
हिंदू धर्म में किसी भी अमावस्या तिथि का विशेष महत्व होता है और हर महीने एक अमावस्या तिथि पड़ती है। इन सभी अमावस्या तिथियों में पूर्वजों की शांति के लिए उपाय किए जाते हैं। इनमें से वैशाख अमावस्या का महत्व बहुत ज्यादा होता है। यह दिन विशेष रूप से पूर्वजों की शांति और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन किए गए दान, तर्पण और पूजा-पाठ से पितृ दोष दूर होते हैं और कुछ विशेष उपायों से पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलने के साथ परिवार में सुख-समृद्धि भी बनी रहती है। यदि आपके जीवन में बार-बार बाधाएं आ रही हैं या मानसिक अशांति बनी रहती है, तो वैशाख अमावस्या के दिन कुछ विशेष उपाय करना आपके लिए बेहद लाभकारी हो सकता है। आइए ज्योतिर्विद पंडित रमेश भोजराज द्विवेदी से जानें ऐसे कुछ उपायों के बारे में जो आपको वैशाख अमावस्या के दिन आजमाने चाहिए जिससे पूर्वजों की नाराजगी दूर हो सकती है।

वैशाख अमावस्या के दिन सुबह जल्दी स्नान करने के बाद घर की दक्षिण दिशा की तरफ मुख करके पूर्वजों के नाम से तर्पण करें। यदि आप किसी पवित्र नदी के पास जाकर तर्पण करें तो ज्यादा शुभ माना जाता है। इस दिन आप पानी में काला तिल मिलाकर पितरों के निमित्त तर्पण करें। तर्पण करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और पूर्वज प्रसन्न होकर अपने वंशजों को आशीर्वाद भी देते हैं।
यदि आप वैशाख अमावस्या के दिन जरूरतमंदों को उनकी आवश्यकता की चीजों का दान करती हैं तो आपको पूर्वजों का आशीर्वाद मिलता है। पितरों की शांति के लिए इस दिन दान करना बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन काला तिल, चावल, वस्त्र, अन्न या धन का दान करें। मुख्य रूप से आप इस दिन ब्राह्मणों या जरूरतमंद लोगों को भोजन कराएं जिससे पूर्वजों की नाराजगी दूर हो सकती है।

यदि आप वैशाख अमावस्या के दिन पीपल के वृक्ष की पूजा करें और इस दिन पीपल के पेड़ के सामने दीपक जलाएं, तो आपके जीवन में समृद्धि बनी रहेगी और पूर्वजों की आत्मा को शांति भी मिलती है। इस दिन पीपल के पेड़ में जल चढ़ाएं और शाम के समय सरसों के तेल का दीपक जलाएं। ऐसी मान्यता है कि पीपल में पूर्वजों का वास होता है, इसलिए इस पेड़ की पूजा करने से पितृ कृपा बनी रहती है और पूर्वजों की नाराजगी भी दूर होती है।
यदि आप वैशाख अमावस्या के दिन पितरों के नाम से मंत्र जाप करें जो अत्यंत फलदायी माना जाता है। इस दिन यदि आप 'ॐ पितृदेवाय नमः' मंत्र का जाप करें तो आपको लाभ हो सकता है। इस दिन पितृ स्तोत्र का पाठ करना भी अत्यंत फलदायी माना जाता है। इससे आपके जीवन में मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और पूर्वजों का आशीर्वाद मिलता है।

अगर आप वैशाख अमावस्या के दिन शाम के समय घर के मंदिर या दक्षिण दिशा में घी का दीपक जलाएं तो पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है। दीपदान करने से जीवन की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और पितरों की कृपा बनी रहती है। इस दिन आप घर के मुख्य द्वार पर सरसों के तेल का दीपक जलाएं और पूर्वजों की शांति की प्रार्थना करें। इससे आपके जीवन में सकारात्मकता आएगी।
वैशाख अमावस्या के दिन किए गए ये उपाय आपके जीवन के पितृ दोषों को दूर करने में मदद कर सकते हैं। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
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