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Aaj Ka Choghadiya 27 February 2026: रंगभरी एकादशी पर आयुष्मान योग लाएगा कार्यों में सफलता, जानें आज का चौघड़िया मुहूर्त

27 फरवरी 2026 को रंगभरी एकादशी है, जिस दिन फाल्गुन शुक्ल एकादशी, आर्द्रा नक्षत्र और आयुष्मान योग का शुभ संयोग बन रहा है। यह दिन आंवले के वृक्ष और भगवान विष्णु की पूजा के लिए विशेष फलदायी है, जो राहु-केतु दोषों को शांत करता है।
Editorial
Updated:- 2026-02-27, 07:37 IST

27 फरवरी 2026 आज शुक्रवार है। फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि है, जिसे सनातन धर्म में आमलकी एकादशी या रंगभरी एकादशी के नाम से जाना जाता है। आज आर्द्रा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। आर्द्रा का अर्थ है नमी या आंसू , जो भगवान शिव के रुद्र रूप से जुड़ा है। इसके स्वामी राहु हैं। शुक्रवार और आर्द्रा का संयोग भावनाओं में गहराई और भक्ति लाता है। साथ ही आज अत्यंत शुभ आयुष्मान योग बन रहा है। यह योग लंबी आयु, उत्तम स्वास्थ्य और कार्यों में दीर्घकालिक सफलता देने वाला माना जाता है।

आज के दिन का आध्यात्मिक महत्व-

आमलकी एकादशी के दिन आंवले के वृक्ष और भगवान विष्णु की पूजा का विशेष विधान है। मान्यता है कि आंवले के वृक्ष में भगवान विष्णु और शिव दोनों का वास होता है। आर्द्रा नक्षत्र होने के कारण आज आंवले के पेड़ की परिक्रमा करने और दीपदान करने से राहु-केतु के सभी दोष, कालसर्प दोष और अज्ञात बीमारियां शांत होती हैं। आज शुक्रवार है, इसलिए विष्णु जी के साथ माता लक्ष्मी की पूजा और उन्हें आंवला अर्पित करना अखंड सौभाग्य और धन-धान्य प्रदान करता है।

दिन का चौघड़िया – 27 फरवरी 2026 (सूर्योदय से सूर्यास्त तक)

  • आज शुक्रवार है, इसलिए दिन की शुरुआत चल चौघड़िया से हो रही है।
  • सूर्योदय के समय आर्द्रा नक्षत्र की ऊर्जा के साथ चल चौघड़िया दिन की शुरुआत के लिए बहुत अच्छा है। आंवले के वृक्ष की पूजा, स्नान-दान और एकादशी व्रत का संकल्प लेने के लिए यह समय उत्तम है।
  • लाभ चौघड़िया में यह समय व्यापार, धन निवेश और नए संपर्कों के लिए बहुत शुभ है। शुक्रवार को लाभ चौघड़िया में लक्ष्मी-नारायण पूजन से धन की वृद्धि होती है और रुके हुए कार्य गति पकड़ते हैं।
  • अमृत चौघड़िया में शुक्रवार को अमृत चौघड़िया अत्यंत शुभ होता है, परंतु शुक्रवार को सुबह 10:30 बजे से 12:00 बजे तक राहुकाल रहता है। इसलिए 09:28 से 10:30 बजे तक का समय पूजा-पाठ और महत्वपूर्ण कार्यों के लिए 'गोल्डन टाइम' है। 10:30 बजे के बाद राहुकाल लग जाएगा, इसलिए शुभ कार्य रोक दें।
  • काल चौघड़िया में यह समय राहुकाल और काल चौघड़िया दोनों के प्रभाव में है। आर्द्रा नक्षत्र की उग्रता इस समय मानसिक उलझन या नुकसान पहुंचा सकती है। कोई भी नया काम, रिस्क या वाद-विवाद न करें।
  • शुभ चौघड़िया में दोपहर का यह समय शांतिपूर्ण है। आमलकी एकादशी की कथा सुनने, दान देने और सामाजिक कार्यों के लिए यह समय उत्तम है। आयुष्मान योग का प्रभाव यहाँ स्वास्थ्य और यश देगा।
  • रोग चौघड़िया में इस समय शारीरिक आलस्य या थकान महसूस हो सकती है। एकादशी के उपवास के कारण सुस्ती आ सकती है, इसलिए शरीर को थोड़ा विश्राम दें।
  • उद्वेग चौघड़िया में मन में चिंता या भविष्य का डर सता सकता है। राहु इस समय भटकाव या कन्फ्यूजन दे सकते हैं। मन को शांत रखें और विष्णु मंत्रों का मानसिक जाप करें।
  • चल चौघड़िया में दिन का समापन चल चौघड़िया से होगा। शाम के समय घर के कार्यों को निपटाने, संध्या आरती की तैयारी और वीकेंड की रूपरेखा बनाने के लिए यह समय ठीक है।

 

दिन के चौघड़िया समय

मुहूर्त का नाम                    समय
लाभ                                               06:34 बजे से 08:01 बजे तक
अमृत 08:01 बजे से 09:28 बजे तक
काल 09:28 बजे से 10:55 बजे तक
शुभ 10:55 बजे से 12:22 बजे तक                                                
रोग 12:22 बजे से 01:50 बजे तक
उद्वेग 01:50 बजे से 03:18 बजे तक
चल  03:18 बजे से 04:44 बजे तक
लाभ 04:44 बजे से 06:14 बजे तक

रात का चौघड़िया – (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक)

  • आमलकी एकादशी की रात हरि कीर्तन, जागरण और राहु शांति के उपायों के लिए विशेष होती है।
  • रोग चौघड़िया में सूर्यास्त के समय ये चौघड़िया स्वास्थ्य के प्रति सचेत करता है। आंवले के वृक्ष के पास या घर के मुख्य द्वार और तुलसी पर दीपदान अवश्य करें, इससे नकारात्मकता दूर होगी।
  • काल चौघड़िया में यह समय शुभ कार्यों के लिए नहीं है। मौन रहें, अनावश्यक बहस से बचें और घर पर ही समय बिताएं।
  • लाभ चौघड़िया में जागरण का उत्तम समय है आमलकी एकादशी के जागरण, भजन और विष्णु सहस्त्रनाम के पाठ के लिए यह समय बहुत लाभकारी है। आर्द्रा नक्षत्र की ऊर्जा इस समय पूर्ण भक्ति में बदल जाती है।
  • उद्वेग चौघड़िया में इस समय पर मन थोड़ा अशांत हो सकता है या पुरानी बातें याद आ सकती हैं।
  • शुभ चौघड़िया में निशिता काल में मध्य रात्रि का यह समय बहुत ही पवित्र है। ध्यान, साधना और मानसिक शांति के लिए यह समय सर्वश्रेष्ठ है।
  • अमृत चौघड़िया में यह समय शुक्रवार की रात अमृत चौघड़िया भोग और मोक्ष दोनों देता है। जो लोग सो रहे हैं, उन्हें सुखद नींद आएगी और जो साधक जाग रहे हैं, उन्हें सिद्धि मिलेगी।
  • चल चौघड़िया में ब्रह्म मुहूर्त में सुबह उठने और एकादशी व्रत के पारण की तैयारी करने का यह सही समय है। योग और प्राणायाम के लिए यह बेला सर्वोत्तम है।
  • रोग चौघड़िया में अगले दिन की सुबह होने से पहले थोड़ा विश्राम करें।

रात के चौघड़िया समय

मुहूर्त का नाम                    समय
लाभ                                               06:14 बजे से 07:47 बजे तक
अमृत 07:47 बजे से 09:20 बजे तक
काल 09:20 बजे से 10:53 बजे तक
शुभ 10:53 बजे से 12:26 बजे तक                                                
रोग 12:26 बजे से 01:59 बजे तक
उद्वेग 01:59 बजे से 03:32 बजे तक
चल  03:32 बजे से 05:05 बजे तक
लाभ 05:05 बजे से 06:33 बजे तक

 

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Images: Shutterstock.com   

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