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Vastu Tips: मंदिर के द्वार पर लगे सूखे पत्ते बढ़ा सकते हैं नकारात्मकता, जानें वास्तु के उपाय

मंदिर के द्वार पर हम अक्सर तोरण लगाते हैं, लेकिन जब यह सूख जाते हैं, तो हम इसे अक्सर बदलना भूल जाते हैं। आइए बताते हैं इसका आपको क्या करना चाहिए और इसके वास्तु उपाय क्या हैं?
Editorial
Updated:- 2026-04-10, 14:25 IST

हिंदू धर्म में सबसे ज्यादा मंदिर में तोरण या वंदनवार लगाने का विशेष महत्व होता है। इसे किसी भी शुभ कार्यों में लगाया जाता है। इससे घर में सकारात्मकता बनी रहती है। इसलिए आम और अशोक के पत्तों का तोरण लगाया जाता है, लेकिन कुछ ही हफ्तों या महीनों में ये पत्ते सूख जाते हैं। एस्ट्रोलॉजर और वास्तु एक्सपर्ट रिद्धि बहल के अनुसार, मंदिर के द्वार पर लगे ये सूखे पत्ते आपके घर की खुशहाली में बाधा बन सकते हैं और नकारात्मकता को न्योता दे सकते हैं। आइए जानते हैं इससे जुड़े वास्तु नियम और उपाय।

सूखे पत्तों का नकारात्मक प्रभाव

  • जैसे ही पत्ते सूखकर भूरे और बेजान होने लगते हैं। उन्हें मंदिर से हटा दें। वरना यह नकारात्मकता को बढ़ा सकते हैं। इसलिए आपको इसका खास ध्यान रखना होगा।
  • द्वार पर सूखे पत्ते वास्तु दोष उत्पन्न करते हैं, जिससे परिवार के सदस्यों के कार्यों में रुकावटें आ सकती हैं और घर में कलह का माहौल बन सकता है।

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तोरण हटाने और बदलने के वास्तु नियम

  • तोरण को हटाने के लिए मंगलवार, गुरुवार या शनिवार का दिन उत्तम माना जाता है। कोशिश करें कि एकादशी या पूर्णिमा जैसे शुभ दिनों पर पुराना तोरण हटाकर नया तोरण लगाएं।
  • शास्त्रों के अनुसार, मंदिर से जुड़ी किसी भी सामग्री को कूड़ेदान में नहीं फेंकना चाहिए। सूखे पत्तों को या तो किसी पवित्र नदी में प्रवाहित कर दें, या फिर घर के किसी गमले की मिट्टी में दबा दें। इससे उनकी पवित्रता बनी रहती है और वे खाद के रूप में प्रकृति में मिल जाते हैं।
  • तोरण हटाने के बाद द्वार की चौखट को गंगाजल या साफ पानी से पोंछना चाहिए। इसके बाद ही नया तोरण या कोई अन्य मांगलिक चिन्ह स्थापित करें।

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वास्तु के विशेष उपाय

  • तोरण को हर हफ्ते या 15 दिन में बदलते रहें। अगर ताजे पत्ते उपलब्ध न हों, तो आप तांबे या पीतल के बने तोरण का उपयोग भी कर सकते हैं, जो कभी खराब नहीं होते।
  • केवल मंदिर ही नहीं, घर के मुख्य द्वार पर भी कभी सूखे पत्ते न रहने दें। यह लक्ष्मी के आगमन में बाधा डालता है।

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घर का मंदिर वह केंद्र है जहां से पूरे घर में ऊर्जा का प्रवाह होता है। यहां छोटी से छोटी लापरवाही भी वास्तु दोष का कारण बन सकती है। इसलिए, यदि आपके मंदिर के द्वार पर लगे पत्ते सूख गए हैं, तो उन्हें तुरंत हटाकर अपनी श्रद्धा और घर की शांति को बनाए रखें।

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Image credit-Freepik

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