
आज शुक्रवार, 27 फरवरी 2026 का दिन भगवान श्री हरि विष्णु और माता लक्ष्मी की आराधना के लिए वर्ष के सबसे पवित्र दिनों में से एक है। आज फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि है, जिसे आमलकी एकादशी या रंगभरी एकादशी के नाम से जाना जाता है। आज के दिन आँवले के वृक्ष की पूजा का विशेष विधान है और ऐसा माना जाता है कि इसमें साक्षात भगवान विष्णु का वास होता है। आज आकाश मंडल में आर्द्रा नक्षत्र सुबह 10:35 बजे तक रहेगा, जिसके बाद देवगुरु बृहस्पति का पुनर्वसु नक्षत्र लग जाएगा। आज आयुष्मान योग रात 07:43 बजे तक रहेगा। शुक्रवार लक्ष्मी जी का दिन और एकादशी विष्णु जी की तिथि का यह लक्ष्मी-नारायण संयोग सुख, सौभाग्य और मोक्ष प्राप्ति के लिए सर्वोत्तम है। आइए जानते हैं मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित सौरभ त्रिपाठी से आज का पंचांग, शुभ मुहूर्त और उपाय।

| तिथि | नक्षत्र | दिन/वार | योग | करण |
| एकादशी (रात 1O:35 बजे तक) | आर्द्रा | शुक्रवार | आयुष्मान | वणिज |
| प्रहर | समय |
| सूर्योदय | सुबह 06 बजकर 34 मिनट पर होगा |
| सूर्यास्त | शाम 06 बजकर 12 मिनट पर होगा |
| चंद्रोदय | दोपहर 02 बजकर 05 मिनट पर होगा |
| चंद्रास्त | सुबह 04 बजकर 11 मिनट पर होगा |
| मुहूर्त नाम | मुहूर्त समय |
| ब्रह्म मुहूर्त | (सूर्य पूजन का शुभ समय) सुबह 04 बजकर 55 मिनट से 05 बजकर 43 मिनट तक |
| अभिजीत मुहूर्त | (सूर्य पूजन का शुभ समय) दोपहर 12 बजकर 01 मिनट से 12 बजकर 46 मिनट तक |
| विजय मुहूर्त | दोपहर 02 बजकर 52 मिनट से 03 बजकर 39 मिनट तक |
| गोधूलि मुहूर्त | शाम 06 बजकर 27 मिनट से 06 बजकर 52 मिनट तक |
| मुहूर्त नाम | मुहूर्त समय |
| राहु काल | सुबह 11 बजकर 00 मिनट से दोपहर 12 बजकर 29 मिनट तक |
| यमगंड | दोपहर 03 बजकर 28 मिनट से 04 बजकर 58 मिनट तक |
| गुलिक काल | सुबह 08 बजकर 00 मिनट से 09 बजकर 30 मिनट तक |
शुक्रवार को राहु काल सुबह 10:30 बजे से 12:00 बजे के आसपास होता है। आमलकी एकादशी के पावन अवसर पर राहु काल के समय पूजा का संकल्प लेने या कोई नया कॉन्ट्रैक्ट करने से बचना चाहिए।
आज फाल्गुन शुक्ल एकादशी है जिसे आमलकी एकादशी कहते हैं। पद्म पुराण के अनुसार, जब ब्रह्मा जी की उत्पत्ति हुई थी, तब भगवान विष्णु के हर्ष के आंसुओं से आँवले का वृक्ष उत्पन्न हुआ था। आज के दिन आँवले के पेड़ की पूजा करने, उसका सेवन करने और दान करने से हजार गौदान के बराबर अमोघ पुण्य मिलता है। आज आयुष्मान योग बन रहा है, जो व्यक्ति को लंबी आयु और निरोगी काया का आशीर्वाद देता है। इसके साथ ही आज सुबह 10:49 बजे के बाद पुनर्वसु नक्षत्र लग जाएगा। पुनर्वसु के स्वामी देवगुरु बृहस्पति और देवता अदिति हैं। यह नक्षत्र वापसी , पुनर्प्राप्ति और धन-धान्य का प्रतीक है। खोई हुई वस्तु या अटका हुआ धन वापस पाने के लिए यह नक्षत्र अत्यंत शुभ माना जाता है।
ज्योतिष शास्त्र में शुक्रवार माता लक्ष्मी और शुक्र ग्रह का दिन है, जबकि एकादशी तिथि भगवान विष्णु को परम प्रिय है। आज इन दोनों का मिलन लक्ष्मी-नारायण महायोग बनाता है। आज का दिन आध्यात्मिक साधना के साथ-साथ भौतिक सुख-समृद्धि, ऐश्वर्य और धन पाने के लिए भी उत्तम है। आज गुरु के नक्षत्र के लगने से यह दिन ज्ञान, धार्मिक अनुष्ठान और दान के लिए अजेय बन जाता है।

शाम के समय घर के मुख्य द्वार और तुलसी कोट के पास गाय के शुद्ध घी का दीपक प्रज्वलित करें।
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