
आज गुरुवार, 19 फरवरी 2026 का दिन प्रेम, उल्लास और बिना मुहूर्त के शुभ कार्य करने के लिए वर्ष का सबसे पवित्र दिन है। आज फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि है, जिसे पूरे भारत में, विशेषकर ब्रज मंडल में फुलेरा दूज के नाम से जाना जाता है। आज ही के दिन से मथुरा-वृंदावन में फूलों की होली की शुरुआत होती है। आज आकाश मंडल में पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। पूर्वाभाद्रपद के स्वामी देवगुरु बृहस्पति हैं और इसके अधिष्ठाता देवता अज एकपाद हैं। गुरुवार और पूर्वाभाद्रपद का यह 'डबल गुरु' महासंयोग ज्ञान, धन और आध्यात्मिक उन्नति के लिए सर्वोत्तम है। आज फुलेरा दूज है, इसलिए विवाह, सगाई, गृह प्रवेश या नया व्यापार शुरू करने के लिए पंचांग देखने की आवश्यकता नहीं होती आज चंद्रमा कुंभ राशि में होने से अग्नि पंचक का प्रभाव रहेगा। आइए जानते हैं मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित सौरभ त्रिपाठी से आज का पंचांग और गुरुवार के अचूक उपाय।

| तिथि | नक्षत्र | दिन/वार | योग | करण |
| द्वितीया (शाम 04:00बजे तक) | पूर्वाभाद्रपद | गुरुवार | सिद्ध | कौलव |
| प्रहर | समय |
| सूर्योदय | सुबह 06 बजकर 40 मिनट पर होगा |
| सूर्यास्त | शाम 06 बजकर 08 मिनट पर होगा |
| चंद्रोदय | सुबह 07 बजकर 42 मिनट पर होगा |
| चंद्रास्त | शाम 07 बजकर 59 मिनट पर होगा |
| मुहूर्त नाम | मुहूर्त समय |
| ब्रह्म मुहूर्त | (सूर्य पूजन का शुभ समय) सुबह 05 बजकर 02 मिनट से 05 बजकर 50 मिनट तक |
| अभिजीत मुहूर्त | (सूर्य पूजन का शुभ समय) दोपहर 12 बजकर 21 मिनट से 01 बजकर 07 मिनट तक |
| विजय मुहूर्त | दोपहर 02 बजकर 47 मिनट से 03 बजकर 34 मिनट तक |
| गोधूलि मुहूर्त | शाम 06 बजकर 21 मिनट से 06 बजकर 46 मिनट तक |
| मुहूर्त नाम | मुहूर्त समय |
| राहु काल | दोपहर 01 बजकर 56 मिनट से 03 बजकर 24 मिनट तक |
| यमगंड | सुबह 06 बजकर 38 मिनट से 08 बजकर 06 मिनट तक |
| गुलिक काल | सुबह 09 बजकर 34 मिनट से 11 बजकर 02 मिनट तक |
गुरुवार को राहु काल दोपहर 1:30 बजे से 3:00 बजे के बीच होता है। हालांकि फुलेरा दूज दोषमुक्त है, फिर भी अत्यंत महत्वपूर्ण अनुबंध या धन का लेन-देन राहु काल के समय टालना बेहतर है।
शास्त्रों के अनुसार, सर्दी के बाद जब प्रकृति पर वसंत का रंग चढ़ता है, तो भगवान कृष्ण का प्रेम फूलों के रूप में बरसता है। जिन युवक-युवतियों के विवाह में बाधाएं आ रही हैं या जिनका विवाह मुहूर्त नहीं निकल रहा है, वे आज के दिन बिना किसी संकोच के सगाई या विवाह कर सकते हैं। आज के दिन श्री राधा-कृष्ण की पूजा जीवन को फूलों की तरह महका देती है। आज पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र है पूर्वाभाद्रपद का प्रतीक दो चेहरों वाला व्यक्ति या अर्थी के आगे के दो पाये है। यह नक्षत्र व्यक्ति को भीतर से बहुत फोकस्ड और आध्यात्मिक रूप से जाग्रत बनाता है। गुरु का नक्षत्र होने के कारण आज का दिन उच्च शिक्षा, दर्शनशास्त्र और दान-पुण्य के लिए बहुत फलदायी है।यद्यपि दिन अत्यंत शुभ है, लेकिन पंचक होने के कारण आज नई छत ढलवाना, लकड़ी/ईंधन इकट्ठा करना या दक्षिण दिशा में लंबी यात्रा करना वर्जित रहेगा।
ज्योतिष शास्त्र में गुरुवार विस्तार और पूर्वाभाद्रपद देवगुरु का नक्षत्र का मिलन प्रचुरता का योग बनाता है। आज बौद्धिक विकास का दिन है आज विद्यार्थियों, शिक्षकों और सलाहकारों के लिए बहुत बड़ा दिन है। आज आपकी सलाह लोगों का जीवन बदल सकती है। यह संयोग रुका हुआ पैसा वापस दिलाने या किसी नए इन्वेस्टमेंट से बड़ा लाभ कमाने के लिए उत्तम है। ध्यान रहे पूर्वाभाद्रपद एक उग्रस्वभाव का नक्षत्र भी है। दोहरे गुरु प्रभाव के कारण आज आपके अंदर अहंकार आ सकता है। आज विनम्रता बनाए रखें, सफलता आपके कदम चूमेगी।

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