
मकर संक्रांति का पर्व हिंदुओं में अत्यंत श्रद्धा भाव से मनाया जाता है। इस दिन मुख्य रूप से दान का महत्व बहुत ज्यादा होता है। ऐसा कहा जाता है कि जो व्यक्ति इस दिन खिचड़ी का दान करता है उसे सभी पापों से मुक्ति मिलती है। इस दिन किया गया खिचड़ी का दान सभी ग्रह दोषों को दूर करता है। यही नहीं ऐसा भी कहा जाता है कि खिचड़ी का दान करने के बाद ही स्वयं भी खिचड़ी ग्रहण करनी चाहिए, इससे भी सभी दोष दूर होते हैं। मान्यता है कि खिचड़ी का दान ब्राह्मण या किसी जरूरतमंद को ही करना चाहिए जिससे इसके कई गुना फल मिलते हैं। ऐसे ही यह भी कहा जाता है कि खिचड़ी का दान करने के कुछ विशेष नियम हैं जिनका पालन हमें जरूर करना चाहिए। आइए ज्योतिषाचार्य राधा कांत वत्स से जानें कि खिचड़ी का दान आपको किन नियमों को ध्यान में रखते हुए करना चाहिए और किन गलितयों से बचना चाहिए जिससे दान का पूर्ण फल मिले।
कई बार हम जाने अनजाने ऐसी गलतियां करते हैं जिनका फल शुभ नहीं माना जाता है। ऐसी ही एक गलती है दान के रूप में खंडित चावल का दान करना। ऐसा कहा जाता है कि पूजा-पाठ या दान के लिए कभी भी खंडित चावल या अक्षत का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। अगर आप भी दान में टूटे हुए चावल का दान करती हैं तो आपको इस बात का ध्यान जरूर रखना चाहिए कि आप दाल के साथ जो चावल दान में दे रही हैं वो साबुत होने चाहिए। इससे आपको खिचड़ी दान का पूर्ण फल मिलता है।

कई बार लोग दान करने के बाद उस दान का दिखावा भी करते हैं। ऐसा कहा जाता है कि आप जिस चीज का दान कर रही हैं आपको उसका दिखावा नहीं करना चाहिए। अगर आप दान करने के बाद उसका दिखावा करती हैं, तो उस दान का पूर्ण फल नहीं मिलता है। आपको कभी भी खिचड़ी का दान करने के बाद उसका दिखावा नहीं करना चाहिए। दान यदि गुप्त रूप से किया जाता है तो उसका फल कई गुना ज्यादा मिलता है।
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खिचड़ी का दान हमेशा जरूरतमंद व्यक्ति को ही करना चाहिए जिससे उसको लाभ हो सकें, लेकिन यदि आप किसी संपन्न व्यक्ति को खिचड़ी का दान करती हैं तो यह फलदायी नहीं माना जाता है। आप जब भी खिचड़ी का दान करें ध्यान रखें कि जरूरतमंद व्यक्ति को ही खिचड़ी का दान करें। मकर संक्रांति पर खिचड़ी का दान किसी गरीब या असहाय व्यक्ति को ही करना चाहिए।

आपको कभी भी बासी खिचड़ी का दान नहीं करना चाहिए। आपको मकर संक्रांति के दिन सबसे पहले खिचड़ी का दान करना चाहिए उसके बाद ही स्वयं खिचड़ी ग्रहण करनी चाहिए। आपको भूलकर भी बासी खिचड़ी या जूठी खिचड़ी का दान नहीं करना चाहिए। इससे आपको पुण्य की जगह पाप लग सकता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दान की वस्तु हमेशा ताजी और सात्विक होनी चाहिए। दान के रूप में दिए गए बासी भोजन में नकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। इससे दान का फल उल्टा भी पड़ सकता है। इसलिए खिचड़ी का दान हमेशा ताजी बनी हुई और गर्म खिचड़ी का ही करें।
आपको खिचड़ी का दान करते समय यहां बताई बातों का ध्यान रखना चाहिए, जिससे किसी भी तरह के दोषों से मुक्ति मिले और दान का पूरा फल भी मिले।
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