
आज शुक्रवार, 30 जनवरी 2026 का दिन संतान सुख और पूर्वजों के आशीर्वाद का दिन है। आज माघ मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि है, जिसे भीष्म द्वादशी या तिल द्वादशी के नाम से जाना जाता है। मान्यता है कि आज के दिन ही भीष्म पितामह के निमित्त तर्पण करने से योग्य और आज्ञाकारी संतान की प्राप्ति होती है और संतान पर आने वाले संकट टल जाते हैं।
| तिथि | नक्षत्र | दिन/वार | योग | करण |
| द्वादशी (सुबह 11:11 बजे तक) | मृगशिरा उसके बाद आर्द्रा | शुक्रवार | वैधृति | बव |
| प्रहर | समय |
| सूर्योदय | सुबह 06 बजकर 51 मिनट पर होगा। |
| सूर्यास्त | शाम 05 बजकर 26 मिनट पर होगा। |
| चंद्रोदय | सुबह 03 बजकर 11 मिनट पर होगा। |
| चंद्रास्त | रात्रि 05 बजकर 26 मिनट पर होगा। |
| मुहूर्त नाम | मुहूर्त समय |
| ब्रह्म मुहूर्त | (सूर्य पूजन का शुभ समय) सुबह 05 बजकर 19 मिनट से 06 बजकर 07 मिनट तक |
| अभिजीत मुहूर्त | (सूर्य पूजन का शुभ समय) दोपहर 12 बजकर 01 मिनट से 12 बजकर 45 मिनट तक |
| विजय मुहूर्त | दोपहर 02 बजकर 33 मिनट से 03 बजकर 17 मिनट तक |
| गोधूलि मुहूर्त | शाम 06 बजकर 02 मिनट से 06 बजकर 29 मिनट तक |
| मुहूर्त नाम | मुहूर्त समय |
| राहुकाल | सुबह 11 बजकर 06 मिनट से दोपहर 12 बजकर 30 मिनट तक |
| यमगंड | दोपहर 03 बजकर 17 मिनट से 04 बजकर 41 मिनट तक |
| गुलिक काल | सुबह 08 बजकर 20 मिनट से 09 बजकर 43 मिनट तक |
शुक्रवार को राहु काल सुबह 11:00 बजे से 12:30 बजे के बीच होता है। इस समय कोई भी नया निवेश न करें और न ही यात्रा शुरू करें।
महाभारत के अनुसार, भीष्म पितामह ने स्वेच्छा से देह त्यागने के लिए माघ मास को चुना था। आज के दिन जो निसंतान दंपत्ति भीष्म पितामह की कथा सुनते हैं और ब्राह्मणों को भोजन कराते हैं, उन्हें गुणी संतान की प्राप्ति होती है। यह तिथि शारीरिक रोगों, विशेषकर हड्डियों के दर्द से राहत दिलाने वाली मानी जाती है।
आज सुबह के बाद आर्द्रा नक्षत्र लगेगा। आर्द्रा का स्वामी राहु है और देवता रूद्र शिव हैं। आर्द्रा का अर्थ है गीला या आंसुओं की बूंद , शुक्रवार और आर्द्रा नक्षत्र का संयोग मन को बहुत भावुक बनाता है। जिसके प्रभाव से आज पुरानी यादें या दबी हुई भावनाएं बाहर आ सकती हैं। शिव जी की उपासना से मन शांत होगा। आज राहु का नक्षत्र होने से आज का दिन कंप्यूटर, इलेक्ट्रॉनिक्स और रिसर्च से जुड़े कार्यों के लिए बेहतरीन है। प्रेम संबंधों के लिए यह दिन पैशन से भरा होता है, लेकिन इसमें भ्रम का भी खतरा रहता है। आज के दिन के प्रभाव से लोग किसी के प्रति अत्यधिक आकर्षित हो सकते हैं, लेकिन सावधान रहें, क्योंकि जो जैसा दिख रहा है, जरूरी नहीं कि वह वैसा ही हो। रिश्तों में मिसअंडस्टैंडिंग बहुत जल्दी हो सकती है।आज मोबाइल, लैपटॉप या कोई गैजेट खरीदने के लिए दिन अच्छा है
आज शुक्रवार है, शाम को घर के मुख्य द्वार पर घी का दीपक जलाएं और श्री सूक्त का पाठ करें।
आज स्नान के बाद एक लोटे में जल, तिल और कुश लेकर दक्षिण दिशा में अर्घ्य दें। यह संतान की सुरक्षा करता है।
आर्द्रा नक्षत्र के प्रभाव को शुभ करने के लिए शिवलिंग पर शहद और जल चढ़ाएं। इससे मानसिक तनाव दूर होता है।
द्वादशी के दिन ब्राह्मण को आटा, घी, गुड़ दान करना पूर्वजों को प्रसन्न करता है।
आज के दिन तिल का दान करना अति शुभ होता है।
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image credit: herzindagi
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