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पंचामृत और चरणामृत से जुड़ी इन गलतियों से हो सकते हैं लड्डू गोपाल रुष्ट  

लड्डू गोपाल की सेवा लगभग हर घर में होती है, बता दें कि गोपाल जी को स्नान करवाए गए चरणामृत और पंचामृत के कई नियम है। बहुत से लोग अनजाने में चरणामृत और पंचामृत से जुड़ी इन गलतियों को जरूर करते हैं। <div>&nbsp;</div>
Editorial
Updated:- 2024-08-08, 12:00 IST

लड्डू गोपाल की सेवा का विशेष महत्व है। लोग गोपाल को बहुत सेवा भाव से पूजते हैं। लड्डू गोपाल को लोग कई चीजों से स्नान करवाते हैं। अधिकतर लोग गोपाल जी को पंचामृत और साधारण जल से स्नान करवाते हैं, ऐसे में लड्डू गोपाल के पंचामृत और चरणामृत से जुड़ी ये गलतियां जरूर करते हैं। बता दें कि लोग बहुत साधारण गलतियां करते है, जिससे लड्डू गोपाल नाराज भी हो सकते हैं, साथ ही पूजा का फल भी नहीं मिलेगा। ऐसे में आप पंचामृत और चरणामृत से जुड़ी इन गलतियों को न दोहराएं।

कहीं भी नहीं फेंकना चाहिए

चरणामृत और पंचामृत को कभी भी कहीं भी नहीं फेंकना चाहिए, यदि आप चरणामृत और पंचामृत का सेवन नहीं कर पा रहे हैं, तो आप उसे किसी पवित्र स्थान या पेड़ पर डाल दें।

किसी भी जानवर को न दें

चरणामृत और पंचामृत यदि अधिक है और यह लोगों में बांटने के बाद भी बचा हुआ है, तो उसे किसी भी जानवर के आगे न डालें। किसी भी जानवर को देने से चरणामृत और पंचामृत का अपमान होता है। ऐसे में यदि चरणामृत और पंचामृत अधिक है तो उसे गाय या उसके बछड़े को दे सकते हैं।

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शुद्ध दही और दूध का उपयोग करें

avoid these mistakes while using panchamrit and charnamri

पंचामृत बनाने के लिए आपको शुद्ध दही और दूध का उपयोग करें। दूध हमेशा ताजा और बिना पका हुआ होना चाहिए। वहीं दही भी ताजी और शुद्ध हो, 2-3 पहले का पुरानी या बासी दही का उपयोग न करें।

शुद्ध जल से बनाएं चरणामृत

चरणामृत लड्डू गोपाल को स्नान करते हुए जल को कहा जाता है। आप जब भी लड्डू गोपाल को स्नान करवाएं तब ताजे एवं शुद्ध पानी का उपयोग करें। कभी भी गंदे या अशुद्ध पानी का उपयोग न करें।

आसन पर बैठकर ही लड्डू गोपाल को स्नान

जब भी लड्डू गोपाल को चरणामृत और पंचामृत से स्नान करवाएं आसन ग्रहण कर बैठ जाएं। बैठने के बाद भाव और प्रेम पूर्वक उन्हें चरणामृत या पंचामृतसे स्नान करवाएं। कभी भी लड्डू गोपाल को शुद्ध जल और पंचामृत से स्नान करवाएं तो स्वयं आसन जरूर ग्रहण करें।

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इस तरह से करें चरणामृत और पंचामृत का पान

avoid these mistakes while using panchamrit

लड्डू गोपाल को स्नान कराने के बाद चरणामृत को हमेशा हथेली को ज्ञान मुद्रा में करके ग्रहण करें। इसके अलावा पंचामृत को हथेली में लेकर ग्रहण करें।

 

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Image Credit: Freepik, soosi.co.in, herzindagi  

 

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