
आज मंगलवार, 24 फरवरी 2026 का दिन शक्ति की देवी माँ दुर्गा और संकटमोचन हनुमान जी की आराधना के लिए अत्यंत विशेष है। आज फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि सुबह 07:04 बजे तक रहेगी, जिसके बाद अष्टमी तिथि आरंभ हो जाएगी। आज ऐन्द्र योग सुबह 07:23 बजे तक रहेगा और इसके बाद वैधृति योग लग जाएगा। आज आकाश मंडल में कृत्तिका नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। इस नक्षत्र के स्वामी सूर्य हैं और देवता अग्नि देव हैं। कृत्तिका नक्षत्र ऊर्जा, तेज, और नेतृत्व क्षमता का प्रतीक है। मंगलवार और कृत्तिका नक्षत्र का यह संयोग अदम्य साहस और सफलता पाने का अद्भुत मिश्रण है। वैधृति योग होने के कारण आज नए और मांगलिक कार्यों में सावधानी बरतनी चाहिए, लेकिन यह दिन तंत्र-मंत्र और साधना के लिए सर्वोत्तम है। आइए जानते हैं मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित सौरभ त्रिपाठी से आज का पंचांग, शुभ मुहूर्त और उपाय।

| तिथि | नक्षत्र | दिन/वार | योग | करण |
| सप्तमी (सुबह 07:04 बजे तक) | कृत्तिका | मंगलवार | ऐन्द्र | वणिज |
| प्रहर | समय |
| सूर्योदय | सुबह 06 बजकर 36 मिनट पर होगा |
| सूर्यास्त | शाम 06 बजकर 10 मिनट पर होगा |
| चंद्रोदय | सुबह 11 बजकर 01 मिनट पर होगा |
| चंद्रास्त | रात 01 बजकर 11 मिनट पर होगा |
| मुहूर्त नाम | मुहूर्त समय |
| ब्रह्म मुहूर्त | (सूर्य पूजन का शुभ समय) सुबह 04 बजकर 58 मिनट से 05 बजकर 46 मिनट तक |
| अभिजीत मुहूर्त | (सूर्य पूजन का शुभ समय) दोपहर 12 बजकर 00 मिनट से 01 बजकर 46 मिनट तक |
| विजय मुहूर्त | दोपहर 02 बजकर 50 मिनट से 03 बजकर 37 मिनट तक |
| गोधूलि मुहूर्त | शाम 06 बजकर 25 मिनट से 06 बजकर 50 मिनट तक |
| मुहूर्त नाम | मुहूर्त समय |
| राहु काल | दोपहर 03 बजकर 27 मिनट से 04 बजकर 56 मिनट तक |
| यमगंड | सुबह 09 बजकर 31 मिनट से 11 बजकर 00 मिनट तक |
| गुलिक काल | दोपहर 12 बजकर 29 मिनट से 01 बजकर 58 मिनट तक |
मंगलवार को राहु काल दोपहर 3:30 बजे से 5:00 बजे के आसपास होता है। वैधृति योग और राहु काल के समय कोई भी नया और महत्वपूर्ण मांगलिक कार्य शुरू करने से बचना चाहिए।
आज फाल्गुन शुक्ल पक्ष की सप्तमी सुबह 07:04 बजे तक है, जिसके बाद अष्टमी तिथि लग जाएगी। शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि शक्ति स्वरूपा माँ दुर्गा को समर्पित होती है। आज के दिन ऐन्द्र योग सुबह 07:23 बजे तक रहेगा, जो राज-सुख देता है। इसके बाद वैधृति योग लगेगा, जो साधना, जप और दान-पुण्य के लिए तो बहुत शुभ है, लेकिन भौतिक और शुभ कार्यों जैसे विवाह, गृह प्रवेश, नई खरीदारी के लिए इसे वर्जित माना जाता है। इसके साथ ही आज कृत्तिका नक्षत्र है। इसका प्रतीक अग्नि की लपटें या तेज धार वाला हथिया र है, जो बुराइयों को भस्म करने, अदम्य साहस और नई ऊर्जा का सूचक है। यह नक्षत्र किसी भी रुके हुए काम को अपनी इच्छाशक्ति से पूरा करने के लिए अत्यंत शुभ है। इसके देवता अग्नि हैं जो जीवन में पवित्रता और तेजस्विता का आशीर्वाद देते हैं। मंगलवार और कृत्तिका का यह संयोग ऊर्जा और पराक्रम का महायोग बनाता है।
ज्योतिष शास्त्र में मंगलवार हनुमान जी और मंगल देव का दिन माना जाता है। आज के नक्षत्र के स्वामी सूर्य हैं। मंगल और सूर्य दोनों ही उग्र और अग्नि तत्व वाले ग्रह हैं। आज इन दोनों की ऊर्जा का मिलन अपार साहस और नेतृत्व का महायोग बनाता है। आज का दिन प्रशासनिक कार्यों, मुकदमों में जीत और विरोधियों पर हावी होने के लिए उत्तम है। सूर्य और मंगल का प्रभाव आपको निडर बनाता है। हालांकि, वैधृति योग होने के कारण आपको अपनी वाणी, अहंकार और क्रोध पर विशेष नियंत्रण रखना होगा।
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