैलेंस जैसी दिक्कतें होती हैं। ऐसे में लिवर हेल्थ पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। सही खान-पान की मदद से लिवर हेल्थ में सुधार होता है, इंसुलिन रेजिस्टेंस कम होता है, इंफ्लेमेशन कम होता है और मेटाबॉलिज्म में सुधार होता है। कई आयुर्वेदिक हर्ब्स लिवर फंक्शन और इंसुलिन सेंसिटिविटी को सुधारने में मदद करते हैं। हल्दी, काली मिर्च और नींबू इन्हीं में से एक हैं। इसे कैसे डाइट में शामिल करना है, चलिए इस बारे में एक्सपर्ट से जानते हैं। इस बारे में डॉक्टर दीक्षा भावसार जानकारी दे रही हैं। डॉक्टर दीक्षा, आयुर्वेदिक प्रोडक्ट्स ब्रांड द कदंब ट्री की फाउंडर और BAMS (Bachelor of Ayurveda Medicine) हैं।

फैटी लिवर को कम करने के लिए करें हल्दी, काली मिर्च और नींबू का इस्तेमाल

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  • एक्सपर्ट का कहना है कि हल्दी लिवर को डिटॉक्स करती है, इंफ्लेमेशन और लिवर में जमा फैट को कम करती है।
  • ये ग्लूकोज मेटाबॉलिज्म को भी सुधारती है और फैटी लिवर में बेहद फायदेमंद होती है।
  • हल्दी फैटी लिवर, पीसीओएस, मेटाबॉलिक इंबैलेंस और इंफ्लेमेशन को कम करने में मदद करती है।
  • आप हल्दी का खाना बनाने में तो इस्तेमाल करती ही हैं, इसके अलावा हल्दी को थोड़े से घी में मिलाकर खाना फायदेमंद रहेगा।

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  • नींबू, लिवर एंजाइम्स के सीक्रेशन को बढ़ाता है, फैट डाइजेशन और इंसुलिन सेंसिटिविटी को सुधारता है।
  • ये फैटी लिवर, अपच और मील्स के बाद होने वाले भारीपन को कम करने में मदद करता है।
  • गुनगुने पानी में नींबू का रस मिलाकर पीना अच्छा रहेगा। इसके अलावा सूप, सलाद और दालों में नींबू निचोड़कर खाना फायदेमंद रहेगा।

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  • काली मिर्च पाचन को बेहतर बनाने का काम करती है। इससे शरीर में जमा टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं और इंसुलिन सेंसिटिविटी में सुधार होता है।
  • ये फैटी लिवर और इंसुलिन रेजिस्टेंस में बेहतर तरीके से काम करती है। आप काली मिर्च को कूटकर खाने में डालें। जिन लोगों को एसिडिटी है, उन्हें इसके अधिक इस्तेमाल से बचना चाहिए।

 

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फैटी लिवर को कम करने में ये देसी ड्रिंक मदद कर सकती है। हर जिंदगी के वेलनेस सेक्शन में हम इसी तरह अपने आर्टिकल्स के जरिए स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के बारे में आप तक सही जानकारी पहुंचाने की कोशिश करते रहेंगे।
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Image Credit:Freepik

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