
आज मंगलवार, 03 मार्च 2026 का दिन सनातन धर्म में स्नान, दान और आध्यात्मिक साधना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। आज फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि शाम 05:10 बजे तक रहेगी, जिसे स्नान-दान पूर्णिमा कहा जाता है। आज आकाश मंडल में सुबह 07:32 बजे तक मघा नक्षत्र रहेगा और उसके बाद पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र लग जाएगा। साथ ही, आज सुबह 10:23 बजे तक सुकर्मा योग बन रहा है। सुकर्मा योग में किए गए सभी शुभ कार्य और दान-पुण्य सफल होते हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आज चंद्र ग्रहण भी है। पूर्णिमा के दिन चंद्र ग्रहण का पड़ना तंत्र साधना, मंत्र सिद्धि और दान-पुण्य के महत्व को कई गुना बढ़ा देता है। आइए जानते हैं मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित सौरभ त्रिपाठी से आज का पंचांग, चंद्र ग्रहण का महत्व और अचूक उपाय।

| तिथि | नक्षत्र | दिन/वार | योग | करण |
| पूर्णिमा (शाम 05:10 बजे तक) | मघा | मंगलवार | सुकर्मा | बव |
| प्रहर | समय |
| सूर्योदय | सुबह 06 बजकर 30 मिनट पर होगा |
| सूर्यास्त | शाम 06 बजकर 12 मिनट पर होगा |
| चंद्रोदय | शाम 06 बजकर 12 मिनट पर होगा |
| चंद्रास्त | अगले दिन सुबह 07 बजकर 05 मिनट पर |
| मुहूर्त नाम | मुहूर्त समय |
| ब्रह्म मुहूर्त | (सूर्य पूजन का शुभ समय) सुबह 04 बजकर 51 मिनट से 05 बजकर 39 मिनट तक |
| अभिजीत मुहूर्त | (सूर्य पूजन का शुभ समय) सुबह 11 बजकर 59 मिनट से 12 बजकर 45 मिनट तक |
| विजय मुहूर्त | दोपहर 02 बजकर 54 मिनट से 03 बजकर 41 मिनट तक |
| गोधूलि मुहूर्त | शाम 06 बजकर 29 मिनट से 06 बजकर 54 मिनट तक |
| मुहूर्त नाम | मुहूर्त समय |
| राहु काल | दोपहर 03 बजकर 28 मिनट से 04 बजकर 58 मिनट तक |
| यमगंड | सुबह 09 बजकर 27 मिनट से 10 बजकर 57 मिनट तक |
| गुलिक काल | दोपहर 12 बजकर 27 मिनट से 01 बजकर 58 मिनट तक |
मंगलवार को राहु काल दोपहर 03:00 बजे से 04:30 बजे के आसपास होता है। चंद्र ग्रहण का सूतक काल ग्रहण शुरू होने से 9 घंटे पूर्व लग जाता है, इसलिए सूतक काल और राहु काल के समय कोई भी नया शुभ कार्य, मूर्ति स्पर्श या भोजन पकाना वर्जित माना जाता है।
आज फाल्गुन पूर्णिमा शाम 05:10 बजे तक है। आज के दिन पवित्र नदियों में स्नान करने और दान देने का विशेष महत्व है। मान्यता है कि आज किए गए दान से जन्म-जन्मांतर के पाप नष्ट हो जाते हैं और पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है।आज पूर्णिमा के दिन चंद्र ग्रहण लग रहा है। ग्रहण काल के दौरान प्रकृति में नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ जाता है, इसलिए इस समय मंत्र जाप, ध्यान और भगवान का स्मरण करना सबसे उत्तम माना गया है। ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान करके दान अवश्य करना चाहिए।
आज सुबह 10:23 बजे तक सुकर्मा योग रहेगा। यह योग सत्कर्म और धर्म के कार्यों के लिए बहुत शुभ है। सुबह 07:32 बजे तक मघा नक्षत्र रहेगा, जिसके स्वामी केतु और देवता पितर हैं। यह समय पितरों के निमित्त तर्पण और दान के लिए अत्यंत फलदायी है।

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