
आज मंगलवार, 17 मार्च 2026 का दिन बहुत ही पवित्र और खास है। आज के दिन भोलेबाबा की कृपा पाने के लिए मासिक शिवरात्रि का महत्वपूर्ण व्रत मनाया जा रहा है। हिंदू पंचांग के अनुसार, आज पवित्र चैत्र महीने के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि सुबह 09:25 बजे तक रहेगी और उसके ठीक बाद चतुर्दशी तिथि लग जाएगी। मासिक शिवरात्रि की पूजा मुख्य रूप से रात के समय होती है, इसलिए आज का दिन शिव भक्तों के लिए बहुत बड़ा है। आज सुबह 06:23 बजे तक धनिष्ठा नक्षत्र रहेगा और उसके बाद शतभिषा नक्षत्र लग जाएगा। इसके साथ ही, आज सुबह 08:14 बजे तक सफलता देने वाला सिद्ध योग रहेगा, जिसके बाद साध्य योग शुरू हो जाएगा। मंगलवार के दिन शिवरात्रि का आना बहुत ही चमत्कारिक संयोग है, क्योंकि मंगलवार हनुमान जी का दिन है और हनुमान जी स्वयं महादेव के ही रूप हैं। आइए, मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित सौरभ त्रिपाठी से आज के इस खास पंचांग की पूरी जानकारी, शुभ-अशुभ समय और जीवन की हर परेशानी को दूर करने के बेहद आसान और घरेलू उपाय विस्तार से जानते हैं।
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| तिथि | नक्षत्र | दिन/वार | योग | करण |
| त्रयोदशी (सुबह 09:25 बजे तक) | शतभिषा | मंगलवार | सिद्ध | वणिज |
त्रयोदशी (सुबह 09:25 बजे तक)
| प्रहर | समय |
| सूर्योदय | सुबह 06 बजकर 17 मिनट पर होगा |
| सूर्यास्त | शाम 06 बजकर 20 मिनट पर होगा |
| चंद्रोदय | सुबह 05 बजकर 37 मिनट पर होगा |
| चंद्रास्त | दोपहर 04 बजकर 47 मिनट पर होगा |
| मुहूर्त नाम | मुहूर्त समय |
| ब्रह्म मुहूर्त | (सूर्य पूजन का शुभ समय) सुबह 04 बजकर 37 मिनट से 05 बजकर 25 मिनट तक |
| अभिजीत मुहूर्त | (सूर्य पूजन का शुभ समय) सुबह 11 बजकर 55 मिनट से 12 बजकर 43 मिनट तक |
| विजय मुहूर्त | दोपहर 02 बजकर 29 मिनट से 03 बजकर 17 मिनट तक |
| गोधूलि मुहूर्त | शाम 06 बजकर 36 मिनट से 07 बजकर 00 मिनट तक |
| मुहूर्त नाम | मुहूर्त समय |
| राहु काल | दोपहर 03 बजकर 30 मिनट से 05 बजकर 03 मिनट तक |
| यमगंड | सुबह 09 बजकर 21 मिनट से 10 बजकर 53 मिनट तक |
| गुलिक काल | दोपहर 12 बजकर 25 मिनट से 01 बजकर 58 मिनट तक |
मंगलवार को राहु काल दोपहर के समय होता है। इस दौरान किसी भी तरह की नई खरीदारी, जरूरी यात्रा की शुरुआत, या बड़े पैसों के लेन-देन से पूरी तरह बचना चाहिए।
आज चैत्र कृष्ण चतुर्दशी को मासिक शिवरात्रि का व्रत रखा जाता है। मंगलवार के दिन शिवरात्रि आने से इसे बहुत शुभ माना जाता है क्योंकि आज भगवान शिव के साथ-साथ हनुमान जी की भी कृपा प्राप्त होती है। आज के दिन और रात में सच्चे मन से शिव पूजा करने से जीवन के सारे दुख, डर और पुरानी बीमारियां खत्म हो जाती हैं। सुबह 08:14 बजे तक सिद्ध योग है। 'सिद्ध' का मतलब होता है पक्की सफलता। आज सुबह के समय शुरू किया गया कोई भी अच्छा काम बिना किसी रुकावट के पूरा होता है।
जब भी कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि आती है, उस दिन भगवान शिव की विशेष उपासना के लिए मासिक शिवरात्रि का व्रत रखा जाता है। यह तिथि हर महीने आती है और इसे भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने का अत्यंत प्रभावशाली समय माना गया है। जब मासिक शिवरात्रि मंगलवार के दिन पड़ती है तो इसका महत्व और अधिक बढ़ जाता है, क्योंकि मंगलवार का स्वामी ग्रह मंगल होता है और ज्योतिष शास्त्र में मंगल को ऊर्जा, साहस, भूमि, रक्त और पराक्रम का कारक ग्रह माना गया है। भगवान शिव को मंगल दोष को शांत करने वाला देवता भी माना जाता है, इसलिए मंगलवार को पड़ने वाली मासिक शिवरात्रि विशेष रूप से मंगल ग्रह से जुड़े दोषों को शांत करने और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का उत्तम अवसर मानी जाती है।
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