Tue Mar 3, 2026 | Updated 08:59 AM IST
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Aaj Ka Choghadiya 3 March 2026: फाल्गुन पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण और मघा नक्षत्र का मेल, जानें आज का चौघड़िया मुहूर्त

03 मार्च 2026 को फाल्गुन पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण और मघा नक्षत्र का विशेष संयोग बन रहा है। यह दिन स्नान-दान, जप-तप और पितृ शांति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। ग्रहण काल में मूर्ति स्पर्श वर्जित है, मानसिक जाप करें।
Editorial
Updated:- 2026-03-03, 07:10 IST

03 मार्च 2026 आज मंगलवार है। आज फाल्गुन पूर्णिमा का स्नान-दान का पर्व है। आज के दिन की सबसे बड़ी खगोलीय और ज्योतिषीय घटना यह है कि आज चंद्र ग्रहण लग रहा है। आज मघा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। मघा का अर्थ है महान और इसके देवता पितर हैं तथा इसके स्वामी केतु हैं। ग्रहण के समय केतु के नक्षत्र का होना तंत्र, मंत्र सिद्धि और पितृ शांति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही आज सुकर्मा योग बन रहा है। मंगलवार, चंद्र ग्रहण और पूर्णिमा का स्नान-दान आज के दिन को दान-पुण्य, जप-तप और आध्यात्मिक शुद्धि के लिए वर्ष का सबसे बड़ा दिन बनाता है।

आज के दिन का आध्यात्मिक महत्व-

चंद्र ग्रहण और पूर्णिमा के संयोग पर पवित्र नदियों में स्नान और दान करने से हजार गुना अधिक पुण्य मिलता है। मघा नक्षत्र पितरों का नक्षत्र होने के कारण आज ग्रहण काल या सुबह स्नान के बाद पितरों के निमित्त तर्पण करना, सफेद वस्तुएं चावल, चीनी, दूध, चांदी और काले तिल का दान करना जन्म कुंडली के राहु-केतु दोष और पितृ दोष को हमेशा के लिए शांत कर देता है। सूतक काल और ग्रहण के समय मूर्ति स्पर्श वर्जित होता है, इसलिए इस दौरान केवल ॐ सोम सोमाय नमः या ॐ नमः शिवाय का मानसिक जाप करें। यह साधना आपको अनंत सिद्धियां प्रदान करेगी।

दिन का चौघड़िया – 03 मार्च 2026 (सूर्योदय से सूर्यास्त तक)

  • आज मंगलवार है, इसलिए दिन की शुरुआत रोग चौघड़िया से हो रही है।
  • मंगलवार की सुबह रोग चौघड़िया से शुरू होती है। पूर्णिमा के कारण सुबह उठकर पवित्र स्नान करना और दान-पुण्य का संकल्प लेने के लिए यह समय उत्तम है। कोई नया सांसारिक काम शुरू न करें।
  • उद्वेग चौघड़िया में यह समय शांत रहने, व्यर्थ के विवादों से बचने और ईष्ट देव के मंत्रों का मानसिक जाप करने के लिए है।
  • चल चौघड़िया में स्थिति सामान्य होगी। मघा नक्षत्र के प्रभाव से आज की गई कोई अनिवार्य यात्रा या सामान्य कार्य ठीक रहेंगे, लेकिन ग्रहण सूतक के नियमों का पालन अवश्य करें।
  • लाभ चौघड़िया में आध्यात्मिक लाभ अर्जित करने के लिए यह समय बहुत शुभ है। सुकर्मा योग का फल यहाँ आपके पुण्यों में वृद्धि करेगा।
  • अमृत चौघड़िया में दिन का यह समय जप-तप और मंत्र सिद्धि के लिए सर्वश्रेष्ठ है। यदि आप कोई विशेष मंत्र सिद्ध करना चाहते हैं या इष्ट देव की आराधना कर रहे हैं, तो यह शुभ है।
  • काल चौघड़िया में इस समय सतर्क रहें मशीनरी, अग्नि और वाहन से जुड़े कार्यों में सावधानी बरतें। गर्भवती महिलाओं को इस समय विशेष सावधानी रखनी चाहिए।
  • शुभ चौघड़िया वैसे तो यह शुभ चौघड़िया है, लेकिन मंगलवार को दोपहर 03:00 बजे से 04:30 बजे तक राहुकाल रहता है। इसलिए इस चौघड़िया का पूरा समय राहुकाल के प्रभाव में दूषित रहेगा। सांसारिक और शुभ कार्यों से पूरी तरह बचें।
  • रोग चौघड़िया दिन का समापन थकान और सुस्ती के साथ हो सकता है।

दिन के चौघड़िया समय

मुहूर्त का नाम                    समय
उद्वेग                                               06:30 बजे से 07:58 बजे तक
चल 07:58 बजे से 09:26 बजे तक
लाभ 09:26 बजे से 10:54 बजे तक
अमृत 10:54 बजे से 12:22 बजे तक                                                
काल 12:22 बजे से 01:50 बजे तक
शुभ 01:50 बजे से 03:18 बजे तक
रोग 03:18 बजे से 04:46 बजे तक
उद्वेग 04:46 बजे से 06:15 बजे तक

रात का चौघड़िया – (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक)

  • चंद्र ग्रहण की समाप्ति के बाद की रात शुद्धि, दान और शांति के लिए जानी जाती है।
  • सूर्यास्त के बाद का समय काल चौघड़िया के अधीन है। ग्रहण के बाद घर के मंदिर की सफाई करें, नया दीपक जलाएं और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए घर में कपूर का धुआं करें।
  • लाभ चौघड़िया में यह समय बहुत शुभ है। परिवार के साथ समय बिताने, ग्रहण के बाद का सात्विक भोजन करने और मन को शांत करने के लिए यह समय उत्तम है।
  • उद्वेग चौघड़िया में ग्रहण के प्रभाव से मन में थोड़ी चिंता या पुरानी नकारात्मक बातें आ सकती हैं। शांत रहें और विवाद न करें।
  • शुभ चौघड़िया में यह मध्य रात्रि का समय सुखद और शांतिपूर्ण है। अच्छी नींद और मानसिक तनाव से मुक्ति के लिए यह समय अच्छा है।
  • अमृत चौघड़िया में यह समय गुप्त साधना, ध्यान और चंद्र देव के मंत्रों के जाप के लिए अद्भुत है। जो लोग साधना करते हैं, उनके लिए यह रात अत्यधिक ऊर्जावान है।
  • चल चौघड़िया में यह समय सामान्य है ।इस समय शांत रहना और आराम करना चाहिए
  • रोग चौघड़िया में स्वास्थ्य का ध्यान रखें और विश्राम करें। ग्रहण के दिन गरिष्ठ भोजन करने से बचें।
  • काल चौघड़िया में सुबह होने से पहले का समय यात्रा के लिए वर्जित है। नए और शुद्ध दिन की शुरुआत से पहले ध्यान करें।

रात के चौघड़िया समय

मुहूर्त का नाम                    समय
शुभ                                               06:15 बजे से 07:48 बजे तक
अमृत 07:47 बजे से 09:19 बजे तक
चल 09:19 बजे से 10:51 बजे तक
रोग 10:51 बजे से 12:23 बजे तक                                                
काल 12:23 बजे से 01:55 बजे तक
लाभ 01:55 बजे से 03:27 बजे तक
उद्वेग  03:27 बजे से 04:59 बजे तक
शुभ 04:59 बजे से 06:29 बजे तक

 

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Images: Shutterstock.com   

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