
हिंदी सनातन धर्म में मौनी अमावस्या को बहुत ही पावन माना गया है। यह अमावस्या विशेष रूप से स्नान, दान और पितृ तर्पण के लिए जानी जाती है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन जो लोग किसी पवित्र नदी में स्नान करते हैं, उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस दिन स्नान और दान के कई शुभ मुहूर्त होते हैं। इस विषय में हमारी बातचीत मध्यपद्रेश, उज्जैन के ज्योतिषाचार्य एवं पंडित मनीष शर्मा से हुई। वह कहते हैं, "इसे माघी और पूण्यदायनी अमावस्या भी कहा जाता है। इस अमावस्या पर अगर आप किसी पवित्र नदी में स्नान करेंगी, तो आपके पुराने सारे पापों को भगवान माफ कर देंगे। इतना ही नहीं, अगर आपके ऊपर कोई पितृ दोष है, तो वह भी इस दिन स्नान दान करने से दूर हो जाता है।"
मौनी अमावस्या पर स्नान और दान दोनों को अलग-अलग मुहूर्त पर किया जा सकता है और इसके अलग-अलग फल भी प्राप्त होते हैं। इस बार मौनी अमावस्या 18 जनवरी को मनाई जा रही है और इस दिन एक विशेष योग भी पड़ रहा है। पंडित जी कहते हैं, "इस बार मौनी अमावस्या पर सर्वार्थ सिद्धि योग भी बन रहा है। इस योग को स्नान-दान के लिए बहुत शुभ माना जाता है।"

मौनी अमावस्या पर सुबह 5 बजकर 14 मिनट पर र्स्वार्थ सिद्धि योग शुरू होगा और 19 जनवरी को सुबह 7 बजकर 14 मिनट पर यह योग खत्म हो जाएगा। ऐसे में 18 जनवरी को सुबह 10 बजे के बाद आप जब भी किसी पवित्र नदी में स्नान करके किसी जरूरतमंद को दान करेंगे, तो आपको 100 पुण्यों को लाभ प्राप्त होगा। पंडित जी ने कहा, " सर्वार्थ सिद्धि योग के साथ रवि मौनी अमावस्या का संयोग भी बहुत पावन है। इस संयोग में शिववास योग बनता है, जिसमें शिव जी की पूजा करने पर विशेष लाभ होता है। "
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| समय | मुहूर्त | फल |
| शिव वास योग | सुबह 04:43 से 05:23 | जीवन का संकट दूर होता है |
| ब्रह्म मुहूर्त | सुबह 05:27 बजे से 06:27 बजे तक | पाप नष्ट हो जाते हैं। |
| अभिजीत | दोपहर 12:10 बजे से 12:53 बजे | पितृ दोष और गृह दोष दूर होता है |
| विजय मुहूर्त | दोपहर 02:17 बजे से 03:00 बजे तक | मोक्ष की प्राप्ति होती है और सभी पर विजय प्राप्त होती है। |
| समय | मुहूर्त | फल |
| ब्रह्म मुहूर्त | सुबह 05:27 बजे से 06:27 बजे तक | पितरों को शांति मिलती है, धन-समृद्धि आती है, शनि-राहु दोष शांत होते हैं |
| अभिजीत मुहूर्त | दोपहर 12:10 बजे से 12:53 बजे | अक्षय पुण्य के फल की प्राप्ति होती है। |
| गोधूलि बेला | शाम 5:46 से 6:13 बजे | शत्रुओं पर विजय, सभी रुके कार्यों में सफलता मिलती है। |
मौनी अमावस्या 2026 न केवल धार्मिक बल्कि आध्यात्मिक दृष्टि से भी अत्यंत फलदायी मानी जा रही है। इस बार 18 जनवरी 2026 को पड़ रही मौनी अमावस्या पर सर्वार्थ सिद्धि योग, रवि मौनी अमावस्या और शिववास योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जो स्नान, दान और पितृ तर्पण के पुण्य को कई गुना बढ़ा देता है। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन पवित्र नदी में स्नान करने से पापों का नाश, दान करने से अक्षय पुण्य और पितरों के लिए तर्पण करने से पितृ दोष से मुक्ति मिलती है।
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यदि आप जीवन में सुख-समृद्धि, शांति और मोक्ष की प्राप्ति चाहते हैं, तो मौनी अमावस्या पर बताए गए शुभ मुहूर्त में स्नान-दान अवश्य करें। सही विधि और उचित समय में किया गया यह पुण्य कर्म न केवल इस जन्म में बल्कि आने वाले भविष्य के लिए भी कल्याणकारी सिद्ध होता है। अगर आपको यह आर्टिकल पसंद आया हो, तो इसे शेयर जरूर करें और ऐसे ही धर्म से जुड़े आर्टिकल्स पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी के साथ ।
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